Hindi News »Haryana »Hisar» Donated To Mother Kidney After Death By Brain Hemorrhage

ब्रेन हेमरेज ने नीलम को छीना, मगर किडनी डोनेट कर जाते-जाते वो दो को दे गई जिंदगी

हांसी धोला कुआं निवासी 45 वर्षीय नीलम रानी के पुत्र ने जरूरतमंदों की मदद कर पेश की मिसाल।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 03, 2017, 07:58 AM IST

  • ब्रेन हेमरेज ने नीलम को छीना, मगर किडनी डोनेट कर जाते-जाते वो दो को दे गई जिंदगी

    हिसार।मौका पड़े तो खून के रिश्ते भी बड़ी जिम्मेदारियों से पीछे हट जाते हैं, ऐसे में किसी दूसरे के लिए कुछ करने वाले उदाहरण कम ही होते हैं। हांसी की नीलम भी समाज के लिए कुछ ऐसा ही उदाहरण छोड़ गईं। दरअसल हांसी के धोला कुआं निवासी 45 वर्षीय नीलम रानी को सिर में तेज दर्द हुआ।

    ऐसे पता चला कि मां को है ब्रेन हेमरेज

    - प्रारंभिक इलाज करने के बाद भी जब राहत मिली तो नीलम के पुत्र राहुल उन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल में ले गए। वहां भी डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद पाया कि उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ है और उन्हें तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया।

    - पीजीआई के न्यूरो सर्जरी विभाग ने नीलम की गंभीर स्थिति को देखते हुए उनका ऑपरेशन कर दिया, ताकि उनके स्वास्थ्य में सुधार हो सके। मगर जिंदगी से जद्दोजहद के बावजूद नीलम को बचाया नहीं जा सका।

    - खास बात यह है कि अस्पताल में दो मरीज ऐसे भी थे जिन्हें किडनी की सख्त जरूरत थी। मगर किडनी मिलने के कारण उनके परिजनों को काफी दिक्कत हो रही थी। चिकित्सक ने सलाह दी तो नीलम के पुत्र राहुल ने अपनी मां की किडनी डोनेट कर दीं।

    - जिसे चंडीगढ़ पीजीआई के चिकित्सकों ने उन मरीजों के शरीर में ट्रांसप्लांट कर दिया। ऑपरेशन सफल रहा तो अब चिकित्सकों को जल्द ट्रांसप्लांट कराने वाले मरीजों के जल्द सही होने की उम्मीद है।

    राहुल ने बताया
    - नीलम के बेटे राहुल ने बताया कि 22 नवंबर की बात है, रात को करीब साढ़े 9 बने मां की तबियत बिगड़ने लगी। हमारी समझ में ही नहीं रहा था कि करें तो क्या करें, ऐसे में समय बढ़ता गया। 11 बजे मां ने अंतिम सांस ली।

    - पीजीआई के चिकित्सकों ने बताया कि अापकी मां का ब्रेन डेड हो गया है। मगर इससे बाद भी शरीर के कई अंग काम करने रहते हैं, अगर आपकी इच्छा हो तो आप किडनी दान कर सकते हैं। मन में एक ही ख्याल आया कि अंगदान तो महादान होता है। मैं चाहता हूं कि जहां तक संभव हो हमें दूसरों की मदद करनी चाहिए

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Hisar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×