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कोथ कलां डेरे में दिनभर शांति, शाम को बरसे पत्थर

गांव कौथ कलां के दादा कालापीर डेरे की गद्दी को लेकर बुधवार को डेरे पर भारी संख्या में आसपास के ग्रामीण पहुंचे थे।

Danik Bhaskar | Mar 15, 2018, 04:24 AM IST

नारनौंद. गांव कौथ कलां के दादा कालापीर डेरे की गद्दी को लेकर बुधवार को डेरे पर भारी संख्या में आसपास के ग्रामीण पहुंचे थे। कुछ दिनों से जारी विवाद के चलते पुलिस प्रशासन भी सजग बना हुआ था। दिन में आयोजन शांतिपूर्ण रहा। शाम को जैसे ही बाहर से आए मठाधीशों ने बाबा शुक्राईनाथ के महंत पर बने रहने की घोषणा की उसी समय विरोधी पक्ष ने नारबाजी शुरू की थी। उस समय तो मामला भड़कने से बच गया। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद बाबा शुक्राईनाथ ने भंडारे में आए लोगों का आभार जताते हुए शांतिपूर्वक घर जाने की कही।


भजनाईनाथ के समर्थकों ने विरोध जताना किया शुरू
उसके कुछ समय बाद मठ के अंदर बैठे भजनाईनाथ के कुछ साधु व ग्रामीण समर्थकों ने पीठाधीश्वरों के फैसले का विरोध करना आरम्भ किया। इस दौरान काफी तूं तूं मैं मैं हो गई। कुछ देर के बाद जब ग्रामीण अपने अपने घर जा रहे थे तब कुछ शरारती तत्वों ने पत्थरबाजी कर दी जिस पर काबू पाने के लिए पुलिस बल आगे बढ़ा तो पत्थरबाजी की चपेट में आने से कुछ डीएसपी नरेंद्र कादयान सहित कुछ पुलिसकर्मियों प्रवीन पुत्र धर्मपाल, रामचंद्र पुत्र बनवारी, प्रहलाद पुत्र जयपाल तथा नारनौंद के पत्रकार सुनिल मान आदि के चोटें आने की जानकारी मिली है। घायलों को तुरंत प्रभाव से एम्बुलैस में बरवाला अस्पताल भेजा गया। जानकारी के अनुसार कुछ साधूओं को भी खेड़ी चौपटा चोकी लाया गया। पत्थरबाजी के दौरान महंत बालकनाथ की गाड़ी के शीशे टूटने, पड़ोस के एक मकान को काफी नुकसान होने के साथ गाय की एक बच्छड़ी की पत्थर लगने से मौत हो जाने की भी जानकारी प्राप्त हुई है। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण स्थिति है। काफी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया है। जिला पुलिस प्रशासन लगातार मामले पर नजर रखे हुए है।

गांव में तीन एसएचओ तैनात

कोथ कलां में हिंसा के बाद पुलिस प्रशासन ने बुधवार देर रात को हांसी और बास थाना के तीन एसएचओ को तैनात किया। देर रात को एसएचओ सिटी हांसी उदयभान गोदारा, एसएचओ सदर हांसी रमेश कुमार और एसएचओ बास प्रहलाद राय को कोथ कलां भेजा गया। तीनों एसएचओ को कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए रात के लिए कोथ में तैनात किया गया।

पहले से ही तैनात था पुलिस बल

कोथ कलां के मठ बाबा काला पीर में कई दिनों से जारी विवाद ने बुधवार को संघर्ष का रूप ले लिया। इस दौरान हुई पत्थरबाजी में नारनौंद के डीएसपी समेत काफी संख्या में पुलिसकर्मचारियों को चोट पहुंची है। उपमंडल के गांव कोथ कलां में नए मठाधीश महन्त शुक्राईनाथ ने गुरू की याद में दोनों गांव के लोगों से सलाह मशवरा कर 14 मार्च को भंडारे का आयोजन किया हुआ था। इसी मामले में बाबा शुक्राईनाथ के चेले के साथ साथ कुछ लोगों ने मारपीट भी की थी। विवाद को लेकर 25 फरवरी को महापंचायत हुई। पंचायत में 65 आदमियों की कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने महन्त से 27 फरवरी तक का समय मांगा था। कमेटी ने दोनों महंतों महंत शुक्राईनाथ व भंजाईनाथ के पास जाकर पंचायत द्वारा फैसले के लिए कमेटी के गठन की बात बताते हुए 27 फरवरी तक का समय मांगा था। मामले में 27 फरवरी को बाबा कालापीर मंदिर की गद्दी के मठाधीश को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहे विवाद को समाप्त करने के लिए कमेटी सदस्यों की बैठक हुई। 2 घंटों तक चले विचार विमर्श के बाद किसी निर्णय पर नहीं पहुंच सके। अंत में कमेटी ने यह कहते हुए फैसला इस मठ से जुड़े आठों पीरों के मठाधीशों पर छोड़ दिया। एक मार्च को रोहतक में नाथ समप्रदाय के सातों पीर मठाधीशों ने एक बैठक कर कोथ कलां में महन्त शुक्राईनाथ योगी को ही मठाघीश की सारी जुम्मेवारियां साैंपने का निर्णय लिया। तथा सातों पीर मठाधीशों ने अपने-अपने हस्ताक्षरों से युक्त एक लिखित पत्र की प्रति पुलिस प्रशासन के पास भेज दी गई।