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पिता के अखाड़े में पहली बार पहुंची ये सिस्टरर्स, रेसलर्स को सिखाए कुश्ती के दांव-पेच

फोगाट की बेटियां रीतू और संगीता फोगाट शुक्रवार को चौधरीवास गांव के हिंदू पब्लिक स्कूल में पहुंची।

Dainik Bhaskar

Feb 03, 2018, 12:15 AM IST
रीतू और संगीता फोगाट द्रोणाचार्य अवार्डी पहलवान महावीर फोगाट की बेटियां हैं। रीतू और संगीता फोगाट द्रोणाचार्य अवार्डी पहलवान महावीर फोगाट की बेटियां हैं।

सिवानी मंडी (हरियाणा). द्रोणाचार्य अवार्डी पहलवान महावीर फोगाट की बेटियां रीतू और संगीता फोगाट शुक्रवार को चौधरीवास गांव के हिंदू पब्लिक स्कूल में पहुंची। यहां अपने पिता के नाम से चल रही कुश्ती नर्सरी में नन्हे खिलाड़ियों को कुश्ती के गुर सिखाए। दोनों पहलवान बहनों ने मैट पर न केवल पहलवानों की कुश्ती देखी बल्कि खुद भी मैदान में भी उतरी और दांव पेच सिखाए। कॉमनवेल्थ गेमों में जमा चुकी है धाक...

- बता दें कि पहलवान महावीर फोगाट ने अपने नाम से करीब साल भर पहले कुश्ती नर्सरी स्थापित की थी।
- इस नर्सरी में द्रोणाचार्य अवार्डी पहलवान महावीर फोगाट समय-समय पर कुश्ती के दांव सिखाते आ रहे हैं। नेशनल कॉमनवेल्थ गेमों में अपनी पहलवानी की धाक जमा चुकी है।
- फोगाट फैमिली की पहलवान संगीता और रीतू शुक्रवार को पहली बार खेल नर्सरी पहुंचीं तो नन्हे पहलवानों ने उनका जोरदार वेलकम किया।

हमें मैट नहीं खेत में मिट्टी की सुविधा मिली थी

- पहलवान रीतू और संगीता ने कहा कि जिस समय हमारी बहन गीता, बबीता समेत हम अखाड़े में कुश्ती के लिए उतरी थी तो उन्हें मैट नहीं केवल खेत की मिट्टी ही सुविधा के नाम पर मिली थी।
- आज सभी खिलाड़ियों को हर प्रकार की सुविधाएं और संसाधन आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं तो उसका हमें लाभ लेना चाहिए।
- उन्होंने बताया कि अखाड़े में जो पहलवान पहले अटैक करेगा उस मुकाबले में मान कर चलो कि कुश्ती उसके ही नाम दर्ज होगी।
- मैट पर जाते समय हम कैसे दिख रहे इस पर ध्यान देने की बजाय सामने वाले पहलवान को पटखनी देने पर ही सारा ध्यान फोकस करना जरूरी है।
- उन्होंने अनुशासन और कड़ी मेहनत को जरूरी बताते हुए कहा कि इस मामले में जरा सी भी लापरवाही हमारे भविष्य के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।
- पहलवान का फुर्तीला होना जरूरी है साथ ही समय का भी पाबंद होना चाहिए।
- नन्हें पहलवानों को ट्रेनिंग देने के बाद रीतू और संगीता फोगाट हिंदू स्कूल के बच्चों से भी मिली और उन्हें खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया।

शुक्रवार को चौधरीवास गांव के हिंदू पब्लिक स्कूल में पहुंची। शुक्रवार को चौधरीवास गांव के हिंदू पब्लिक स्कूल में पहुंची।
फोगाट बहने देश के लिए कई मेडल हासिल कर चुकी है। फोगाट बहने देश के लिए कई मेडल हासिल कर चुकी है।
दोनों पहलवान बहनों ने मैट पर न केवल पहलवानों की कुश्ती देखी बल्कि खुद भी मैदान में भी उतरी और दांव पेच सिखाए। दोनों पहलवान बहनों ने मैट पर न केवल पहलवानों की कुश्ती देखी बल्कि खुद भी मैदान में भी उतरी और दांव पेच सिखाए।
संगीता फोगाट। संगीता फोगाट।
गीता, बबीता समेत हम अखाड़े में कुश्ती के लिए उतरी थी तो उन्हें मैट नहीं केवल खेत की मिट्टी ही सुविधा के नाम पर मिली थी। गीता, बबीता समेत हम अखाड़े में कुश्ती के लिए उतरी थी तो उन्हें मैट नहीं केवल खेत की मिट्टी ही सुविधा के नाम पर मिली थी।
बहन बबीता के साथ रितु और संगीता फोगाट। बहन बबीता के साथ रितु और संगीता फोगाट।
Fogat Sisters first time reached at his father nursery
Fogat Sisters first time reached at his father nursery
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रीतू और संगीता फोगाट द्रोणाचार्य अवार्डी पहलवान महावीर फोगाट की बेटियां हैं।रीतू और संगीता फोगाट द्रोणाचार्य अवार्डी पहलवान महावीर फोगाट की बेटियां हैं।
शुक्रवार को चौधरीवास गांव के हिंदू पब्लिक स्कूल में पहुंची।शुक्रवार को चौधरीवास गांव के हिंदू पब्लिक स्कूल में पहुंची।
फोगाट बहने देश के लिए कई मेडल हासिल कर चुकी है।फोगाट बहने देश के लिए कई मेडल हासिल कर चुकी है।
दोनों पहलवान बहनों ने मैट पर न केवल पहलवानों की कुश्ती देखी बल्कि खुद भी मैदान में भी उतरी और दांव पेच सिखाए।दोनों पहलवान बहनों ने मैट पर न केवल पहलवानों की कुश्ती देखी बल्कि खुद भी मैदान में भी उतरी और दांव पेच सिखाए।
संगीता फोगाट।संगीता फोगाट।
गीता, बबीता समेत हम अखाड़े में कुश्ती के लिए उतरी थी तो उन्हें मैट नहीं केवल खेत की मिट्टी ही सुविधा के नाम पर मिली थी।गीता, बबीता समेत हम अखाड़े में कुश्ती के लिए उतरी थी तो उन्हें मैट नहीं केवल खेत की मिट्टी ही सुविधा के नाम पर मिली थी।
बहन बबीता के साथ रितु और संगीता फोगाट।बहन बबीता के साथ रितु और संगीता फोगाट।
Fogat Sisters first time reached at his father nursery
Fogat Sisters first time reached at his father nursery
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