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सिटाके मशरूम पर एचएयू कर रहा रिसर्च, स्वाद के साथ सेहत का भी रखेगा ख्याल

जापान की सिटाके मशरूम अब नाॅर्थ इंडिया के लोगों को सेहतमंद बनाएगी।

वैभव शर्मा | Last Modified - Jan 29, 2018, 06:47 AM IST

सिटाके मशरूम पर एचएयू कर रहा रिसर्च, स्वाद के साथ सेहत का भी रखेगा ख्याल

हिसार.जापान की सिटाके मशरूम अब नाॅर्थ इंडिया के लोगों को सेहतमंद बनाएगी। इस मशरूम की खास बात है कि इसमें मौजूद एंटी कैंसर प्रॉपर्टी शरीर में कैंसर होने की संभावना को कम कर देती है। साथ ही यह खाने का स्वाद बढ़ाने का कार्य करेगा। सिटाके मशरूम के लिए एचएयू के मशरूम विभाग के वैज्ञानिकों ने रिसर्च शुरू कर दी है। रिसर्च पूरी होने के बाद लोगों को इसका वितरण भी शुरू हो जाएगा।

दरअसल, जापान में सबसे पहले सिटाके मशरूम का इस्तेमाल शुरू किया गया। अब रिसर्च वर्क के लिए एचएयू ने इस मशरूम की खेती शुरू कर दी है। वैज्ञानिकों ने एक साल में रिसर्च कंप्लीट करने के लिए लक्ष्य बनाया है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएगी
एचएयू केे मशरूम विभाग के चीफ साइंटिस्ट डॉ. सुरजीत कुमार ने बताया कि सिटाके मशरूम में मेडिसिन वैल्यू है। जो काफी गुणकारी है। इसे सब्जी के रूप में ले सकते हैं। खास बात है यह शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का कार्य भी करेगी। इस रिसर्च में सिटाके मशरूम के और भी लाभ सामने आ सकते हैं। जापान के जंगलों में यह मशरूम पाया जाता है, इसलिए इसे वाइल्ड मशरूम भी कहा जाता है। अभी तक हरियाणा या इसके आसपास के राज्यों में इसकी बिक्री नहीं होती है। इसके गुणों को लेकर एचएयू पहली बार प्रयोग कर रहा है। डॉ. सुरजीत बताते हैं कि यह उसी प्रकार है जैसे हल्दी, लहसुन, पालक जैसी सब्जियों में शरीर को तंदुरूस्त बनाने के तत्व पाए जाते हैं।

किसानों के लिए मशरूम उत्पादन में फायदा

- बिना खेत के खेती- भूमिहीन किसानों के लिए आय का अच्छा साधन हो सकता है।
- सर्वाधिक लाभ- तीन महीने में रकम दुगुनी
- प्रतिदिन मशरूम की बिक्री से आय
- मकान के अंदर भी उत्पादन कर सकते हैं।
- घर की तूड़ी व पराली मशरूम उत्पादन में उपयोगी
लोग क्यों खाएं मशरूम
-अच्छी गुणवत्ता की प्रोटीन, लाइसीन से भरपूर
-शाकाहारी भोजन
-बढ़ते बच्चों, गर्भवती एवं दूध पिलाती माताओं के लिए उत्तम
- मोटापा, रक्तचाप, मधुमेह, हृदयरोग व खून की कमी में लाभदायक
एचएयू में मिलते हैं ये मशरूम
-सफेद बटन
-सफेद दूधिया
- ढीगंरी
पीपीपी मोड पर खुला केंद्र, विद्यार्थी खेती से लेकर मार्केटिंग के तरीके सीखेंगे
एचएयू के मशरूम विभाग ने हाल ही में एक पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर केंद्र की शुरुआत की है। जिसमें मशरूम को उगाने से लेकर मार्केटिंग तक का कार्य किया जाएगा। अभी तक एचएयू में सर्दियों के समय 100 रुपए किलो की कीमत वाला सफेद बटन मशरूम व गर्मियों में एक अन्य मशरूम सेल किया जाता है। यहां से कोई भी मशरूम खरीद सकता है।
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Web Title: sitaake mshrum par echeyu kar raha risrch, svaad ke saath seht ka bhi rkhegaaa khyaal
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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