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इन्होंने बताए फिल्म में कॉन्ट्राेवर्सी के मायने, कहा- इंडस्ट्री में आज भी चलता है जुगाड़

हरियाणवी इंटरनेशनल फिल्म फेस्ट के तीसरे दिन कन्ट्रोवर्सी में रही फिल्म परजानिया को दिखाया गया।

Danik Bhaskar | Dec 10, 2017, 02:35 AM IST

हिसार। हरियाणवी इंटरनेशनल फिल्म फेस्ट के तीसरे दिन कन्ट्रोवर्सी में रही फिल्म परजानिया को दिखाया गया। इस फिल्म का निर्देशन राहुल ढोलकिया ने किया। यह फिल्म गुजराती दंगों पर आधारित थी। जिसके कारण यह कन्ट्रोवर्सी में रही और इसे गुजरात में बैन भी किया गया। मगर इसके बावजूद फिल्म को नेशनल अवॉर्ड मिला। इसके बाद राहुल की फिल्म रईस भी पाकिस्तानी एक्टर के काम करने की वजह से कन्ट्रोवर्सी में फंसी रही। फिल्म फेस्ट में हिसार पहुंचे राहुल ढोलकिया ने भास्कर को कॉन्ट्रोवर्सी के मायने बताए। उन्होंने कहा कि दिल बार-बार, परजानिया, लम्हा, सोसायटी, मुम्बई कटिंग और रईस जैसी फिल्में बना चुके हैं।

लो बजट वाली पिक्चर के लिए फायदेमंद है कन्ट्रोवर्सी

- कभी कभी यह सच हो सकता है मगर पूरी तरह लोगों की धारणा कि फिल्मों को जबरन कॉन्ट्राेवर्सी में लाया जाता है। जबकि ऐसा कहने वाले वास्तविकता से अपरिचित है।

- यह कन्ट्रोवर्सी बड़ी फिल्मों को नुकसान पहुंचाती है और ऐसा ही हुआ रईस और परजानिया के साथ।

- वॉट्सऐप या सोशल मीडिया पर फैला एक मैसेज कितना नुकसान दे सकता इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। मगर यह जरूर कहा जा सकता है कि यह लो बजट की फिल्मों को फायदा दे सकती है।

इंडिया में अभी भी होता है जुगाड़ से काम

- ढोलकिया ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पैठ जमाने के लिए न्यूयॉर्क के इंस्टिट्यूट को चुना। वहीं कई डॉक्यूमेंट्री फिल्में भी बनाई।

- उसके बाद इंडिया के सिनेमा में काम करने के एक्सपीरियंस को लेकर उनका कहना है यहां काम की सोच, काम का तरीका और डिसिप्लिन ही पीछे किए हुए है।

- यहां आज भी बिना फुल स्क्रिप्ट के फिल्में बन जाती है जबकि बाहर फिल्में बनाने के स्पेशल नियम है और उन पर सख्ताई से काम होता है।

सिनेमा को लेकर यंगस्टर्स में आ रहा कमाल का कॉन्फिडेंस

ढोलकिया ने अपने एक्सपीरियंस शेयर करते हुए बताया कि जब उन्होंने फिल्म इंस्टिट्यूट में क्लासेज ली तो उन्हें इंडिया में कमाल कॉन्फिडेंस मिला।

जो इस ऐज में उनके अंदर 20प्रतिशत भी नहीं था। इसके साथ ही आज हिसार के यंगस्टर्स को डायरेक्शन में जाने से पहले तीन चीजों को जानना होगा।

1. ओपन टू सजेशन
2. ओपन टू मोडिफाई
3. ऑव्जर्वेशन