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6 साल से चल रहा था नशे का कारोबार, CIA को भनक तक नहीं लगी, चंडीगढ़ से आई टीम ने पकड़ा

पहलवान चंदगी राम के नाम से मशहूर सिसाय में पिछले छह साल से बड़े पैमाने पर चरस का धंधा चल रहा था।

Bhaskar news | Last Modified - Dec 16, 2017, 07:27 AM IST

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    हिसार। पहलवान चंदगी राम के नाम से मशहूर सिसाय में पिछले छह साल से बड़े पैमाने पर चरस का धंधा चल रहा था। लंबे समय तक यह गोरखधंधा होने के बावजूद पुलिस को भनक तक नहीं लगी। पुलिस की अन्य एजेंसियां भी चरस के इस गोरखधंधे को छह साल तक नहीं पकड़ पाई। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो चंडीगढ़ को सुराग लगा तो राज खुला। चरस के कारोबार गांव का ही एक युवक संदीप चला रहा था। बहरहाल, चंडीगढ़ से आकर एनसीबी की टीम ने छापा मारा, 33 लाख की चरस पकड़ी, दो लोगों को गिरफ्तार किया तो पुलिस की आंख खुली।

    नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की पकड़ में मामला तब आया, जब उसे खुफिया जानकारी मिली कि नेपाल से हरियाणा में चरस लाई जा रही है। चरस एक कार से हांसी पुलिस जिला के गांव सिसाय में सप्लाई होनी है। चरस को मध्य प्रदेश नंबर की एक टाटा इंडिगो कार से सप्लाई किया जाएगा। जानकारी मिलने पर एनसीबी की टीम सक्रिय हुई।

    सिसाय के आस पास सर्विलेंस की गई की और आने जाने वाली गाड़ियों पर नजर रखी गई। मध्य प्रदेश नंबर की एक कार सिसाय के एक आवास में घुसी। कार का नंबर टीम को मिले नंबर से मेल खाता था। एनसीबी की टीम ने पूरे दल-बल के साथ तुरंत आवास में रेड की। रेड देखकर आवास मालिक सिसाय गांव के रहने वाले संदीप उसका एक अन्य साथी मौके से फरार हो गए। टीम ने गाड़ी में चरस लेकर आने वाले दो व्यक्तियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। चरस गाड़ी में छुपाई गई थी। टीम ने गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया है। टीम अब दोनों आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड कर लेगी। टीम ने इंडिगो कार से चरस बरामद की है। आरोपी चरस को कार की पिछली सीट की कैविटी में छिपा कर लाते थे। आम जांच में यहां चरस होने का पता नहीं लगता था। इसी का फायदा उठा कर आरोपी चरस का धंधा कर रहे थे।


    पुलिस सीआईए टीम आए दिन कुछ ग्राम वजन की चरस या सुल्फा पकड़ने का दावा करती है। पुलिस सीआईए शहर में नशा बेचने वालों को पकड़ने में कामयाब तो रही। लेकिन नशीले पदार्थ कहां से आते और शहर में इसे एजेंटों को कौन सप्लाई कर रहा है, इस मामले में पुलिस, सीआईए और स्पेशल टीमें नाकामयाब रही। शहर के साथ लगते गांव में इतने बड़े पैमाने पर नशे का कारोबार होता रहा और पुलिस उसकी स्पेशल टीमों को आज तक इस बात की जानकारी भी नहीं लगी।

    नेपाल से हरियाणा लाई जा रही चरस की मिली थी खुफिया जानकारी
    रेड करके एक एमपी एक बिहार दो युवकों को मौके से गिरफ्तार किया है। सिसाय गांव के रहने वाले दो व्यक्ति फरार हो गए। 65 किलो चरस बरामद की गई है, बाजार में इसकी कीमत 33 लाख रुपये है। यह पिछले पांच छह वर्षों से गांव में काम कर रहे हैं। कुछ सप्लाई राजस्थान में भी जा रही है।'' -कुलदीपशर्मा, सुपरिटेंडेंट, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, चंडीगढ़।

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Web Title: NCB Team Seized Hashish To 33 Million
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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