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डॉक्यूमेंट्री से फुटबॉलर बेटियां देश के बच्चों को करेंगी खेल व शिक्षा के प्रति जागरूक

भूपेंद्र सिहाग | Last Modified - Dec 31, 2017, 04:38 AM IST

अलखपुरा गांव की फुटबॉलर बेटियां अब डॉक्यूमेंट्री से देश के बच्चों को खेल व शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देत
डॉक्यूमेंट्री से फुटबॉलर बेटियां देश के बच्चों को करेंगी खेल व शिक्षा के प्रति जागरूक

मुंढाल (भिवानी).अलखपुरा गांव की फुटबॉलर बेटियां अब डॉक्यूमेंट्री से देश के बच्चों को खेल व शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती दिखाई देंगी। इसके लिए मुंबई का एक एनजीओ प्रथम गांव अलखपुरा में फुटबॉलर बेटियों पर टेली फिल्म बना रही है। फुटबॉलर बेटियों हर दिन खेल ग्राउंड में आठ से दस घंटे तक मेहनत कर रही हैं। वहीं अलखपुरा की ग्राम पंचायत व फुटबाल क्लब भी इसके लिए खूब मदद कर रहे हैं।


गौरतलब है कि गांव अलखपुरा की फुटबॉलर बेटियां अंतरराष्ट्रीय स्तर तक देश व प्रदेश का नाम चमका चुकी हैं। देश में महिला फुटबॉल का जिक्र आता है तो मिनी क्यूबा के नाम से मशहूर हरियाणा के भिवानी जिले का गांव अलखपुरा का नाम सबसे पहले लिया जाता है। अलखपुरा देश का पहला गांव है जहां हर घर की बेटी फुटबॉल खेलती है। वहीं गांव अलखपुरा की पंचायत अपनी फुटबॉलर बेटियों की तैयारी के लिए हर जरूरत को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
एनजीओ प्रथम को अलखपुरा गांव की फुटबॉल टीम का अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की कहानी का पता लगा तो एनजीओ ने इसकी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। एनजीओ प्रथम ने अलखपुरा की फुटबॉलर बेटियों व उनकी दिनचर्या पर टेली फिल्म बनाने का डिसीजन लिया।

देश के 22 राज्यों के गरीब बच्चों को करेंगे जागरूक
एनजीओ प्रथम टीम ने बताया कि इस फिल्म में फुटबॉलर बेटियों का रहन सहन, उनके प्रतिदिन ग्राउंड पर तैयारी का दृश्य व ग्रामीणों को अपनी बेटियों को मिलने वाला सपोर्ट दिखाया जाएगा। एनजीओ इस फिल्म के माध्यम से देश के 22 राज्यों के गरीब बच्चों को खेल व शिक्षा के प्रति जागरूक करेगा। एनजीओ टीम ने कहा कि सच में हौंसले बुलंद हों तो एक गांव अपने स्तर पर कुछ हट कर कुछ भी कर सकता है, जिसकी मिसाल गांव अलखपुरा व उसकी फुटबॉलर बेटियां हैं।

एनजीओ टीम को ग्रामीण सिखा रहे हरियाणवी: जहां गांव अलखपुरा की फुटबॉलर बेटी एनजीओ प्रथम द्वारा बनाई जा रही टेली फिल्म के माध्यम से देश के बच्चों को फुटबॉल खेल के प्रति जागरूक करती दिखाई देंगी। अलखपुरा के सरपंच संजय ने बताया कि बहुत ही खुशी की बात है कि एक एनजीओ गांव की बेटियों के माध्यम से देश के बच्चों को जागरूक करने के लिए आगे आया है।

3.30 करोड़ बच्चों तक पहुंच चुका एनजीओ प्रथम
एनजीओ प्रथम उन लाखों स्कूली बच्चों तक पहुंचती है, जो गरीब हैं और हाशिए पर हैं, लेकिन भविष्य के लिए उम्मीदें पाले हुए हैं। प्रथम का फ्लैगशिप कार्यक्रम रीड इंडिया ने पढ़ाई और पढ़ाई का तरीका बदल दिया है। साढ़े चार लाख स्वयंसेवियों की मदद से ये 19 राज्यों के 3.30 करोड़ बच्चों तक पहुंचने में कामयाब रहा है।
हरेंद्र फिजिकल व सोनिका टेक्निकल पर दे रहे ध्यान
टेली फिल्म में पीटीआई हरेंद्र ढाका व कोच सोनिका बिजराणिया भी अहम रोल निभा रहे हैं। एनजीओ प्रथम के अंबर, जितेंद्र, राजेन्द्र, विजय व प्रियंका ने बताया कि इस टेली फिल्म पर काम 30 दिसंबर तक चलेगा। इन्होंने बताया कि हरेंद्र ढाका व सोनिका बिजराणिया की बदौलत इस पर अंतिम चरण में काम चल रहा है।

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Web Title: dokyumeintri se futbolr betiyaan desh ke bachcho ko karengai khel v shiksaa ke prti jaagaruk
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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