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जीजेयू में बाॅयो मेडिकल एमटेक के छात्रों को 6 माह पढ़ाया दूसरा कोर्स, पेपर आया अलग

एमटेक के विद्यार्थियों को दो कोर्स पढ़ाने की बजाए शिक्षक छह माह तक एक ही कोर्स पढ़ाते रहे।

संजय योगी| Last Modified - Dec 14, 2017, 07:26 AM IST

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जीजेयू में बाॅयो मेडिकल एमटेक के छात्रों को 6 माह पढ़ाया दूसरा कोर्स, पेपर आया अलग

हिसार .  गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी आॅफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के बायो मेडिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में एमटेक के विद्यार्थियों को दो कोर्स पढ़ाने की बजाए शिक्षक छह माह तक एक ही कोर्स पढ़ाते रहे। परीक्षाओं की डेटशीट आने के बाद इस मामले का खुलासा हुआ है। गलती हो जाने के बाद एक ओर डिपार्टमेंट के शिक्षक ओपन इलेक्टिव की परीक्षा फोर्थ सेमेस्टर में लेने की कह रहे हैं। वहीं परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि नियमानुसार तीसरे सेमेस्टर में ही यह परीक्षा होनी चाहिए। 


यूनिवर्सिटी में एमटेक थर्ड सेमेस्टर के नियमानुसार विद्यार्थियों काे दो कोर्स पढ़ाया जाना अनिवार्य है। इसमें एक कोर्स डिपार्टमेंट इलेक्टिव सबजेक्ट का होता है जबकि एक कोर्स किसी दूसरे डिपार्टमेंट का ओपन इलेक्टिव होता है। यूनिवर्सिटी के बायो मेडिकल इंजीनियर डिपार्टमेंट के शिक्षक छह माह तक एमटेक थर्ड सेमेस्टर के विद्यार्थियों को दोनों ही कोर्सों के तहत केवल डिपार्टमेंट इलेक्टिव कोर्स ही पढ़ाते रहे।

 
डिपार्टमेंट की ओर तय किए गए टाइम टेबल में केवल डिपार्टमेंट इलेक्टिव कोर्स के सबजेक्ट को ही शामिल किया गया है जबकि ओपन इलेक्टिव का कहीं कोई जिक्र नहीं है।  अब जब सेमेस्टर की परीक्षाओं के लिए डेट शीट जारी हुई तो उसमें परीक्षा विभाग की तरफ से ओपन और डिपार्टमेंट इलेक्टिव दोनों ही कोर्सों के परीक्षाएं शामिल की गईं हैं। डेट शीट आने के बाद जब विद्यार्थियों ने शिक्षकों से पूछा तो उन्होंने विद्यार्थियों को चुप करा दिया।  

 

एमटेक की स्कीम  
यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल ने डिपार्टमेंट की बोर्ड आॅफ स्टडी की अनुशंसा पर इस सत्र से एमटेक थर्ड सेमेस्टर में एक कोर्स डिपार्टमेंट और दूसरा कोर्स किसी दूसरे डिपार्टमेंट का ओपन इलेक्टिव सबजेक्ट के रूप में पढ़ाया जाना शामिल किया था। यह डिपार्टमेंट के शिक्षकों के कहने पर ही किया गया था और वह खुद ही इसे भूल गए।  

 

 

विद्यार्थियों को नुकसान  
- कोर्स पढ़ाया नहीं जाने पर विद्यार्थी अब थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा नहीं 
दे पाएंगे।  
- अगर परीक्षा दे भी दी तो उनका फेल होना तय है।  
- री आने पर विद्यार्थियों की डिग्री का समय लंबा होगा।  
- अच्छे नंबर लेकर गोल्ड मेडल की दौड़ में शामिल छात्रों को नहीं मिलेगा मेडल।  

 

 

डिपार्टमेंट के शिक्षकों व अधिकारियों के इस मामले पर अलग-अलग बयान
इस मामले पर डिपार्टमेंट के शिक्षकों का कहना है कि फोर्थ सेमेस्टर में ओपन इलेक्टिव पढ़ाया जाएगा। वहीं यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि नियमानुसार जो कोर्स जिस सेमेस्टर के लिए अप्रूवड हैं वो उसी में पढ़ाया जाना चाहिए। अगर अगले सेमेस्टर में पढ़ाया जाता है तो यह गलत है। ऐसे में दोनों सेमेस्टरों की मार्कशीट में अंकों का हिसाब किताब गड़बड़ा जाएगा। एक प्रकार से इस मामले में तीसरे सेमेस्टर में ओपन इलेक्टिव में री ही दिखाई जाएगी।

 

ओपन इलेक्टिव सबजेक्ट विद्यार्थियों को फोर्थ सेमेस्टर में पढ़ाया जाएगा और उसकी परीक्षा भी बाद में ली जाएगी।  
-अंजू गुप्ता, असिस्टेंट प्रोफेसर, इंचार्ज, टाइम टेबल, बायो मेडिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट।  
हमारे पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं अाई है। अगर ऐसा हुआ है तो विद्यार्थियों के नुकसान की भरपाई की जाएगी।  
-प्रो. राजेश मल्होत्रा, डीन एकेडमिक अफेयर, जीजेयू  

 

 

नियमानुसार जो कोर्स जिस सेमेस्टर के लिए अप्रूवड हैं वो उसी में पढ़ाए जाने चाहिए। अगर अगले सेमेस्टर में पढ़ाया जाता है तो यह गलत है।
-डॉ. यशपाल सिंगल, परीक्षा नियंत्रक, जीजेयू।  
डिपार्टमेंट से गलती हुई है और इस गलती को अगले सेमेस्टर में अलग से पढ़ाकर सुधारा जाएगा। इस मामले में किस-किस स्तर पर गलती हुई है इसकी जांच की जा रही है।  
-प्रो टंकेश्वर, वीसी, जीजेयू।

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