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SDM ने FB पर वीडियो से बताया था जान को खतरा, पुलिस ने घर पर तैनात किया गार्ड

सिरसा जिले के उपमंडल डबवाली की एसडीएम (आईएएस) रानी नागर को आखिर पुलिस सुरक्षा मुहैया करवा दी गई है।

Danik Bhaskar | Dec 27, 2017, 04:20 AM IST

सिरसा. सिरसा जिले के उपमंडल डबवाली की एसडीएम (आईएएस) रानी नागर को आखिर पुलिस सुरक्षा मुहैया करवा दी गई है। महिला आईएएस अधिकारी को इसके लिए डीजीपी बीएस संधू को ईमेल भेजना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने एसडीएम आवास पर रात को एक पुलिसकर्मी की स्थाई ड्यूटी लगा दी है। इसके अलावा पीसीआर एसडीएम के आवास की तरफ रात को स्पेशल गश्त करेगी। वहीं कोर्ट परिसर की गार्द भी निगरानी रखा करेगी।


बता दें कि एसडीएम रानी नागर ने 24 दिसंबर की रात को फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड कर बताया था कि उसके आवास में रात को कोई आपराधिक किस्म का व्यक्ति घुस गया था। उस पर लगातार हमले हो रहे हैं। जब इसकी सूचना डबवाली पुलिस को दी तो सिटी एसएचओ हवा सिंह ने मौके पर एफआईआर या शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया था। साथ ही महिला अधिकारी ने बताया था कि उसकी जान को खतरा है। उसके पास कोई सुरक्षा नहीं है। उसे 24 घंटे सुरक्षा प्रदान की जाए।


इसके लिए उन्होंने डबवाली के डीएसपी को भी मेल भेजी थी। डबवाली पुलिस पर सहयोग न करने का आरोप भी लगाया था। वीडियो जारी होने के बाद अगले दिन पुलिस ने रानी नागर की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। उसके बाद एसडीएम रानी नागर ने डीजीपी को ई मेल भेजकर सुरक्षा की मांग की और लिखा की पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही है। इधर, डबवाली के एसएचओ हवा सिंह ने बताया कि एसडीएम की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया जा चुका है। उनकी मांग पर रात को स्थाई रूप से एक पुलिसकर्मी की ड्यूटी उनके आवास पर लगा दी है। दिन में उनके साथ गनमैन है। वहीं पीसीआर भी रात को गश्त करेगी।

इधर-पंचकूला सिटी मजिस्ट्रेट से वापस लिया पीएसओ
सिटी मजिस्ट्रेट ममता शर्मा से पुलिस ने गन मैन वापस ले लिया है। इसे लेकर पुलिस-प्रशासन महकमे में तल्खी बढ़ गई है। यहां पहले रह चुके 8 से ज्यादा सिटी मजिस्ट्रेट को पीएसओ दिया गया था, लेकिन वर्तमान सिटी मजिस्ट्रेट ममता शर्मा से इसी साल में दूसरी बार पीएसओ वापस लिया गया। पुलिस कमिश्नर एएस चावला ने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट को फील्ड में कम जाना पड़ता है, इसलिए उन्हें पीएसओ की जरूरत नहीं होती। वहीं, गृह विभाग के एसीएस एसएस प्रसाद ने कहा कि पीएसओ उन्हीं सिटी मजिस्ट्रेट को दिया है, जहां पर स्पेशल रिक्वायरमेंट या रिक्वेस्ट की। मैंने पुलिस कमिश्नर को कहा है कि वह मामला देख लें।