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बच्ची से रेप और मर्डर केस में पुलिस ने शुरू की पूछताछ, अपराधियों की हिस्ट्री भी खंगाला की शुरू

पुलिस की टीमें चार एंगल से कर रही वारदात की गुत्थी सुलझाने को जांच, फिलहाल नहीं मिला सुराग।

Danik Bhaskar | Dec 13, 2017, 08:37 AM IST

हिसार। उकलाना में 8 दिसंबर की रात को नाबालिग बच्ची की दरिंदगी के बाद हत्या के मामले में पुलिस की टीमें गुत्थी को सुलझा नहीं पाई हैं। वारदात की गुत्थी सुलझाने के लिए चार दिन में पुलिस टीमें 65 लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं। मगर कोई सुराग अभी तक मिलता हुआ नजर नहीं आ रहा है। एसपी मनीषा चौधरी खुद लगातार दो दिन से उकलाना में कैंपेन कर रही हैं। पुलिस की पूरी तफ्तीश पर उनकी नजर टिकी हुई है। एसआईटी की टीमें पूरे मामले की चार एंगल से जांच कर रही हैं।

फोन कॉल्स की पुलिस कर रही जांच

- अपराधियों तक पहुंचने के लिए पुलिस की साइबर सेल फोन कॉल्स की भी जांच कर रही है। हत्या के बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के इलाके में कौन किससे बात कर रहा था। इसके लिए काॅल के डंप को उठाया था।

- जांच के दौरान मिले नंबरों को पुलिस द्वारा वेरिफाइड किया जा रहा है। इसमें एक्टिवेट और जो यहां से चले गए। उन नंबरों की भी जांच की जा रही है। भले इनमें कोई अपराधी न हो, लेकिन पुलिस सुराग खोजने में जुटी है।वहीं कुछ संदिग्धों से पूछताछ के दौरान पुलिस को वारदात से जुड़े सुराग भी मिलने के संकेत हैं। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कस्बे से हटकर बाहर भी जांच

- पुलिस की एसआईटी कस्बे के बाहर भी काम कर रही है। बच्चों के साथ आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधियों की हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है। यही नहीं एक-एक अपराधी की मौजूदा स्थित की पड़ताल कर रही है, ताकि वारदात को अंजाम देने वाले अपराधी के बारे में सुराग हासिल किया जा सके।

हर स्थिति पर नजर : एसपी

- वारदात के बाद उकलाना थाने में कैंपेन कर रहीं एसपी लगातार एसआईटी की वर्किंग शैली पर नजरे लगाए हुए हैं। एसपी ने बताया कि कि पुलिस की टीमें हर एंगल से जांच कर रही है। सरकार ने भले उन्हें एसआईटी का इंचार्ज बनाया हो, हालांकि उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है, लेकिन वह तो पहले ही अपनी जिम्मेदारी निभाने में जुटी हैं।

एससीएसटी आयोग के रीजनल निदेशक पीड़ित परिवार से मिले, न्याय का आश्वासन दिया

- आयोग की तरफ से दोषी को जल्द से जल्द सजा दिलाने का प्रयास होगा।
- आयोग ने घटना के बाद ही एसपी से बात कर दिए आरोपी को पकड़ने के निर्देश।
- पीड़ित परिवार की देखभाल के लिए एक वरिष्ठ चिकित्सक की तैनाती के दिए आदेश।
- रेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ मीटिंग में अब तक की कार्रवाई का स्टेटस जाना।
- पीड़ित परिवार को आर्थिक और अन्य सहायता में देरी के लिए प्रशासनिक अफसरों से बात करने की बात कही।