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खूंखार आतंकी से कई बार भिड़ चुके थे ये EX IPS, फार्म हाउस में मिली डेडबॉडी

एसपी ने खैरमपुर गांव के फार्म हाउस में अपनी लाइसेंसी रिवाॅल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

Dainik Bhaskar

Jan 29, 2018, 01:27 AM IST
राम सिंह बिश्नोई का शव उनके घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर खून से लथपथ मिला। राम सिंह बिश्नोई का शव उनके घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर खून से लथपथ मिला।

हिसार. यहां एक रिटायर्ड एसपी ने खैरमपुर गांव के फार्म हाउस में अपनी लाइसेंसी रिवाॅल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उनका शव घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर खून से लथपथ मिला। बता दें कि अपनी कर्तव्यनिष्ठा और बहादुरी के कारण राम सिंह बिश्नोई आईपीएस रैंक तक पहुंचे। पंजाब में आतंकवाद के दौर में इनकी शख्सियत दुनिया के सामने आई। जब उनकी साल 1990-91 में खूंखार आतंकवादी जनरैल सिंह सतराना से कई बार मुठभेड़ हुई थी। आतंकी से कई मुठभेड़ के बाद मिली थी प्रमोशन...

- 1951 में गांव सदलपुर के किसान परिवार में जन्मे रामसिंह बिश्नोई 1971 में बतौर एएसआई हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे।

- इसके कारण हरियाणा सरकार ने उन्हें आईपीएस अधिकारी प्रमोट किया था। इसके साथ उन्हें वीरता के लिए प्रेसिडेंट से भी अवॉर्ड मिल चुका है।

- वे हिसार में 2005-2006 विजिलेंस में एसपी रहे। यहां से रेवाड़ी और फिर जींद में एसपी रहे।

- रिटायरमेंट के बाद हरियाणा सरकार ने उन्हें मधुबन में स्पेशल ट्रेनिंग अधिकारी अप्वाइंट किया।

यह थी सुसाइड की वजह

- रिटायर्ड एसपी रामसिंह बिश्नोई 31 मई 2011 को सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद उनके खिलाफ बेटी के चाचा ससुर देवीलाल ने रिटायर्ड एसपी पर अपने पिता कुंभाराम का अंगूठा लगवा कर जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए कोर्ट में इस्तगासा कर रखा था।

- मामला कोर्ट में अभी पेंडिंग है। मामले में कई बार रिटायर्ड एसपी पेश हो चुके थे। बार-बार पेश होने से वह तनाव में रहते थे।

- जमीन विवाद में 30 जनवरी को उनकी हिसार कोर्ट में तारीख थी। इसके अलावा देवीलाल ने अन्य कई विभागों में भी उनके खिलाफ शिकायतें कर रखी हैं। इसके चलते वे काफी परेशान चल रहे थे।

पत्नी ने ड्राइवर के पास किया फोन, साहब फोन ने नहीं उठा रहे, उसके बाद शुरू की खोजबीन

- रिटायर्ड एसपी के चालक रमेश और परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि उसके पास रामसिंह बिश्नोई की पत्नी का फोन आया और पूछा कि साहब फोन नहीं उठा रहे वह कहां पर हैं। जिस पर उसके कहा कि वे बाहर घूमने के लिए गए हुए हैं।

- इसके बाद उनकी पत्नी ने पूछा कि देखो उनका रिवाॅल्वर कहां है। इसके बाद उसने कमरे में जाकर देखा तो वहां रिवाॅल्वर नहीं मिला। जब वह उन्हें देखने के लिए फार्म हाउस में किन्नू के बाग में पहुंचा को रिटार्यड एसपी का शव खून से लथपथ पड़ा था।

एक ही गोली चली जो दाएं तरफ कनपटी के उपर लगी, आज होगा पोस्टमार्टम

- डीएसपी सिद्धार्थ ने बताया कि प्रथमदृष्टया यह मामला आत्महत्या का ही प्रतीत हो रहा है फिर भी मामले की जांच की जा रही है।

- शव को कब्जे में ले लिया गया है। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। रिवाॅल्वर से एक ही गोली चली है जो दाएं तरफ कनपटी के उपर लगी है। गोली अंदर फंसी है, बाहर नहीं निकली है। उनके रिवाॅल्वर में 4 गोलियां जिंदा मिली हैं।

बिश्नोई समाज के कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र जाने के लिए निकले थे

- रिटायर्ड एसपी के भाई सुभाष व अन्य परिजनों ने बताया कि रिटायर्ड एसपी रामसिंह बिश्नोई कुरुक्षेत्र बिश्नोई सभा के प्रधान और हिसार बिश्नोई सभा के मेंबर थे।

- वह रविवार सुबह अपने गुड़गांव स्थित आवास से कुरुक्षेत्र बिश्नोई समाज के किसी कार्यक्रम में जाने की बात कहकर घर से रवाना हुए थे, लेकिन रास्ते में उन्होंने अपना मन बदल लिया और वे कुरुक्षेत्र जाने की बजाए करीब दो बजे अपने पैतृक गांव ढाणी सदलपुर में अपनी मां से मिलने पहुंचे।

- कुछ देर वहां अपनी मां से मिलने के बाद वे अपने फार्म हाउस ढाणी खैरमपुर में आ गए। वहां आकर उन्होंने अपने ड्राइवर रमेश और रसोईए से कहा कि तुम खाना खा लो वह अभी कुछ नहीं खाएंगे।

- उसके बाद वे अपने कमरे में गए और वहां से फार्म हाउस में घूमने के लिए चले गए। किन्नू बाग में जाकर खुद को गोली मार ली।

राम सिंह बिश्नोई ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी। राम सिंह बिश्नोई ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी।
1951 में गांव सदलपुर के किसान परिवार में जन्मे रामसिंह बिश्नोई 1971 में बतौर एएसआई हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे। 1951 में गांव सदलपुर के किसान परिवार में जन्मे रामसिंह बिश्नोई 1971 में बतौर एएसआई हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे।
बिश्नोई को वीरता के लिए प्रेसिडेंट से भी अवॉर्ड मिल चुका है। बिश्नोई को वीरता के लिए प्रेसिडेंट से भी अवॉर्ड मिल चुका है।
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राम सिंह बिश्नोई का शव उनके घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर खून से लथपथ मिला।राम सिंह बिश्नोई का शव उनके घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर खून से लथपथ मिला।
राम सिंह बिश्नोई ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी।राम सिंह बिश्नोई ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी।
1951 में गांव सदलपुर के किसान परिवार में जन्मे रामसिंह बिश्नोई 1971 में बतौर एएसआई हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे।1951 में गांव सदलपुर के किसान परिवार में जन्मे रामसिंह बिश्नोई 1971 में बतौर एएसआई हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे।
बिश्नोई को वीरता के लिए प्रेसिडेंट से भी अवॉर्ड मिल चुका है।बिश्नोई को वीरता के लिए प्रेसिडेंट से भी अवॉर्ड मिल चुका है।
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