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दो भाई दिनभर करते मजदूरी, शाम को मुफ्त में पढ़ाते ट्यूशन

गांव काजलहेड़ी के दो सगे और एक चचेरा भाई। गरीब परिवार से संबंध रखने वाले तीनों के परिवार मजदूरी करते हैं।

संजय आहूजा | Last Modified - Feb 12, 2018, 04:36 AM IST

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    फतेहाबाद.गांव काजलहेड़ी के दो सगे और एक चचेरा भाई। गरीब परिवार से संबंध रखने वाले तीनों के परिवार मजदूरी करते हैं। ये तीनोंं गांव के 80 गरीब बच्चों को अपने घर में ही मुफ्त में ट्यूशन पढ़ाते हैं। इतना ही नहीं खेल के साथ कंप्यूटर भी सिखाते हैं।सुबह अखबार बाटते हैं दोनों भाई


    - 24 साल के कुलबीर कुमार और 22 साल संदीप कुमार दोनों सगे भाई सुबह अखबार बांटते हैं और दिन में मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं।

    - विक्रम कुमार 11वीं में नॉन मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। कुलबीर डिस्टेंस से ग्रेजुएशन कर रहा है। संदीप बीए फाइनल में है। घर के एक कमरे में कंप्यूटर रूम बना रखा है। सारा सामान जेब खर्च से लिया है।

    ये रहता है शेड्यूल

    - कुलबीर और संदीप सुबह 6 से 8:30 बजे तक गांवों में अखबार बांटते हैं। उसके बाद वह अपनी मजदूरी व कामकाज में लग जाते हैं। शाम को 4:30 से 7:30 बजे तक वह ट्यशन पढ़ाते हैं। विक्रम सुबह स्कूल जाता है, दोपहर बाद वह भी उनकी मदद करता है।

    - इतना ही नहीं सुबह व शाम को नियमित एक-एक घंटे के लिए गांव के इन बच्चों को रेस, लांग जंप आदि खेलों की प्रैक्टिस भी कराते हैं। कुलबीर गांवों में बिजली मीटरों को आधार से जोड़ने का काम करता है। संदीप मजदूरी करता है।

    - कुलबीर हिंदी व सामाजिक विषय पढ़ाता है, संदीप मैथ व कंप्यूटर व विक्रम भी मैथ पढ़ाता है। तीनों बच्चों को कक्षा के हिसाब से ग्रुप में बांट लेते हैं। वे प्राइमरी से दसवीं तक के बच्चों को पढ़ाते हैं।

    - कुलबीर ने बताया तीन-चार बच्चे आए, उससे कहने लगे कि हमें थोड़ी देर पढ़ा दिया करो। वह पढ़ने आने लगे। हमें भी अच्छा लगने लगा। पहले गांव की चौपाल में पढ़ाते थे, कुछ लोगों ने एेतराज किया तो अपने घर पर पढ़ाने लगे।

    मां पहले फ्री में पढ़ाने पर डांटती थी

    - कुलबीर व संदीप के पिता कृष्ण कुमार मजदूरी करते हैं। कुलबीर की मां शीलो देवी इन्हें डांटती थी कि मुफ्त में पढ़ाओगे तो परिवार कैसे पलेगा। बाद में जब लोगों ने प्रशंसा की, तो सुनकर अच्छा लगा।

    - गांव के कालू राम कहते हैं कि पहले बच्चे स्कूल से आने के बाद गलियों में ही फिरते रहते थे। अब सारा दिन पढ़ाई में बीत जाता है।

    - राजकीय उच्च विद्यालय काजलहेड़ी के हेडटीचर सोमप्रकाश ठकराल ने बताया कि ये तीनों खुद गरीब हैं और गांव में इतनी तादाद में बच्चों को फ्री पढ़ाना बड़े फख्र की बात है।

    - 26 जनवरी को स्कूल में हुए कार्यक्रम में कुलबीर को सम्मानित भी किया गया था।

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