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दहेज से परेशान महिला ने फंदा लगाकर दी जान, पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज

मृतक पूजा की सालभर पहले शादी हुई थी और उसने डेढ़ माह पहले ही लड़के को जन्म दिया था।

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2017, 08:02 AM IST
women commit suscide

चरखी दादरी। गांव बडेसरा में एक विवाहिता ने फांसी का फंदा लगा कर जान दे दी। परिजनों के आरोपों पर पुलिस ने फिलहाल मृतक पूजा के पति, सास तीन ननदों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मकड़ोली कलां निवासी राजबीर ने अपनी 21 वर्षीय बेटी पूजा की शादी गांव बडेसरा निवासी प्रदीप के साथ 15 नवंबर 2016 को की थी। पूजा ने 28 अक्टूबर को एक बच्चे को जन्म दिया था। गुरुवार देर शाम पूजा ने घर में ही फांसी का फंदा लगा कर जान दे दी। इसकी सूचना मृतका के परिजनों को दी। सूचना पर परिजन बडेसरा पहुंचे तो उन्होंने पूजा को मृत हालत में पाया। मृतका के पिता राजबीर का आरोप है कि पूजा के ससुराल पक्ष के लोग उसे दहेज के लिए बार बार तंग कर रहे थे। दहेज की मांग को देखते हुए उन्होंने 30 नवंबर को अपनी दो भैंस बेच कर दो लाख रुपये उन्हें दिए थे। इसके बावजूद ससुराल पक्ष के लोग उसे प्रताड़ित करते रहे, जिसके चलते पूजा ने रात को फांसी लगा ली। मृतका के पिता राजबीर मां शकुंतला देवी का आरोप है कि पूजा को उसके पति, सास तीन ननदों ने मिलकर दहेज की मांग पूरी नहीं करने पर फांसी के फंदे पर लटका कर मारा है। परिजनों की शिकायत पर बवानीखेड़ा पुलिस ने मृतक पूजा के पति प्रदीप, सास सावित्री, ननंद ज्योति, किरण पूनम के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच कर रहे एएसआई महेन्द्र सिंह ने बताया कि सूचना पर पुलिस ने पूजा को फांसी के फंदे से नीचे उतारा तथा मृतका के पिता राजबीर के बयान पर पांच लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज किया है।

समझौते के लिए दोपहर तक चला दोनों पक्षों में बातचीत का दौर सामान्य अस्पताल में बडेसरा मकड़ोली कलां के पांच दर्जन से अधिक मौजिज लोग जमा थे। समझौते के लिए दोनों पक्षों में काफी देर तक बात चली लेकिन बात सिरे नहीं चढ़ पाई, जिसके चलते पुलिस ने 498 ए, 304 बी 334 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया। उधर सामान्य अस्पताल आए बडेसरा के ग्रामीणों सरपंच पति अनूप का कहना था कि प्रदीप के पिता का पहले ही देहांत हो चुका है तथा घर में उसकी विधवा मां तीन बहने हैं। बहने शादीशुदा हैं, जो कभी कभार ही यानि की तीन चार साल में एक बार ही घर पर आती हैं। घटना के समय उनमें से कोई भी घर पर भी नहीं थी। उन्होंने बताया कि प्रदीप गांव में ही पंप हाउस पर कच्चे कर्मचारी के रूप में ही कार्यरत है तथा घटना के समय घर से बाहर था तथा घर में उसकी मां पूजा ही थी। प्रदीप जब देर शाम वापस घर आया तो वह अपनी मां से मिलने के बाद ऊपर चौबारे में गया तो अपनी पत्नी को दरवाजा खोलने के लिए कहा, जब दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर पूजा फंदे से लटक रही थी।

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