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22 जिलों में सेक्टरों पर डाला Rs.17,480 करोड़ इनहांसमेंट

इनहांसमेंट के विरोध में रविवार को रोहतक में 16 जिलों के सेक्टरवासी जुटे। जाट भवन में 6 घंटे चली हुडा सेक्टरवासियों...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:20 AM IST

इनहांसमेंट के विरोध में रविवार को रोहतक में 16 जिलों के सेक्टरवासी जुटे। जाट भवन में 6 घंटे चली हुडा सेक्टरवासियों की राज्यस्तरीय बैठक हुई। छह घंटे चली मीटिंग के दौरान सेक्टरवासियों ने कहा कि सरकार 10 दिन में उनकी समस्या का समाधान कराए। ऐसा न होने पर वो प्रदेश स्तरीय आंदोलन शुरू करेंगे। आरडब्ल्यूए पदाधिकारी रामचंद्र सिवाच ने बताया कि हुडा विभाग की ओर से गलत कैलकुलेशन, अधिग्रहण जमीन से ज्यादा, जमीन की इनहांसमेंट व कोर्ट के फैसले के वर्षों बाद नोटिस भेजकर ब्याज वसूलना, इनहांसमेंट भी ड्रॉ द्वारा निकाले गए प्लाटों पर वसूले जाने का नोटिस दिया गया है जो पूर्णतया गलत है। उन्होंने कहा कि यह नोटिस हुडा की नो लॉस, नो प्रोफिट की पॉलिसी के खिलाफ है।

प्रदेश के सिरसा, हिसार, सोनीपत, झज्जर, फतेहाबाद, रोहतक, पानीपत, करनाल, गुरुग्राम, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, पंचकूला, रेवाड़ी, भिवानी व अम्बाला के सेक्टरों में बने रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। सरकार ने सेक्टरवासियों की समस्याएं दूर नहीं कराएगी तो प्रदेश स्तर पर बड़ी रैली करके आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी रामचंद्र सिवाच, कदम सिंह अहलावत ने बताया कि हुडा ने प्रदेश के 22 जिलों में बने सेक्टरों पर 17,480 करोड़ रुपए के इनहांसमेंट नोटिस भेज रखे हैं। ऐसे में इनहांसमेंट में बड़ी राशि बकाए के तौर पर सामने आने से सेक्टरवासियों के सामने समस्या खड़ी हो गई है।

इनहांसमेंट के विरोध में उतरे 16 जिलों के सेक्टरवासी, 10 दिन में समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी

डीआरओ से लिया माइक वापस, पहले बोलने को खुद उलझे आरडब्ल्यूए पदाधिकारी

सेक्टरवासियों की जाट भवन में हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में सरकार ने अपना पक्ष रखने के लिए डीआरओ ब्रह्मा प्रकाश को भेजा था। वो स्टेज पर आकर सरकार का पक्ष रखना चाहते थे तो आरडब्ल्यूए पदाधिकारी उनसे उलझ गए। उन्हें पदाधिकारियों ने माइक भी नहीं पकड़ने दिया। इसके बाद वो मीटिंग से चले गए। वहीं बैठक में स्टेज पर पहले बोलने को लेकर भी सेक्टरवासी आपस में उलझे। करीब 20 मिनट तक इनमें बहस हुई। इस दौरान कई लोगों ने ऐसे बर्ताव पर हूटिंग भी की।

नहीं बना पाए हैं प्रदेशस्तरीय एक्शन कमेटी :इनहांसमेंट के मुद्दे पर एकजुट होकर लड़ाई लड़ने के लिए प्रदेश के 22 जिलों में आरडब्ल्यूए की ओर से प्रदेशस्तरीय एक्शन कमेटी नहीं बनी है। कमेटी गठित न होने से रविवार को जाट भवन में जुटे पदाधिकारियों की सुनने वाला कोई नहीं था। मंच पर एक तरफ अव्यवस्था का माहौल दिखा तो वहीं मंच पर एसोसिएशन की राजनीति भी खुलकर सामने आई। इससे आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों में बिखराव की स्थिति रही।

प्रशासन के कहने पर गया था बैठक में, सीएम कमेटी के बारे में बताना था

प्रशासक के कहने पर मैं बैठक में गया था। सेक्टरवासियों की तरफ से कोई ज्ञापन नहीं दिया गया। सेक्टरवासियों की मांग थी कि कोर्ट के आदेश के बाद से इनहांसमेंट जोड़ा जाए। सीएम ने पूरे मामला की निगरानी करने के लिए कमेटी गठित कर रखी है। जो इस पर विचार कर रही है। -ब्रह्मप्रकाश, डीआरओ

प्लाॅटधारकों को राहत देने की कोशिश

इनहांसमेंट वापस लेना या न लेना वित्तीय मामला है। सरकार की ओर से इस मुद्दे पर दो बार मीटिंग की जा चुकी है। प्लाॅटधारकों को राहत देने की कोशिश की जा रही है। एक सप्ताह में राहत देने का फार्मूला लाया जाएगा। -राजीव जैन, मीडिया प्रभारी, भाजपा

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