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ऑडिट टीम खंगालेगी सिटी सब डिविजन की 30 हजार एंट्रीज

शहर के एक होटल व बार के मीटर जलाने व उपभोक्ता के बिल में डिडक्शन करने के मामले में बिजली निगम के उच्च अधिकारियों ने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:20 AM IST

ऑडिट टीम खंगालेगी सिटी सब डिविजन की 30 हजार एंट्रीज
शहर के एक होटल व बार के मीटर जलाने व उपभोक्ता के बिल में डिडक्शन करने के मामले में बिजली निगम के उच्च अधिकारियों ने स्पेशल ऑडिट करवाने के लिए जींद से एकाउंट टीम को बुलाया है। एकाउंट आॅफिसर पूरे सिटी सब डिविजन का रिकॉर्ड खंगालेगी। बिजली निगम के चीफ इंजीनियर ने सिटी की 30 हजार एंट्री चेक करने के निर्देश दिए हैं। अंदेशा जताया जा रहा है कि एकाउंट में गड़बड़ी के कई और मामले सामने आ सकते हैं। इसके चलते ही एकाउंट ऑफिसर को जांच के लिए लगाया गया है।

सिटी सब में इस तरह की करीब 30 हजार एंट्रीज हैं। टीम सदस्यों का कहना है कि एक-एक एंट्री को चेक करना लंबा काम है। जब तक पूरी तरह से जांच नहीं होगी काम चलता रहेगा। वे तब तक यहां से नहीं जाएंगे, जब तक एक-एक एंट्री की जांच न की जा सके। इन एंट्री में ये जांचा जाएगा कि कहीं अन्य एंट्री में तो गड़बड़ नहीं की गई है। अगर ऐसे मामले और सामने आते हैं तो उन्हें भी ट्रेस किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि गड़बड़ी मिलने का अंदेशा है।

इस मामले के बाद सिटी सब डिविजन के अधिकारियों से लेकर स्टाफ में खलबली मच गई है। एकाउंट अधिकारियों ने डेटा डाउनलोड करने का काम शुरू कर दिया है।

नगर निगम में मेयर ने 5 को बुलाई बजट बैठक

हिसार | नगर निगम प्रशासन ने 5 अप्रैल को निगम सभागार में बजट को लेकर बैठक बुलाई है। मेयर शकुंतला राजलीवाला की अध्यक्षता में बैठक में साल 2018-19 का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें शहर के विकास कार्यों से लेकर निगम में कर्मचारियों के वेतन सहित अन्य कार्यों पर खर्च होने वाले बजट को प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें नगर निगम की आय के विभिन्न मदों पर चर्चा होगी। अकाउंट शाखा के अधिकारी बजट संबंधी डेटा प्रस्तुत करेंगे।

पार्षदों को मिला नहीं बजट का एजेंडा

बजट की बैठक की तैयारी चल रही है, मगर अभी तक बजट का एजेंडा अध्यक्ष तक को नहीं मिला है। बैठक को तीन दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में बजट का एजेंडा पार्षद कब पढ़ेंगे। कब समझेंगे और क्या उस पर अपना सुझाव व राय दे पाएंगे। ऐसे में पूर्व की भांति बैठक मात्र औपचारिकता में बदलती नजर आ रही है।

अकाउंट अधिकारी दुरुस्त डेटा नहीं दे पाए थे

पूर्व में हुई बजट की बैठक में अधिकारियों का रिकॉर्ड मजाक बनकर रह गया था। क्योंकि बार-बार कहने के बावजूद अधिकारी बजट में जोड़ ही ठीक से नहीं कर पाए थे। उसमें कई खामियां थीं, जिस पर उन्हें पार्षदों की खरी-खरी सुननी पड़ी थी। यहां तक की मेयर ने बजट के आंकड़े के जोड़ पर ही उनकी क्लास लगाई थी। सूत्रों की मानें तो अभी तक भी निगम स्टाफ बजट संबंधी डेटा दुरुस्त नहीं कर पाया है।

पहल

सिविल अस्पताल में आरओपी तकनीक से प्री मेच्योर दृष्टिहीन शिशुओं की पहचान होगी

भूपेश मथुरिया| हिसार

सिविल अस्पताल में अगले सप्ताह से रेटिनोपैथी आॅफ प्री मेच्योर (आरओपी) की सुविधा शुरू हो रही है। इस नई व्यवस्था के तहत जन्मजात दृष्टिहीन बच्चों की पहचान संभव होगी, ताकि समय पर उनका इलाज शुरू हो सके।

इसका सबसे ज्यादा फायदा उन माताओं को होगा, जिनकी प्री मेच्योर डिलीवरी यानी समय से पूर्व बच्चा पैदा हुआ है। आमतौर पर अभिभावकाेें को बच्चे में तीन साल के बाद उनके दृष्टिदोष का पता चलता है। खास बात यह कि बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. रविंद्र और नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डाॅ. गुलशन महता पीजीआई चंडीगढ़ में आरओपी की ट्रेनिंग करके लौट आए हैं।

बाल रोग विशेषज्ञ और नेत्र सर्जन ने पीजीआई चंडीगढ़ में ट्रेनिंग ली, जिला अस्पतालों में शुरू होगी सेवा

मीटर जलवा बिल कम करवाने का मामला

यहां यह बता दें कि बिजली निगम के दो जेई, दो एलडीसी व एक लाइनमैन सहित दो उपभोक्ताओं पर एक्सईएन विजेंद्र लांबा ने केस दर्ज करवाया था। उन्होंने उच्च अधिकारियों के आदेश पर सिटी थाना पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत के तहत इन स्टाफ सदस्यों ने उपभोक्ताओं के साथ मिलकर उनके बिलों पर कटौती कर दी। आरोप ये भी है कि उन्होंने साजिश के तहत मीटर जलवा दिए। शहर की रेड स्क्वेयर मार्केट स्थित एक होटल व सेक्टर 14 की बार के कई बार मीटर की डिस्प्ले जला कर बदलवाए गए। बिजली निगम को बार से 5 लाख 66 हजार रुपए का सरकारी खजाने का घाटा भी लगा।

पीजीआई चंडीगढ़ में होगा लेजर ट्रीटमेंट

गर्भ में पल रहा भ्रूण नौ माह में विकसित होता है। इससे पूर्व सात व आठ माह में पैदा होने वाले शिशुओं को प्री मेच्योर कहा जाता है। इस स्थिति में शिशु के अविकसित होने की पूरी संभावना होती है। उनका ना सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक विकास भी नहीं हो पाता। इसके साथ ही उनके दृष्टिहीन या फिर नजर कमजोर होने की संभावना भी ज्यादा रहती है। इन बच्चों की पहचान करके लेजर ट्रीटमेंट के लिए पीजीआई चंडीगढ़ में रेफर कर दिया जाएगा। इलाज के दौरान रेटिना की कमजोर नसों को ठीक किया जाएगा। अगर समय पर कमजोर नसों का इलाज हो जाए तो आंखों की रोशनी को खोने से भी रोक सकते हैं।

इसलिए खो देते हैं आंखों की रोशनी

सिविल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. रविंद्र का कहना है कि प्री मेच्योर शिशुओं के सारे अंग पूर्ण रूप से विकसित नहीं होते। उनका इम्यून सिस्टम भी काफी कमजोर होता है, जिससे उनके जल्दी संक्रमित होने का खतरा रहता है। इसीलिए इन बच्चों का दूसरे सामान्य बच्चों की तुलना में ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है। इस स्थिति में कोई बीमारी होती है तो काफी दिनों तक वेंटिलेटर रहने या आॅक्सीजन लगाने पर रेटिना जल्दी खराब हो जाता है, जिससे शिशु को दिखाई नहीं देता या फिर नजर कमजोर हो जाती है।

कृष्णा कॉलोनी के बाशिंदों ने की मांग गली का लेवल दो फुट न उठाया जाए

भास्कर न्यूज.हांसी

कृष्णा कालोनी की गली नंबर छह में गली का लेवल उठाए जाने का मामला फिर सीएम विंडो पर पहुंच गया है। मामले को इलाके के राज कुमार सीएम विंडो पर लेकर गए हैं। उनका कहना है कि गली पहले सीसी की बनी हुई थी। उसे उखाड़ने का काम शुरू कर दिया गया। इसे लेकर लोगों में आक्रोश फैल रहा है।

उन्होंने कहा कि गली उखाड़ने के दो महीने बाद तक काम शुरू नहीं किया गया। ठेकेदार को एक फुट ऊंचा उठाने के लिए गली का लेवल दिया गया। परिषद के अधिकारियों ने कहा कि नियमों के अनुसार लेवल को उठाया जाएगा। मगर लेवल दो फुट तक उठा दिया गया, जिससे गली से 12 से 15 तक मकान नीचे पड़ गए।

उन्होंने कहा कि गली में रहने वाले अधिकांश लोग दलित और पिछड़ा वर्ग से संबंध रखते हैं। मेहनत मजदूरी करके जीवनयापन करते हैं।

टीम जांच में लगी है : पवन

हमें चीफ ऑडिटर के आदेश मिले थे। रिकॉर्ड खंगाला जाएगा कहीं कोई और मामले न निकल आए, इसकी ही जांच की जानी है। करीब 30 हजार एंट्री है टीम जांच में लगी हुई है।'' - पवन कुमार, एकाउंट ऑफिसर।

इनेलो की सरकार आई तो गरीब कन्याओं की शादी में देंगे पांच लाख : नैना चौटाला

भाटोल जाटान में आयोजित हरी चुनरी की चौपाल में नैना चौटाला ने महिलाआों को किया संबोधित

भास्कर न्यूज। हांसी

प्रदेश में इनेलो की सरकार बनने पर गरीब कन्याओं की शादी के लिए पांच लाख रुपये कन्यादान के रूप में दिए जाएंगे। यह बात डबवाली से इनेलो विधायक नैना सिंह चौटाला ने कही।

नैना चौटाला भाटोल जाटान में आयोजित हरी चुनरी की चौपाल में बतौर मुख्य वक्ता बोल रही थी। उन्होंने कहा कि इनेलो ने हमेशा ही महिलाओं को सम्मान दिया है। जब-जब इनेलो सत्ता में आया, चाहे ताऊ देवीलाल की सरकार हो या फिर ओमप्रकाश चौटाला की, हर सरकार में महिलाओं और गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई। उन्होंने कहा कि इनेलो को सत्ता में लाने के लिए महिलाएं भी पार्टी की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लें और पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने में अपनी भूमिका अदा करें। उन्होंने कहा कि इनेलो की सरकार बनने पर गरीब कन्याओं के विवाह के समय शगुन के रूप में सरकार की ओर से पांच लाख रुपये दिए जाएंगे जिससे गरीब बाप अपनी बेटी की शादी को बोझ न समझे। उन्होंने सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओ का अभियान सिर्फ कागजों में ही चल रहा है। सरकार ने बेटियों की पढ़ाई के लिए न तो ग्रामीण क्षेत्रों में न तो शिक्षण संस्थाएं खोली और न ही शहरों तक जाने के लिए यातायात सुविधा दे रही है।

उन्होंने कहा कि बेटियां स्कूल, कालेज में जाते समय सुरक्षित महसूस नहीं करती। पढ़ी लिखी बेटियों के लिए रोजगार नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार जब पढ़ी लिखी बेटियों को रोजगार और पढऩे के लिए सुरक्षित माहौल प्रदान नहीं कर सकती तो, बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ अभियान का क्या औचित्य है। कार्यक्रम में पहुंचने पर पार्षद सरोज बामल ने नैना चौटाला और इनेलो विंग की प्रदेश अध्यक्ष शीला भ्याण सहित अन्य नेताओं का स्वागत किया।

पूर्व विधायक सरोज मोर, नीलम यादव, साध्वी पुष्पा ने भी हरि चुनरी की चौपाल को संबोधित किया। सेवापति पानू, सुनीता गुड्डी भाटोल, रेणू, मुन्नी, वीना चौधरी, ललिता टांक, बाला मलिक, राजबाला, सुरेंद्र कौर खर्ब, रोशनी, सरोज शास्त्री, सुमित्रा, ज्योति समोता, बाला जुगलान, निर्मला रेडू, कृष्णा खर्ब, फुली देवी मौजूद थीं। इससे पहले जिला प्रधान राजेंद्र लितानी, हलका प्रधान इंद्र फौजी, रमेश गोदारा ने हरी चुनरी की चौपाल कार्यक्रम के लिए बधाई दी।

यह भी जानना जरूरी है

प्री मेच्याेर डिलीवरी के कारण असंतुलित खान-पान और गर्भवती में खून की कमी का होना है।

आरओपी के लिए पीजीआई रोहतक या चंडीगढ़ जाना पड़ता था। अब हिसार में सुविधा मिलेगी। दो किलोग्राम से कम वजन और नौ माह से पहले पैदा होने वाले शिशुओं की आंखों का रेटिना ज्यादा प्रभावित होता है।

अगले सप्ताह से शुरू होगी सेवा

निजी अस्पताल में एक बार जांच का शुल्क 500 से 1000 रुपए आता है। तीन बार तक जाना पड़ता है। सिविल अस्पताल व पीजीआई में यह निशुल्क है। प्री मेच्योर केसों में आरओपी से दृष्टिहीन बच्चों की पहचान कर पाएंगे। अगले सप्ताह से सेवा शुरू कर देंगे। डाॅ. गुलशन महता, नेत्र रोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल हिसार।

दाखिले के बाद आधार कार्ड बनवा कर स्कूल में जमा करवा सकते हैं विद्यार्थी

हरी चुनरी की चौपाल कार्यक्रम को संबोधित करतीं विधायक नैना चौटाला।

आल इंडिया होमगार्ड वेल्फेयर एसो. ने की बैठक

नारनौंद की अनाज मंडी में होमगार्ड के जवानों को संबोधितकरते प्रदेशाध्यक्ष विकास रंगा।

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