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दोनों तरफ चढ़ने के लिए लगेंगे एस्केलेटर, उतरना सीढ़ी या रैंप से ही होगा

बस स्टैंड के पास तलाकी गेट पर बनाए गए फुटओवर ब्रिज के दोनों तरफ एस्केलेटर लगाने को लेकर टेंडर ओपन हो गया है। टेंडर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 04:15 AM IST

बस स्टैंड के पास तलाकी गेट पर बनाए गए फुटओवर ब्रिज के दोनों तरफ एस्केलेटर लगाने को लेकर टेंडर ओपन हो गया है। टेंडर के तहत दोनों तरफ केवल चढ़ने के लिए ही एस्केलेटर लगाए जाएंगे। उतरने के लिए आम लोगों को रैंप व सीढ़ियों का ही यूज करना पड़ेगा। पीडब्लूडी बीएंडआर की इलेक्ट्रिक विंग ने टेंडर ओपन कर इसे सर्कल ऑफिस भेज दिया है। अब सर्कल ऑफिसर करनाल से फाइनल होने के बाद संबंधित एजेंसी को अलॉटमेंट लेटर जारी हो जाएगा।

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एस्केलेटर का टेंडर 2 करोड़ 39 लाख रुपए के एस्टीमेट पर लगाया गया है। अब संबंधित एजेंसी किस रेट में ये काम करेगी वो अलग बात है। एस्केलेटर फुट ओवर ब्रिज के बराबर ही लगेंगे। एक गुजरी महल की तरफ तथा दूसरी तरफ बस स्टैंड के गेट की तरफ। दोनों तरफ केवल चढ़ने के लिए एस्केलेटर लगाई जाएंगी। फुटओवर ब्रिज को हटाया नहीं जाएगा। इसकी सीढ़ियां व रैंप से ही इधर-उधर आने जाने वाले लोग नीचे उतर पाएंगे। पीडब्लूडी बीएंडआर के अधिकारियों ने तलाकी गेट के फुटओवर ब्रिज को कामयाब करने के लिए प्लानिंग की थी। सीएम एनाउंसमेंट में एस्केलेटर लगाने की घोषणा हुई थी।

गुजरते हैं 60 हजार वाहन

तलाकी गेट से हर रोज 60 हजार वाहन गुजरते हैं। प्रशासन की तरफ से इसका सर्वे भी करवाया गया था। इतने वाहनों के कारण दिन के समय जाम की समस्या ज्यादा रहती है। इस चौक पर ऋषि नगर के नजदीक अस्पताल में आने जाने वाले लोगों व वाहनों की भी संख्या भी ज्यादा होती है।

पुल बना सफेद हाथी

तलाकी गेट के पास प्रशासन ने वर्ष 2013 में फुटओवर ब्रिज बनाया था। मगर इस आेवर ब्रिज पर यात्रियों ने चढ़ना पसंद नहीं किया। जितना समय फुटओवर ब्रिज से होकर मेन रोड पार करने में लगता है तब तक इस रोड को तीन बार पार किया जा सकता है। इसी कारण लोग सीधे ही रोड पार कर रहे थे और फुटआेवर ब्रिज का यूज नहीं हो रहा।

टेंडर ओपन किया

फुट ओवर ब्रिज के दोनों तरफ केवल चढ़ने के लिए ही एस्केलेटर लगाए जाएंगे। इसको लेकर टेंडर ओपन हो चुका है। जिसे करनाल सर्कल अॉफिस भेजा है। वहां से फाइनल होने के बाद संबंधित एजेंसी को अलाॅट कर दिया जाएगा।’’ भीम सैन, एक्सईएन, पीडब्लूडी बीएंडआर।

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