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प्रदेश में 40 नहीं, बल्कि Rs.200 करोड़ से ज्यादा का हुआ दवा घोटाला: दुष्यंत

सांसद दुष्यंत चौटाला ने दावा किया कि हरियाणा में दवा और मेडिकल उपकरण खरीद में हुआ घोटाला 40 करोड़ रुपए का नहीं,...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 04:15 AM IST

प्रदेश में 40 नहीं, बल्कि Rs.200 करोड़ से ज्यादा का हुआ दवा घोटाला: दुष्यंत
सांसद दुष्यंत चौटाला ने दावा किया कि हरियाणा में दवा और मेडिकल उपकरण खरीद में हुआ घोटाला 40 करोड़ रुपए का नहीं, बल्कि 200 करोड़ से ज्यादा का हुआ है। इस घोटाले से केंद्र भी अछूता नहीं रहा है। शनिवार को चौटाला ने नई दिल्ली में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान खरीद को लेकर जुटाए आंकड़े और दस्तावेज पेश किए। उन्होंने कहा कि हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज या तो गलत आंकड़े प्रस्तुत करके जनता को गुमराह कर रहे हैं या फिर स्वास्थ्य अधिकारी उन्हें सही जानकारी न देकर अपना बचाव कर रहे हैं। अब यह फैसला मंत्री विज स्वयं करें कि उन्हें गुमराह होना है या करना है।

चौटाला ने कहा कि तीन वर्षों के दौरान करोड़ों रुपए की दवा, उपकरण व सामान खरीद में एकाउंट्स अफसर की चेकिंग या अनुशंसा नहीं है। ट्रेजरी के माध्यम से भुगतान नहीं किया है। सप्लाई करने वाली कंपनियों को करोड़ों रुपए का भुगतान सीधे बैंक खाते से चेक जारी कर किया गया। यह सरासर बड़ा घोटाला है। सांसद ने आरटीआई से प्राप्त आंकड़ों को प्रस्तुत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत केंद्रीय व जिला स्तर पर करीब डेढ़ वर्ष में 176 करोड़ 24 लाख रुपए की दवा, उपकरण व अन्य सामान खरीदा है। वर्ष 2015-16 और 2017 के दिसंबर तक आंकड़ा है। एनएचएम के तहत हरियाणा के जिलों में 808 करोड़ 13 लाख 91 हजार 488 रुपए खर्च किए हैं, जबकि आधिकारिक वेबसाइट पर यह आंकड़ा 1457 करोड़ रुपए का है। केंद्रीय स्तर पर हुए घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ने ओम सर्जिकल इंडस्ट्रीज से जम्मू-कश्मीर सरकार को दिए टेंडर रेट पर दवाइयां खरीदी, जबकि जम्मू-कश्मीर सरकार ने ओम सर्जिकल इंडस्ट्रीज को दो वर्ष के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया था। इस कंपनी के रेटों पर प्रदेश सरकार ने दवाइयां व अन्य मेडिकल सामान क्यों खरीदा?

इधर, सीएम मनोहर लाल ने कहा कि इस मामले की जांच होगी, जो दोषी होगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने यह मुद्दा उठाने पर सांसद दुष्यंत चौटाला का आभार व्यक्त किया।

16 गुना दाम पर खरीदे उपकरण

सांसद के अनुसार कुरुक्षेत्र व हिसार जिलों में खरीदे गए मेडिकल के विभिन्न आइटम के रेटों में कई गुना अंतर मिला है। कुरुक्षेत्र में एलिवेटर 300 रुपए में खरीदी गई। वहीं एलिवेटर हिसार में जीके कंपनी से 4500 रुपये, कुरुक्षेत्र में जीआईसी रेस्ट्रोरटिव 400 रुपए में खरीदा गया। हिसार में 2900 रुपए तथा एक्सट्रेक्शन फोरसेप की कीमत कुरुक्षेत्र के 425 रुपए के मुकाबले हिसार में 6900 रुपए यानी 16 गुना ज्यादा दामों पर खरीदे गए थे। उन्होंने कहा कि यह दवा घोटाला की एक छोटी तस्वीर है, खरीद की पूरी पिक्चर में बड़ी धांधली है।

कंसल की नियुक्ति पर उठाए सवाल

हरियाणा फार्मेसी कांउसिल के चेयरमैन के पद पर सोहन लाल कंसल की नियुक्ति पर सवाल खड़े किए हैं। कंसल की नियुक्ति के आदेश भी छुट्टी के दिन हुए हैं। रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत अरुण पराशर की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाए हैं। सरकार उन्हें लगातार एक्सटेंशन दे रही है।

ब्लड बैंक में एचआईवी-हेपेटाइटिस खरीद की होगी जांच: अनिल विज

रेवाड़ी | नागरिक अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में सगुन ट्रेडिंग से हेपेटाइटिस (एचबीएसएजी) एवं एचआईवी किट खरीद मामले में स्वास्थ्य मंत्री ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच 2017-18 में बिना ड्रग लाइसेंस वाली कंपनी सगुन से खरीदी गई दवाओं की होनी है। जिला ड्रग कंट्रोलर करेंगे। सांसद दुष्यंत चौटाला ने आरटीआई के आधार पर रेवाड़ी समेत प्रदेश के सात जिलों में दवा खरीद में 300 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया था। आरटीआई स्वास्थ्य विभाग के ही एक पूर्व कर्मचारी की ओर से लगाई थी। आरटीआई में सगुन ट्रेडिंग कंपनी के पास ड्रग लाइसेंस नहीं होने के बावजूद दवा सप्लाई का मामला सामने आया था। आरटीआई में तीन साल का रिकार्ड मांगा गया था, लेकिन रेवाड़ी में इसी कंपनी को 2017-18 के लिए भी ब्लड बैंक में रिजेंटस से लेकर एचआईवी एवं हेपेटाइटिस किट का टेंडर देने का गंभीर मामले को उजागर किया था।

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