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1970 में बने एचएयू ने पूरे किए 48 साल, नाॅर्थ इंडिया समेत विकसित देशों के स्टूडेंट्स के लिए एग्रीकल्चर में रिसर्च हब

हरियाणा के एक मात्र चौधरी चरण सिंह हरियाणा एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय ने 1970 से शुरुआत कर अपने 48 वर्ष पूरे कर लिए हैं।...

Danik Bhaskar | Feb 02, 2018, 07:05 AM IST
हरियाणा के एक मात्र चौधरी चरण सिंह हरियाणा एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय ने 1970 से शुरुआत कर अपने 48 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस दौरान विवि ने नॉर्थ इंडिया में तो अपना प्रभाव छोड़ा ही इसके साथ ही अब एशियन डिवेलपिंग देशों के विद्यार्थियों के लिए कृषि क्षेत्र के रिसर्च के लिए उत्तम संस्थान बन रहा है। विवि के वैज्ञानिकों एवं यहां से प्रशिक्षण पाने वाले किसानों की बदौलत 1967 में जहां 25.92 लाख टन का खद्यान्न उत्पादन प्रदेश में होता था, जाे कि बढ़कर 180 लाख टन हो गया है। इसमें गेहूं, धान, बाजरा, तिलहन में उत्पादन में कई गुना वृद्धि हुई है। एचएयू ने कृषि की 230 किस्मों का विकास किया है।

एचएयू कैंपस का ड्रोन से लिया चित्र। (फोटो )मनकेश मसीह

देश को कृषि की 230 किस्में दीं

स्थापना - 2 फरवरी 1970

संस्थापक कुलपति - डॉ. एएल फ्लेचर

वर्तमान कुलपति - डॉ. केपी सिंह

कॉलेज

एग्रीकल्चर, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग, बेसिक साइंस, होम साइंस व कैथल व रेवाड़ी में महाविद्यालय।

स्टार्ट अप

एरिया

7219

एकड़

विदेशी छात्र

बीज उत्पादन

20

सामुदायिक रेडियो स्टेशन

एचएयू

डिपार्टमेंट

डायरेक्टरेट ऑफ रिसर्च, एक्सटेंशन एजुकेशन, एग्रीकल्चर टेक्नॉलॉजी इन्फॉर्मेशन।

किसानों को अंत्रप्रन्योर बनाने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर

कृषि केन्द्र

19

जिलों में

भूटान, सूडान, नेपाल, ईरान, अफगानिस्तान, नाइजीरिया, मॉरिशस, मंगोलिया, वियतनाम, म्यांमार आदि

55

हजार क्विंटल प्रति वर्ष

विज्ञानिकों के पेटेंट

53

सहयोगी

इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जापान, टोकियो कृषि विवि, वाशिंगटन स्टेट विवि, मिशिगन स्टेट विवि, नीदरलैंड के विवि के साथ अनुबंध।

विद्यार्थी

2500

से अधिक (स्नातक व परास्नातक)

के लिए आवेदन, 13 तकनीकों पर मिला पेटेंट

6

नए स्टेशन प्रदेश में बनेंगे