• Hindi News
  • Haryana
  • Hisar
  • गेहूं-चावल उगाने वाले किसानों को होगा प्रति एकड़ सिर्फ 1000 रुपए का लाभ
--Advertisement--

गेहूं-चावल उगाने वाले किसानों को होगा प्रति एकड़ सिर्फ 1000 रुपए का लाभ

भास्कर न्यूज | हिसार/राजधानी हरियाणा केंद्र सरकार के बजट में खरीफ फसल के लिए डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 07:05 AM IST
गेहूं-चावल उगाने वाले किसानों को होगा प्रति एकड़ सिर्फ 1000 रुपए का लाभ
भास्कर न्यूज | हिसार/राजधानी हरियाणा

केंद्र सरकार के बजट में खरीफ फसल के लिए डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने से प्रदेश 16 में से 14 लाख किसानों को फायदा होगा। इनमें 2 लाख किसान सब्जियां उगा रहे हैं। किसानों को लागत के अलावा उसका 50 फीसदी और पैसा मिलेगा। केंद्र सरकार करीब 33-34 फसलों के लिए एमएसपी तय करती है और उसमें प्रदेश की सभी 23-24 फसलें आती हैं।

एचएयू में कृषि अर्थशास्त्र विभाग डिपार्टमेंट के एचओडी रह चुके सेवानिवृत्त कृषि अर्थशास्त्री डॉ. अर्जुन सिंह की मानें तो गेहूं व चावल उत्पादित करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 1 हजार रुपए का फायदा होने की उम्मीद है। किसान के पास 5 एकड़ भूमि है तो उसे 5 से 6 हजार रुपए का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। मगर यह उस समय की प्रॉडक्शन की कॉस्ट पर निर्भर करेगा कि किसान को फसल पर कितना फायदा होगा। मगर इसमें भी शर्त है कि अगर किसानों की फसल अच्छी हुई तभी यह दाम मिलेगा। वहीं लघु सीमांत किसानों को अधिक फायदा नहीं होगा। अर्थशास्त्री मानते हैं कि गेहूं के लिए सरकार को कम से कम 2500 रुपए एमएसपी करना चाहिए। वहीं, आर्गेनिक खेती के लिए हरियाणा की एकमात्र कृषि विवि में दीनदयाल उपाध्याय आर्गेनिक फार्मिंग केन्द्र खुला है, जहां किसानों को आर्गेनिक खेती का अब प्रशिक्षण मिलेगा। एचएयू के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि यहां गेहूं व चावल अधिक होता है, एमएसपी बढ़ेगी तो फायदा जरूर होगा। इधर, प्रदेश के 40 हजार टीबी के मरीजों को हर माह 500 रुपए मिलेंगे।

खरीफ फसलों का एमएसपी 1.5 गुना करने से प्रदेश के 16 में से 14 लाख किसानों को होगा फायदा, हमारी सभी फसलें इसके दायरे में आएंगी

यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम से स्वास्थ्य मंत्री सहमत नहीं

जितना प्रीमियम बीमा कंपनियों को देंगे, उससे चिकित्सा सेवाओं को बेहतर कर सकते हैं: विज

सीएम ने कर रखी है हर नागरिक को स्वास्थ्य बीमा देने की घोषणा

राजधानी हरियाणा |
प्रदेश में हर आदमी को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस देना प्रस्तावित है। लेकिन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ही इस स्कीम से सहमत नहीं। उनका मानना है कि इसके लिए बतौर प्रीमियम राशि बीमा कंपनियों को अच्छी खासी रकम देनी पड़ेगी। इस राशि से सरकारी अस्पतालों में खर्च कर लोगों को बेहतर सुविधाएं दी जा सकती हैं।

सीएम मनोहर लाल ने सार्वजनिक तौर पर घोषणा की थी कि लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार हर व्यक्ति को स्वास्थ्य बीमा देगी। इस संबंध में सीएमओ ने प्रस्ताव बनाकर स्वास्थ्य विभाग को भेजा था। विज ने असहमति जता प्रस्ताव लौटा दिया है। हरियाणा की यूनिवर्सल हैल्थ इंश्योरेंस स्कीम भले ही विवादों की शिकार हो रही है, लेकिन केंद्रीय आम बजट में गुरुवार को ही योजना घोषित की है।

आम बजट से सरकार के बाकी मंत्री खुश, विपक्ष खफा

सीएम मनोहर लाल- यह बजट किसानों की आय दोगुनी करने में मील का पत्थर साबित होगा। यह नए भारत की नींव है।

उद्योग मंत्री विपुल गोयल- इस बजट को एमएसएमई सेक्टर के लिए वरदान है। उद्यमियों का विशेष ध्यान रखा है।

शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा- पूरे देश में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी। डिजिटलाइजेशन से बुनियादी ढांचे में सुधार होगा। प्ले से 12वीं कक्षा तक का ध्यान रखा है।

वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु- कृषि ऋण के लिए 11 लाख करोड़ का प्रावधान व कृषक उत्पादक संगठनों को प्रोत्साहन देने और किसान क्रेडिट कार्ड का दायरा पशुपालन व्यवसाय से जुड़े भूमिहीन किसानों तक पहुंचाने का वादा किया है।

अभय चौटाला, इनेलो- किसानों को फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने को लेकर तो केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली संसद में सफेद झूठ बोल गए। भाषण में कहा कि कई फसलों पर समर्थन मूल्य लागत से डेढ़ गुना अधिक निर्धारित किया है। खरीफ फसलों के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाएगा।

किरण चौधरी, कांग्रेस- किरण चौधरी ने कहा कि बजट में हेल्थ व एजुकेशन सैस बढ़ाकर 4% किया है। इससे तमाम चीजें महंगी होंगी और आम आदमी की जेब पर भार आएगा। इसी तरह किसानों को लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की बात कही है, लेकिन यह फिलहाल संभव नजर नहीं आता।

X
गेहूं-चावल उगाने वाले किसानों को होगा प्रति एकड़ सिर्फ 1000 रुपए का लाभ
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..