• Home
  • Haryana
  • Hisar
  • जैविक कृषि दर्शन कार्यक्रम में किसान देखेंगे बिना रसायनों के कैसे अच्छी होती है फसल
--Advertisement--

जैविक कृषि दर्शन कार्यक्रम में किसान देखेंगे बिना रसायनों के कैसे अच्छी होती है फसल

25 फरवरी 2018 को कुदरती खेती अभियान की ओर से जैविक कृषि दर्शन कार्यक्रम आयोजित करेगा। जैविक कृषि दर्शन कार्यक्रम 10...

Danik Bhaskar | Feb 02, 2018, 02:10 AM IST
25 फरवरी 2018 को कुदरती खेती अभियान की ओर से जैविक कृषि दर्शन कार्यक्रम आयोजित करेगा। जैविक कृषि दर्शन कार्यक्रम 10 जिलों के 15 खेतों पर आयोजित किया जाएगा। इस के अंतर्गत कोई भी किसान अपने आस-पास के किसी भी खेत पर 10 बजे से 1 बजे के बीच जा कर स्वयं देख सकता है कि बिना रसायनों और बिना किसी भी बाहरी उत्पाद के प्रचलित खेती के मुक़ाबले की पैदावार ली जा सकती है। जैविक कृषि दर्शन के लिए हर जिले से खेतों को चुना गया है। जिले के बाकी जैविक किसान भी चुने गए खेतों पर नए किसानों के मार्गदर्शन के लिए उपलब्ध रहेंगे।

मिलेगा आवश्यक साहित्य व अच्छी पैदावार की जानकारी

क़ुदरती खेती अभियान, हरियाणा के सलाहकार एवं महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र चौधरी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि कुदरती खेती में अच्छी पैदावार लेने के लिए इस के विज्ञान को समझ कर खेती के तरीकों में कई बदलाव करने पड़ते हैं जिन की जानकारी और प्रशिक्षण आवश्यक है। इस लिए सुरक्षित भोजन एवं टिकाऊ खेती चाहने वाले किसान अपनी सुविधा अनुसार अपने आस-पास के किसी भी खेत में ज़रूर जाएं। इस से जैविक खेती में पैदावार घटने का उनका भय खत्म हो जाएगा। खड़ी फसल देखने के साथ साथ वो बुनियादी जानकारी भी पाएंगे, साहित्य भी उपलब्ध होगा।

दो साल से बढ़ी रसायनमुक्त खेती में रुचि

डॉ. राजेंद्र चौधरी ने बताया कि हरियाणा में 2015 से रसायनमुक्त खेती में रुचि बढ़ी है जिस के अब सुखद परिणाम आने लगे हैं। हरियाणा के जैविक किसान-वैज्ञानिकों के प्रयोग सफलता की ओर अग्रसर हैं। सुरक्षित एवं पोष्टिक भोजन एवं टिकाऊ खेती के चाहने वाले सब व्यक्तियों, उपभोक्ताओं और संगठनों, विशेष तौर पर किसान संगठनों से, इस जैविक कृषि दर्शन कार्यक्रम में भाग लेने की और इस को सफल बनाने की अपील की।

यहां देख सकते हैं किसान: डॉ. उदय भान गांव बेलरखां, मंजीत सिंह गांव खरक रामजी, फूल कुमार गांव भैणी मातों, बंसी लाल गांव चिड़ी, राम किशन गांव बिरोहड़, अनिल कुमार ढाणा, सल्हावास, सोमदत्त यादव गांव भुरथला, मनोज गांव गिगनाऊ, लोहारू, जितेंद्र मिगलानी गांव फरीदपुर, रणजीत सिंह गांव, चमराड़ा, राज कुमार आर्य गांव मेहरा लाडवा, सुनील शर्मा गांव सालवन, राजेंद्र कुमार गांव रामायण, धर्म पाल गांव उमरा, मास्टर जितेंद्र कुमार गांव बरोना।