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राम रहीम के दोषी करार दिए जाने पर पंचकूला में हुई हिंसा के आरोपियों के 141 चालान SIT ने कोर्ट में किए पेश

पंचकूला में हुई हिंसा के आरोपियों के 141 चालान मंगलवार को पंचकूला कोर्ट में पेश किए गए।

संजीव महाजन / अमित शर्मा || Last Modified - Nov 15, 2017, 07:19 AM IST

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Panchkula violence Accused First time in court
पंचकूला कोर्ट मेें पेशी पर जाते हिंसा के आरोपी।
पंचकूला. साध्वी यौन शोषण मामले में 25 अगस्त को गुरमीत राम रहीम के दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला में हुई हिंसा के आरोपियों के 141 चालान मंगलवार को पंचकूला कोर्ट में पेश किए गए। एसआईटी ने हिंसा की पूरी साजिश की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे और किन लोगों ने पहले पुलिस पर पथराव किया,  पुलिस को भगाया। सरकारी गाडियों को तोड़ा और आग लगाई। अलग-अलग सेक्टर्स में बिल्डिंगस के शीशे तोड़े, प्राईवेट के साथ-साथ सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया। ये सब सिद्ध करने के लिए एसआईटी ने सबूतों की लिस्ट भी कोर्ट में जमा करा दी है। जिसमें पंचकूला में उस दिन तैनात सभी डयूटी मजिस्ट्रेट की स्टेटमेंट्स भी दी गई।

इसके साथ ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट के ऑर्डर को भी कोर्ट में चालान के साथ लगाया है। इसके अलावा पूरे मामलें में कई आईपीएस अधिकारियों, डीएसपी, इंस्पेक्टर्स और पुलिसकर्मियों को गवाह बनाया गया है। ताकि आरोपों को सिद्ध किया जा सके। इस पूरे दंगों के दौरान पुलिस ने 172 एफआईआर दर्ज की हैं, 800 से ज्यादा आरोपियों को पकड़ा गया है। जिसके चलते अब देशद्रोह के दो मामलों को छोड़कर बाकी सभी एफआईआर में पुलिस ने चालान तकरीबन कंप्लीट कर लिए हैं। इधर, मंगलवार को भारी सुरक्षा के बीच आरोपियों को भी कोर्ट में पेश किया गया।  सूत्रों के अनुसार देशद्रोह के दो मामलों में चालान पेश नहीं किया गया है। क्योंकि अभी कई आरोपियों को पकड़ना बाकी है। लेकिन अगर 90 दिनों के दौरान बाकी आरोपियों को पकड़ा नहीं जाता है, तो पुलिस कोर्ट में चालान पेश करना पड़ेगा। इन चालान को तैयार कर डिस्ट्रिक अटॉर्नी को दिया गया है, ताकि कमियों को पूरा किया जा सके। 

पंचकूला पुलिस के सबूत
- आरोपियों की वीडियो रिकॉर्डिंग लगाई है, जिसमें 24 और 25 अगस्त की लोकेशन भी शामिल है।
- सभी के कॉल डिटेल डाटा और मोबाइल नंबर लोकेशन दी गई है।
- सीटीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर दंगा, गाडियों को आग लगाने, पत्थरबाजी करने वालों की पहचान की गई।
- 50 से ज्यादा आरोपियों की मौके की फोटो भी लगाई गई है।
- आरोपियों को एक दूसरे के खिलाफ गवाह भी बनाया गया है। 
 
आधा दर्जन अफसर कर रहे बाबा की निगरानी: पंवार
बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा काट रहे गुरमीत सिंह सुनारिया जेल में हर समय 6 अफसरों की निगरानी में रहता है। इसमें दूसरी जेलों से एक-एक जेल अधीक्षक को हर सप्ताह रोटेशन से लगाया जाता है। इनके साथ ही अन्य जेलों के उप अधीक्षकों की भी ड्यूटी लगती है। किसकी ड्यूटी कब आएगी, इसकी जानकारी सुनारिया जेल प्रशासन को भी नहीं होती। उसकी बैरक पर ड्यूटी करने वाले सभी जेल अधिकारियों और जवानों को लिखित में आदेश हैं कि गुरमीत सिंह से अकेले में कोई भी मुलाकात नहीं करेगा। यह कहना है राज्य के कारागार मंत्री कृष्ण लाल पंवार का। 
 
वे मंगलवार को चंडीगढ़ में सुनारिया जेल के एक कैदी राहुल जैन के आरोपों पर सफाई दे रहे थे। उन्होंने कहा कि कैदी राहुल जैन के आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। जेल में गुरमीत सिंह को न तो किसी तरह का वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है और न ही उसे कामकाज से छूट मिली हुई है। उसके साथ वहां आम कैदियों जैसा ही व्यवहार होता है और जेल मैन्युअल के मुताबिक वही सुविधाएं दी जा रही हैं जो अन्य कैदियों को उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि गुरमीत सिंह को वही खाना दिया जाता है जो आम कैदियों को मिलता है। उसके परिवार को भी सप्ताह में एक ही दिन मुलाकात करने की इजाजत है।
 
सिरसा में आगजनी व हिंसा के 100 आरोपी सलाखों के पीछे
 डेरा प्रकरण में आगजनी व हिंसा करने वाले उपद्रवियों को पकड़ने का अभियान पुलिस ने एकाएक तेज कर दिया है। पिछले एक सप्ताह में 25 से अधिक उपद्रवी पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। अब तक इस प्रकरण में 100 से अधिक उपद्रवी सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं।  मंगलवार को भी शहर थाना पुलिस ने 25 अगस्त को दर्ज किए गए मामले में चार और वांछित लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने प्रीत नगर की गली नंबर 9 निवासी संदीप उर्फ काका, प्रीत नगर की गली नंबर 5 निवासी विजय प्रकाश, बलवान सिंह निवासी ढाणी सावनपुरा, प्रीत नगर की गली नंबर 6 निवासी संजीव कुमार को गिरफ्तार किया है। यहां बता दें कि बेगू रोड स्थित मिल्क प्लांट और गांव बेगू स्थित बिजलीघर में तोडफ़ोड़ व आगजनी करने के मामले में तेजी से हो रही गिरफ्तारियों के कारण डेरा प्रेमियों में दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस की  ओर से धरपकड़ से पहले आरोपी की पहचान की जाती है, उसके बाद ही गिरफ्तारी की कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
 
बिजलीघर व मिल्क प्लांट में हुई थी आगजनी
बीती 25 अगस्त को सीबीआई कोर्ट पंचकूला ने डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह को साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिया था। इस फैसले के विरोध में पंचकूला के साथ-साथ सिरसा में भी उपद्रवियों ने बड़ी संख्या में आगजनी की थी। मिल्क प्लांट में करोड़ों रुपये की मशीनरी और वाहन तबाह कर डाले। वहीं गांव बेगू स्थित बिजली घर में भी करोड़ों रुपये के ट्रांसफार्मर और उपकरण नष्ट कर दिए। बिजली घर में 7 वाहन भी फूंके गए थे। 
 
 
 
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राम रहीम के साथ हनीप्रीत (फाइल फोटो)
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