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BPL कार्डधारकों को स्वरोजगार के लिए जागरूक करने को खर्चे 24 लाख, 8 लोगों को सिर्फ 5.30 लाख मिला लोन

पवन सिरोवा | Last Modified - Nov 05, 2017, 05:46 AM IST

शहरी आजीविका मिशन के तहत शहर के 65915 बीपीएल में से सिर्फ 8 लोगों को 5.30 लाख का लोन स्वरोजगार के लिए मिल पाया है।
हिसार।एक साल में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत शहर के 65915 बीपीएल में से सिर्फ 8 लोगों को 5.30 लाख का लोन स्वरोजगार के लिए मिल पाया है। हैरत की बात यह है कि इस योजना के प्रति लोगों को जागरूक करने को सरकार ने 11 कर्मचारी लगाए हैं। जिनमें 5 विशेषज्ञ, 5 उनके सहायक और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। इनके वेतन पर ही एक साल में 24 लाख रुपए खर्च दिए। साधन संसाधनों का खर्च जोड़ा जाए तो अनुमानित आंकड़ा करीब 50 लाख है।
दरअसल, इसके पीछे निगम प्रशासन बड़ी वजह बैंकों की तरफ आवेदकों को लोन स्वीकृत नहीं किया जाना बता रहा है। जिला प्रशासन की मनोनीत टॉस्क फोर्स कमेटी बीपीएल परिवारों के प्रोजेक्ट को हरी झंड़ी दे रही है, लेकिन सरकार की राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना को कई बैंक लोन देने को तैयार नहीं है। ऐसे में आवेदक लोन के लिए कभी निगम तो कभी बैंक के चक्कर काट रहे हैं। ऐसे में एनयूएलएम की टीम की प्रोग्रेस रिपोर्ट पार्षदों ने 15 नवंबर को प्रस्तावित हाउस की बैठक में तलब की है।
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत स्वरोजगार का सपना संजोए 605 लोगों ने लोन लेने के लिए आवेदन किया। 1 अप्रैल से अब तक 140 लोगों के प्रोजेक्ट को (टास्क फोर्स कमेटी) टीएफसी ने मंजूरी दी। कमेटी के चेयरमैन निगम कमिश्नर हैं। इनके नेतृत्व वाली कमेटी में जिला अग्रणी बैंक अधिकारी, दो बैंकों के सीनियर अधिकारी अन्य विभाग के अधिकारी होते हैं। कमेटी से स्वरोजगार प्रोजेक्ट को हरी झंड़ी मिलने के बाद भी 132 गरीब लोगों से बैंक निगम प्रशासन सिर्फ चक्कर कटवा रहा है। कोई 6 से अधिक तो कोई 2 माह से निगम बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं।
शहर में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन का हाल जानिए एनयूएलएम का मकसद

केंद्रीयआवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय के राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन को हरियाणा सरकार एवं शहरी निकाय के संयुक्त प्रयास से शहरी गरीबों के उत्थान के लिए चलाया गया है। इसके तहत बीपीएल गरीबों को व्यक्तिगत एवं समूह उद्यम को ऋण मुहैया करवा आर्थिक मदद देना है। इसमें व्यक्तिगत ऋण 2 लाख समूह में ऋण 10 लाख तक बैंकों द्वारा प्रचलित ब्याज दर की जगह कम ब्याज पर देय था। अतिरिक्त ब्याज सरकार बैंकों को चुकाती है।

ग्राउंड रिपोर्ट
वार्ड-9 में 12 क्वाटर रोड नेताजी कॉलोनी निवासी पप्पू शुक्रवार को नगर निगम प्रशासन को बैंक अधिकारियों की शिकायत करने पहुंचा। पप्पू ने आरोप लगाते हुए कहा कि वह गली-गली घूमकर कुकर ठीक करता है। कुकर, गैस चूल्हा ठीक करने की दुकान खोलने के लिए लोन का फार्म भरा था। जुलाई 2017 से बैंक निगम वाले लोन के लिए चक्कर कटवा रहे हैं। उधर, लोगों को लोन दिला पाने में बैंकों की मॉनिटरिंग करने वाले लीड बैंक प्रशासन भी हाथ खड़े कर चुका है। लोन के नाम पर लोगों से मात्र औपचारिकताएं ही हो रही हैं।
मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई
^बैंकलोन नहीं मिल पाने के संबंध में मेरे पास कोई व्यक्ति नहीं आया। योजना के संबंध में निगम प्रशासन की तरफ से किए जाने वाले कार्य में यदि किसी को योजना से संबंधित परेशानी रही है तो समस्या का समाधान करवाया जाएगा। जयवीरयादव, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम हिसार।
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Web Title: BPL sim carddhaarkon ko svrojgaaar ke liye jaagaruk karne ko khrche 24 laakh, 8 logon ko sirf 5.30 laakh milaa loan
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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