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सरकार का दावा- बचे हुए 3% यानी 19,727 गांवों में बिजली पहुंचा दी, पर इनके 92% घरों में अब भी अंधेरा

7.5 करोड़ घरों में बिजली नहीं, 50% हिस्से में 12 घंटे से कम बिजली भास्कर न्यूज | नई दिल्ली मोदी सरकार का दावा है कि...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:05 AM IST

7.5 करोड़ घरों में बिजली नहीं, 50% हिस्से में 12 घंटे से कम बिजली

भास्कर न्यूज | नई दिल्ली

मोदी सरकार का दावा है कि देश के 100% गांवों में बिजली पहुंच चुकी है। एक हजार दिन में 18.5 हजार गांवों में बिजली पहुंचाने का वादा 12 दिन पहले ही पूरा कर लिया गया। सूत्रों के मुताबिक सरकार इस उपलब्धि पर मेगा शो करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए इन गांवों से प्रतिनिधि भी बुलाए जाएंगे। कार्यक्रम का दिन और जगह अभी तय नहीं है। हालांकि सरकारी आंकड़े बताते हैं कि 4 साल में इलेक्ट्रिफाइड किए गए 19,727 गांवों के 8% घरों तक ही बिजली कनेक्शन हुए हैं। यानी 92% घर अंधेरे में हैं। देश में 7.5 करोड़ घरों में कनेक्शन नहीं है। 50% हिस्सों में रोजाना 12 घंटे से कम बिजली आती है। सरकार का कहना है कि इन घरों में बिजली पहुंचाने के लिए सौभाग्य योजना लांच की गई हैै। इसकी डेडलाइन मार्च 2019 है। पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफसरों को दिसंबर 2018 तक काम पूरा करने का निर्देश दिया है।

गांव में बिजली की सरकारी परिभाषा...

क्या हुआ100% विद्युतीकरण का दावा, यानी देश के 5,97,464 गांवों में पहुंची बिजली

केंद्र का कहना है कि देश के अब सभी 5,97,464 गांवों का विद्युतीकरण हो गया है। इसमें 76 हजार करोड़ रुपए लगे। सरकार की परिभाषा के मुताबिक वे गांव इलेक्ट्रिफाइड माने जाते हैं, जहां बेसिक इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर हो और गांव के 10% मकानों और सार्वजनिक जगहों पर बिजली हो।

यूपीए सरकारने 10 साल में 1.04 लाख गांवों में बिजली पहुंचाई थी

भाजपा सरकारने 3 साल 11 महीनेे में 20 हजार गांवों में बिजली पहुंचाई

28,706

18,374

9,819

9,301

वे सभी गांव इलेक्ट्रिफाइड माने जाएंगे, जहां बेसिक इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर हो और गांव के कम से कम 10% मकानों या सार्वजनिक जगहों में बिजली हो

18,306

12,056

नोट: 2005 का मतलब वित्तीय वर्ष 2005-06

गांवों की संख्या

7,934

2587

7,108

1,197

1405

दावा क्या है...19,727 गांवों तक नहीं पहुंची थी बिजली, 998 दिन में पहुंचाई गई

15 अगस्त 2015 को 18,452 गांवों की पहचान की गई, जहां बिजली नहीं पहुंची थी। बाद में इसमें 1275 और गांव जोड़े। 988 दिन में ही इन गांवों में बिजली पहुंचाई गई। सरकार का दावा है कि यह काम 12 दिन रहते पूरा हो गया। औसतन रोजाना साढ़े 16 घंटे में एक गांव इलेक्ट्रिफाइड हुआ।

6,604

6,015

राजस्थान के 20 हजार गांव-बस्तियों में बिजली नहीं; मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा के भी कई गांव बिजली से दूर

मध्यप्रदेश

भिंड के गोहद तहसील मुख्यालय से 8 किमी दूर बरौआ, छरेंठा गांव में बिजली नहीं है।

मुरैना के 34 गांव समेत 200 मजरे-टोले ऐसे हैं, जहां पोल तो हैं। पर बिजली नहीं है।

हरियाणा

हिसार से 9 किमी दूर धांसू के पास इंदिरा आवास कॉलोनी में 12 साल से बिजली नहीं है।

इस कॉलोनी में पोल तो लगे हैं, ट्रांसफार्मर भी लगे हैं, पर बिजली की सप्लाई नहीं है।

राजस्थान

राजस्थान के 20 हजार गांव-बस्तियों में बिजली नहीं है। 25 लाख आबादी अंधेरे में है।

जयपुर से 50 किमी दूर नारायणपुरा समेत एक दर्जन गांव ऐसे हैं, जहां बिजली नहीं है।

छत्तीसगढ़

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य के 122 गांवों में अभी बिजली नहीं पहुंची है।

बस्तर के जिस बामदई गांव से सीएम ने बिजली त्योहार शुरू किया, वहीं पर अंधेरा है।

और इसका मतलब क्या...देश के सभी गांवों में अब बिजली पहुंच चुकी है

जब मोदी सरकार सत्ता में आई थी तब देश के 96.5% गांव इलेक्ट्रिफाइड हो चुके थे। यानी 3.4% गांव ही बचे थे। इसका मतलब यह नहीं हुआ कि सभी घरों में बिजली पहुंच गई है। हां, उनकी पहुंच जरूर हो गई है। अभी भी देश के 25 राज्यों के 7.5 करोड़ घरों में बिजली नहीं पहुंची है।

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में 19 लाख परिवार ऐसे हैं, जिन्हें बिजली नहीं मिली सकी है।

औरंगाबाद में 5 लाख परिवार, मराठवाड़ा में 35 हजार परिवार बिजली के इंतजार में हैं।

बिहार-पंजाब

बिहार के सभी 39073 गांवों में बिजली है। पर 1.23 करोड़ घरों में बिजली आना बाकी है।

पंजाब में 12581 गांव हैं। सरकार का दावा है कि सभी गांवों में बिजली पहुंच गई है।

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