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डीसी बोले-कौन सी समितियों का मैं अध्यक्ष हूं किसी को पता है अधिकारी बोले-50 कमेटी तो हमें पता है, नहीं दे पाए विवरण

लघु सचिवालय में सोमवार को डीसी अशोक कुमार मीणा ने 20 सूत्रीय कार्यक्रमों को लेकर सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 03:15 AM IST

लघु सचिवालय में सोमवार को डीसी अशोक कुमार मीणा ने 20 सूत्रीय कार्यक्रमों को लेकर सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें अधिकारियों के सुस्त काम करना दिखाई दिया। एक नहीं बल्कि ऐसे कई मामले बैठक में सामने आए जो कि एक माह बाद भी पूरे नहीं हुए। इसमें समितियों को खोजने से लेकर कार्यालयों में महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न के मामलों के लिए समिति गठित करने जैसे काम हैं।

डीसी ने अधिकारियों से पूछा कि कौन सी समितियों में मैं अध्यक्ष हूं किसी को पता है क्या, अधिकारी बोले 50 कमेटी तो हमें पता है, डीसी ने कहा खोजकर लाओ नहीं तो मैं बताऊंगा 177 समितियों के नाम। यह समितियां वह हैं जिनसे लोग सीधे जुड़े हैं। सामान खरीदने से लेकर लोगों की शिकायत सुनने तक इन समितियों से लोगों को सीधा जुड़ाव है। अब प्रशासन इन समितियों के कार्यों की हर रोज समीक्षा करेंगी। हैरानी की बात है कि सभी विभाग उन्हें उन सभी कमेटियों का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं करवा सके जिनके उपायुक्त अध्यक्ष अथवा सदस्य सचिव हैं। इन समितियों की डीसी ने नियमित समीक्षा बैठक करेंगे। एक महीने में भी अधिकारी इन कुछ देर के कार्यों को पूरा न कर सके।

जिला के दो पिछड़े खंडों उकलाना व नारनौंद के गांवों को परिवर्तन योजना के तहत किया जाएगा विकसित

यौन शोषण के मामलों की नहीं बनी समितियां

सरकार ने कार्यालयाध्यक्षों को अपने कार्यालयों में महिला कर्मचारियों से कोई यौन शोषण या उत्पीड़न जैसे मामले न हों इसके लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए थे। डीसी मीणा ने 30 दिन पहले अधिकारियों से समिति गठित करने के निर्देश दिए। सोमवार को दोबारा हुई बैठक में समिति की जानकारी ही नहीं थी।

सीएमओ को नहीं पता कि कितने डॉक्टर कर रहे एंट्री

ई उपचार की समीक्षा की तो मालूम चला कि इसमें मरीजों को दिए जाने वाली प्रिस्क्रिप्शन की एंट्री की प्रगति काफी कम है। इसमें प्रदेश में नीचे से जिले की गिनती होती है। डीसी ने सीएमओ से पूछा कि आपको पता है कि कितने डॉक्टर एंट्री कर रहे हैं। सीएमओ चुप रहे, उन्होंने बताया कि प्रगति हुई नहीं क्योंकि ऑपरेटर नहीं हैं।

पिछड़े गांवों को बढ़ाने के लिए परिवर्तन योजना

जिला के दो पिछड़े खंडों उकलाना व नारनौंद के गांवों को परिवर्तन योजना के तहत विकसित किया जाएगा। इसके लिए सभी विभाग इन खंडों के गांवों में अपनी योजनाओं का क्रियान्वयन शुरू करवाएंगे। विभिन्न खंडों के 12 गांवों में ग्रामोदय योजना भी लागू की जा रही है। इनमें तेजी से सात विभागीय योजनाओं को शत-प्रतिशत लागू किया जाना है।

गेहूं के अवशेष जलाने पर सेटेलाइट से नजर

गेहूं के सीजन के मद्देनजर खेत में अवशेषों को जलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए। अवशेषों को आग लगाने की घटनाओं की सैटेलाइट से नजर रखी जाएगी। आग लगाने वालों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया जाए। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि गत वर्ष धान की पराली जलाने पर 212 मुकदमे दर्ज किए गए थे लेकिन इस वर्ष जिला में गेहूं अवशेषों को आग लगाने का अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है। गांवों में नंबरदारों, पटवारी व ग्राम सचिव के माध्यम से इस कार्य की निगरानी करवाई जाएगी।

आंकड़ों में समझिए कौन से काम हुए

जिला में दिव्यांगों के लिए रैंप की व्यवस्था

बैंक- 328, रैंप बने- 250, एटीएम पर रैंप- 122

बेसहारा पशुओं से शहर को निजात

पहले दिन 50 पशुओं की कराई टैगिंग, अब हर दिन होगी

गांवों में अवैध कब्जों के मामले

गांवों में अवैध कब्जे होने पर 3 दिन में एसडीएम व राजस्व अधिकारी की कोर्ट में केस दायर करेंगे।

जिला में मार्डन पुस्तकालय

जिले में मार्डन पुस्तकालय बनाने का कार्य शुरू हो गया है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने के साथ दिव्यांगों के लिए भी पुस्तकालय खोला जाएगा। जिसमें उनके पढ़ने व सुनने से संबंधित उपकरण भी होंगे।

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