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पड़ोसी राज्य के गेहूं की एंट्री बंद, खरीद का भुगतान सीधे खाते में

गेहूं की खरीद करने वाली सभी खरीद एजेंसियां सिर्फ राज्य में रहने वाले किसानों से ही गेहूं खरीदेंगी। इसके लिए...

Danik Bhaskar | May 01, 2018, 03:15 AM IST
गेहूं की खरीद करने वाली सभी खरीद एजेंसियां सिर्फ राज्य में रहने वाले किसानों से ही गेहूं खरीदेंगी। इसके लिए प्रशासन ने एजेंसियों को निर्देश दिए हैं। गेहूं का भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से किसान के खाते में भिजवाया जाएगा। इस आदेश की पालना जिला स्तर पर प्रशासन कराएगा।

अभी तक पड़ोसी राज्यों, दिल्ली, पंजाब, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के किसानों का गेहूं भी मंडियों में बिक्री के लिए आ रहा था। गेहूं बेचने आने वाले किसान की कोई पहचान, जैसे आधार कार्ड, भूमि रिकॉर्ड, वोटर कार्ड या राशन कार्ड आदि देखकर ही अनाज खरीदा जाए। गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य 1735 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से उसके बैंक खाते में भुगतान करवाएंगे।

5.15 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद

जिले के किसानों से अब तक विभिन्न खरीद एजेंसियों के माध्यम से 5 लाख 15 हजार 61 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। अब तक 16855 मीट्रिक टन सरसों भी खरीदी गई है। गेहूं प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित 1735 रुपये प्रति क्विंटल तथा सरसों 4000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी जा रही है। उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने बताया कि जिला में अब तक खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 181412 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 229744 मीट्रिक टन, हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा 70133 मीट्रिक टन तथा एफसीआई द्वारा 33772 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। जिला में अब तक 52816 किसानों की गेहूं खरीदा गया है जिनमें से 59 प्रतिशत किसानों को उनकी भुगतान करवाया जा चुका है। इसमें हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा सर्वाधिक 90 प्रतिशत जबकि खाद्यापूर्ति विभाग द्वारा 70 प्रतिशत किसानों को भुगतान किया गया है। कुल खरीदी गई गेहूं का 57 प्रतिशत उठान करवाया जा चुका है।

किसान का आधार कार्ड, भूमि रिकॉर्ड, वोटर कार्ड या राशन कार्ड आदि पहचान पत्र देखकर ही अनाज खरीदा जाएगा

सरसों की खरीद पहुंची 16855 एमटी

जिले के पांच खरीद केंद्रों पर 16855 मीट्रिक टन सरसों की खरीद की जा चुकी है। इसमें आदमपुर खरीद केंद्र पर अब तक 4844 मीट्रिक टन, बास में 1117 मीट्रिक टन, हिसार खरीद केंद्र पर 7271 मीट्रिक टन, लोहारी राघो में 2104 मीट्रिक टन तथा उकलाना खरीद केंद्र पर 1519 मीट्रिक टन सरसों की खरीद की गई है। जिला में 9079 किसानों से 4000 रुपए प्रति क्विंटल की दर से सरसों की खरीद की जा रही है।

सरकार के आदेश पर आढ़ती नाराज : गर्ग

भास्कर न्यूज | हिसार

व्यापारी का एक प्रतिनिधि मंडल हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कन्फेड के पूर्व चेयरमैन बजरंग दास गर्ग से मिला। गर्ग ने उनकी समस्याएं सुनी।

समस्या सुनने के उपरांत गर्ग ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गेंहूू खरीद का भुगतान आढ़तियोंं के माध्यम से ना करके सीधे किसानों के खाते में करने के आदेश देने से प्रदेश के आढ़तियों में बड़ी भारी नाराजगी है। सरकार मंडी का व्यापार खत्म करने पर तुली हुई है। सरकार ने हरियाणा के 12 जिलों में फसल का भुगतान आढ़तियों के माध्यम से ना करने के विरोध में उन सभी मंडियों में अनिश्चितकाल हड़ताल पर आढ़ती चला गया है, अगर सरकार ने यह फरमान वापस नहीं लिया तो हरियाणा की सभी मंडियों के साथ साथ व्यापार मंडल पूरे हरियाणा बंद करके इस फरमान का विरोध करेगा। उन्होंने मांग की कि हरियाणा में गेंहूू व सरसों की सरकारी खरीद में हुई धांधली कि उच्च स्तरीय जांच हो और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। गेंहूू खरीद में एजेंसियों के अधिकारियो ने गेंहूू उठान के ठेके 200 से 300 प्रतिशत ज्यादा रेटों में अपने चहेतों को देकर सरकार को करोड़ों रुपए का चुना लगाया है। गेंहूू उठान के ठेकेदार व सरकारी अधिकारियों से मिलकर आढ़तियों से गेंहूू के कट्टे उठाने के नाम पर नाजायज पैसे की वसूली की है।

बजरंग दास गर्ग व्यापारियों की समस्याएं सुनते हुए।