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चाहे कोई किसी भी धर्म को मानता हो, लेकिन वह इनके नाम और गुणों को नहीं बदल सकता : विजेंद्र

कैमरी रोड स्थित उमेद विहार कॉलोनी में श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन करते हुए विजेंद्र महाराज ने बताया कि...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 03:15 AM IST

चाहे कोई किसी भी धर्म को मानता हो, लेकिन वह इनके नाम और गुणों को नहीं बदल सकता : विजेंद्र
कैमरी रोड स्थित उमेद विहार कॉलोनी में श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन करते हुए विजेंद्र महाराज ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से ही मुक्ति मिल जाती है। सभी को अपने व्यस्त समय में से कुछ समय निकालकर श्रीमद्भागवत कथा सुनना चाहिए। श्रीमद्भागवत कथा जिसने सुनाई और जिसने सुनी दोनों का ही कल्याण होना तय है। उन्होंने बताया कि जहां भगवान के नाम नियमित रूप से लिया जाता है।

वहां सुख, समृद्धि व शांति बनी रहती है। महाराज ने कहा कि जीवन को कर्मशील बनाना है तो श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करें। यह जीवन जीने की कला सिखाती है। उन्होंने कहा कि सबका मालिक एक है, फिर भी हम धर्म के लिए झगड़ते हैं। चाहे कोई किसी भी धर्म को मानता हो, लेकिन वह इनके नाम और इनके गुणों को नहीं बदल सकता। इसी तरह से भगवान और धर्म भी एक है। लेकिन दु:ख की बात है कि जैसे हम घर, जमीन, व्यापार के लिए झगड़ते हैं उसी तरह से धर्म को लेकर भी झगड़ते हैं। कैसा भी पापी क्यों न हो, भागवत उसका उद्धार करता है। भागवत सुनने से मृत्यु के समय कष्ट नहीं होता। उन्होंने कहा कि अन्य युगों में तो कठोर परिश्रम के द्वारा भगवान को प्रसन्न करना पड़ता था, किंतु कलियुग में तो नि:स्वार्थ भाव से सिर्फ कथा के श्रवण करने मात्र से जीवन के सारे विकार दूर हो जाते हैं और वह भव बंधन से मुक्ति पाकर मोक्ष प्राप्त कर लेता है। श्रीमद्भागवत कल्पवृक्ष की ही तरह है, यह हमें सत्य से परिचय कराता है। उन्होंने कहा कि कलयुग में तो श्रीमद्भागवत कथा की अत्यंत आवश्यकता है, क्योंकि मृत्यु जैसे सत्य से हमें यही अवगत कराता है। शास्त्री ने राजा परीक्षित के सर्पदंश और कलयुग के आगमन की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि हम सब कलयुग के राजा परीक्षित हैं, हम सभी को कालरूपी सर्प एक दिन डस लेगा, राजा परीक्षित श्राप मिलते ही मरने की तैयारी करने लगते हैं। इस बीच उन्हें व्यासजी मिलते हैं और उनकी मुक्ति के लिए श्रीमद्भागवत कथा सुनाते हैं। व्यास जी उन्हें बताते हैं कि मृत्यु ही इस संसार का एकमात्र सत्य है। इस अवसर पर अरुण यादव, संजय यादव, गुलाब वर्मा, प्रवीन भारद्वाज, अनूप दहिया, कुलदीप वर्मा व कृष्ण वर्मा उपस्थित रहे ।

कैमरी रोड पर श्रीमद्भागवत कथा के दौरान उमड़े श्रद्धालुगण। विजेंद्र महाराज ने प्रवचन किए।

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