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खुले दरबार में अवैध कब्जा हटवाने व पेंशन बनवाने की शिकायतें आईं

जिला के गांव भादसों में मंगलवार को आयोजित रात्रि ठहराव-खुला दरबार में प्रशासन और जनता के बीच सीधे संवाद से करीब 90...

Dainik Bhaskar

May 23, 2018, 03:25 AM IST
खुले दरबार में अवैध कब्जा हटवाने व पेंशन बनवाने की शिकायतें आईं
जिला के गांव भादसों में मंगलवार को आयोजित रात्रि ठहराव-खुला दरबार में प्रशासन और जनता के बीच सीधे संवाद से करीब 90 शिकायतों पर सुनवाई हुई। इसके तहत 1 दर्जन से भी अधिक शिकायतों का मौके पर ही निवारण हुआ, जबकि शेष शिकायतें सबंधित अधिकारियों को देकर उनका यथाशीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। रात्रि खुले दरबार में जिला के आला अधिकारी, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक व एडीसी के अतिरिक्त, सीटीएम तथा इंद्री के एसडीएम व डीएसपी मौजूद रहे तथा उन्होने ग्रामीणो को संबोधित किया।

उपायुक्त के निर्देश पर सरकार की कल्याणकारी स्कीमो से जुड़े करीब 14 विभागो के अधिकारियों ने ग्रामीणों को अपने-अपने विभागों की स्कीमों की जानकारी दी। बता दें कि हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार करनाल जिला का यह पहला प्रशासनिक रात्रि ठहराव कार्यक्रम था, जिसमेंं उपायुक्त डॉ. आदित्य दहिया, पुलिस अधीक्षक एस.एस. भौरिया, एसडीएम प्रदीप कोशिक व डीएसपी राजीव ने गांव में ही रात्रि प्रवास किया। ग्राम सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में इन अधिकारियों ने सचिवालय परिसर में बेहड़ा व महुआ के पौधे लगाए। उपायुक्त ने खुले दरबार में प्राप्त सभी शिकायतों की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता व आवेदकों से सीधा संवाद कर उनकी मूल शिकायत पूछी और सबंधित अधिकारी को अपने समक्ष बुलाकर उसे निर्देश दिए कि वे अगले कुछ दिनो में इसका समाधान करें। उपायुक्त ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से करीब 10 शिकायतें प्लाट दिलवाने से सबंधित थी, जबकि कुछ शिकायतें गली में अवैध कब्जे हटवाने, पक्के मकान बनवाने, बी.पी.ली. कार्ड, गंदे पानी की निकासी, सामाजिक पैंशन बनवाने तथा बिजली विभाग से सबंधित थी। पुलिस विभाग से सबंधित 5 शिकायतें आई।

खुले दरबार में एक दर्जन से अधिक विभागो ने अपने स्टाल लगाए थे, जिन पर स्कीमो से सबंधित प्रचार सामग्री और लाभार्थी के लिए फार्म उपलब्ध करवाए गए थे। खास बात यह थी कि कृषि विभाग के स्टाल पर किसानों के लिए मक्की का बीज निशुल्क उपलब्ध करवाया जा रहा था। इसी प्रकार एसडीएम इन्द्री कार्यालय के स्टाल पर युवाओं के लर्निंग ड्राइवर लाइसेंस बनाए गए। समाज कल्याण विभाग के स्टाल पर सामाजिक पेंशन के फार्म भरे गए। इसके पश्चात उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक ने गांव में पैदल घूमकर ग्रामीणों के साथ दौरा किया और गांव की स्थिति की जानकारी ली। ग्रामीण भी आला प्रशासनिक अधिकारियों को अपने बीच पाकर अति प्रसन्न थे।

इंद्री. भादसों में रात्रि ठहराव में लगाए गए खुले दरबार में लोगों की समस्या सुनते डीसी आदित्य दहिया।

एडीसी ने आरडब्ल्यूए प्रधान के खिलाफ एफआईआर के दिए निर्देश

करनाल | एडीसी निशांत कुमार यादव ने मंगलवार को लघु सचिवालय में त प्लांट व आवंटित फ्लैट धारकों की शिकायतों का निवारण किया। बैठक के दौरान कुल 11 शिकायतों पर संक्षिप्त में चर्चा की गई। जिनमें से 6 शिकायतों का मौके पर ही निवारण किया गया । बकाया शिकायतों का समाधान अगली बैठक से पहले ही करने के डीटीपी अमरीक सिंह को आदेश दिए गए। बैठक के दौरान एक शिकायत के निवारण के दौरान आवासीय कल्याण संघ आरडब्ल्यूए के प्रधान के खिलाफ एफआईआर करवाने के आदेश दिए। इस शिकायत में प्लांट धारक ने यह भी मांग रखी की की आवासीय कल्याण संघ में किसी प्रशासनिक अधिकारी को जरूर सम्मिलित किया जाए, इस पर अतिरिक्त उपायुक्त ने सनिवा डेवलपर के आरडब्ल्यूए प्रधान को तुरंत बर्खास्त कर जल्द प्रशासनिक अधिकारी को इसमें सम्मिलित करने के आदेश दिए।

बैठक के दौरान एक शिकायत उषा कतियाल की आई जिन्होंने पिछली बैठक में बिजली, पानी तथा सड़क की बेहतर सुविधा न देने बारे शिकायत की थी। बैठक के दौरान शिकायतकर्ता उषा कतियाल ने बताया कि उनकी पानी की समस्या तो हल हो गई है लेकिन सड़क तथा बिजली की समस्या ज्यों की त्यों है। इस पर एडीसी ने संज्ञान लेते हुए डीटीपी तथा एसडीओ हुडा को निर्देश दिए कि मौका निरीक्षण कर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करवाया जाए। उन्होंने अंसल के जनप्रतिनिधि को भी सख्त आदेश दिए कि इस तरह की समस्या भविष्य में न आए, रख-रखाव शुल्क इसी बात का लिया जाता है।

इस प्रकार आई शिकायत : इस दौरान अंजला गुप्ता की अंसल के खिलाफ ताजा शिकायत सामने आई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने सन 2010 में एक विला लिया था। उन्होंने छह साल तक सभी किस्तें पूरी कर दी बावजूद इसके न तो उनको कोई सुविधा उपलब्ध करवाई गई। बल्कि चार लाख रुपए बकाया होने का नोटिस उनको भेज दिया गया। जब उन्होंने इसके प्रतिउत्तर में पूछा कि यह शुल्क कैसा है तो उन्होंने इसका कोई जवाब न देकर बात को गोलमोल कर दिया। शिकायतकर्ता ने यह मांग की कि वह यह विला न लेकर अपनी पूंजी ब्याज समेत वापिस लेना चाहता है। इस पर एडीसी ने कंपनी के जनप्रतिनिधि को फटकार लगाते हुए एंग्रीमेंट की कॉपी प्रस्तुत करने तथा नियम व शर्तों के मुताबिक उसी रेट पर सुविधाएं उपलब्ध करवाने बारे निर्देश दिए।

करनाल. अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते एडीसी निशांत कुमार यादव।

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