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पंचायती जमीन देने के बावजूद नहीं बन पा रहा बस अड्डा

सुशील अग्रवाल | इस्माइलाबाद क्षेत्र में बस अड्डा बनाने की मांग राजनीति की भेंट चढ़ रही है। ग्राम पंचायत...

Danik Bhaskar | Jul 09, 2018, 02:25 AM IST
सुशील अग्रवाल | इस्माइलाबाद

क्षेत्र में बस अड्डा बनाने की मांग राजनीति की भेंट चढ़ रही है। ग्राम पंचायत चम्मूकलां ने इस्माइलाबाद बस अड्डा के लिए कस्बे के साथ लगती पंचायती जमीन देने का प्रस्ताव पास किया है, लेकिन भाजपा के एक नेता बस अड्डे को इस्माइलाबाद की पंचायती जमीन में बनवाने की मांग कर रहे हैं। इसके चलते चम्मूकलां पंचायत की ओर से पास किए प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। क्षेत्र वासी कई साल से कस्बे में बस अड्डा बनाने की मांग कर रहे हैं। इस मांग पर ग्राम पंचायत चम्मूकलां ने 2016 से तीन बार बस अड्डे के लिए जमीन देने का प्रस्ताव पारित कर भेज दिया है। इस प्रस्ताव के चलते कस्बा वासियों को बस अड्डा बनने की उम्मीद भी जगी थी, लेकिन कस्बे के कुछ भाजपा नेता बस अड्डे को इस्माइलाबाद की जमीन में बनवाने के पक्ष में हैं। इसके चलते उन्होंने चम्मूकलां पंचायत द्वारा दिया गया प्रस्ताव रद्द करवा दिया। इस्माइलाबाद से बाइपास निकलने के चलते फोरलेन हाइवे से गुजरने वाली बसों व वाहनों का इस्माइलाबाद की संकरी सड़क के अंदर से प्रवेश बंद हो जाएगा। वहीं गांव चम्मूकलां की जमीन बाइपास के बिलकुल साथ लगती है। इसपर बस अड्डा बनने पर हाइवे से गुजरने वाली सभी बसें आसानी से बस अड्डे में प्रवेश कर सकेंगी। इसके अलावा कस्बे की पूरी पंचायती भूमि पर अवैध कब्जे व सरकारी भवन बने हैं। इसलिए इस्माइलाबाद के पास पंचायती भूमि नहीं बची है, जिसपर बस अड्डा बनाया जा सके।

प्रस्ताव पर नहीं हुई कार्रवाई

गांव चम्मूकलां के सरपंच लाल सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत चम्मूकलां बस अड्डे के लिए जमीन देने का प्रस्ताव पारित कर चुकी है, लेकिन इस प्रस्ताव को अब तक किसी ने सिरे नहीं चढ़ाया। वहीं इस्माइलाबाद ग्राम सरपंच संजीव अरोड़ा ने बताया कि पंचायत के पास अब केवल आधा एकड़ पंचायती जमीन है जोकि बस अड्डे के लिए उपयुक्त नहीं है।

स्टेडियम भी नहीं बना

ग्राम पंचायत चम्मूकलां ने हाइवे पर पड़ी लगभग 20 एकड़ पंचायती भूमि में से करीब आठ एकड़ पहले स्टेडियम के लिए दी थी, लेकिन इस भूमि पर स्टेडियम भी नहीं बनाया गया। जबकि इस स्टेडियम के लिए करीब 10 साल पहले लाखों रुपए खर्च कर चारदीवारी भी बना दी गई थी, लेकिन गहरे गड्ढे व बरसाती पानी के चलते यह दीवार ढह गई। उसके बाद पंचायत ने अपनी भूमि में से कुछ जमीन बीडीपीओ कार्यालय को भी दे दी। ग्राम सरपंच लाल सिंह ने बताया कि स्टेडियम न बनने के कारण अब करीब 11 एकड़ भूमि कॉलेज के लिए सरकार को दे दी है। उन्होंने बताया कि इस्माइलाबाद बाइपास के दोनों ओर पंचायत की जमीन पड़ी है।