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ई-पंचायत प्रणाली के खिलाफ सरपंचों का विरोध जारी,दफ्तरों पर लटके रहे ताले

भास्कर न्यूज | झज्जर/साल्हावास जिले की अलग-अलग ब्लाॅकों पर शनिवार दूसरे भी सरपंचों का धरना जारी रहा है। इस बीच...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:00 AM IST

ई-पंचायत प्रणाली के खिलाफ सरपंचों का विरोध जारी,दफ्तरों पर लटके रहे ताले
भास्कर न्यूज | झज्जर/साल्हावास

जिले की अलग-अलग ब्लाॅकों पर शनिवार दूसरे भी सरपंचों का धरना जारी रहा है। इस बीच पूर्व मंत्री गीता भुक्कल ने मातनहेल में धरना-स्थल पर पहुंच अपना समर्थन दिया। वहीं दूसरी ओर दूसरे दिन भी पंचायत कार्यालयों पर ताला जड़ा रहा। सरपंचों का कहना है कि उनका विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार इस नए व्यवस्था को वापस लेकर पंचायत राज व्यवस्था को उनके अधिकारी नहीं दे देती है। पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि सरपंचों को काम करने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए। सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि लोगों की समस्याओं को दूर करने की दिशा में कुछ नहीं हो रहा है। ऐसे में सरपंचों के साथ साथ समाज का हर वर्ग दुखी है। सरपंचों का आरोप है सरकार गांव के विकास को लेकर गंभीर नहीं है। पहले ही विकास के मामले में गांव में ग्रांट की कमी है। लेकिन अब ई पंचायत व्यवस्था से दूसरी परेशानी बढ़ा दी है। सरकार पंचायतों के अधिकार छीनने में लगी है।

झज्जर. सरपंच और ग्राम सचिव से बात करते झज्जर कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल।

ग्राम सचिवों ने कार्य बहिष्कार कर दिया धरनाब्लाॅक मातनहेल के सरपंच के साथ शनिवार को ग्राम सचिवों ने कार्य बहिष्कार कर दिनभर धरना दिया। कहा कि सरकार ई-पंचायत प्रणाली को रद्द कर पंचायत राज एक्ट 1994 के तहत कार्य बहाल करे। सरपंचों का कहना था कि सरकार पंचायतों के अधिकारों को छीनने का काम कर रही है। पंचायतों के गठन को तीन साल से ज्यादा का समय हो गया, लेकिन इस दौरान सरकार की ओर से ग्रांट देना तो दूर की बात पंचायतों का अधिकार छीनकर उनपर प्रतिबंध लगाने का प्रयास हो रहा है।

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