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आजादी के 70 साल बाद भी दलित उत्पीड़न का शिकार

जींद | भारत की जनवादी नौजवान सभा की बैठक रविवार को शिव काॅलोनी स्थित अक्षर भवन में हुई। इसकी अध्यक्षता जिला प्रधान...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:20 AM IST

आजादी के 70 साल बाद भी दलित उत्पीड़न का शिकार
जींद | भारत की जनवादी नौजवान सभा की बैठक रविवार को शिव काॅलोनी स्थित अक्षर भवन में हुई। इसकी अध्यक्षता जिला प्रधान मोनू दनौदा ने की। उन्होंने कहा कि आज देश का दलित वर्ग जिसे सदियों से आर्थिक व सामाजिक शोषण का शिकार बनाया गया है, संकट के दौर से गुजर रहा है। एक तो विभिन्न सरकारों द्वारा आजतक उसे सिर्फ वोट बैंक व रैलियों में संख्या बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन दलितों को आजादी के 70 साल बाद भी सामाजिक भेदभाव व उत्पीड़न का शिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने खुद अपनी रिपोर्ट में कहा कि हर 15 मिनट में देश के किसी कोने में दलित जातीय उत्पीड़न का शिकार है। सबका साथ-सबका विकास की बात करने वाली भाजपा सरकार के सरकारी वकील ने एससी-एसटी एक्ट के फैसले पर कोई दलील नहीं दी। डीवाईएफआई सरकार के इस फैसले की निंदा करती है और देशव्यापी भारत बंद का समर्थन करती है।

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Web Title: आजादी के 70 साल बाद भी दलित उत्पीड़न का शिकार
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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