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ई-पंचायत के विरोध में कहीं धरने तो कहीं भूख हड़ताल

ई-पंचायत प्रणाली व सरकार द्वारा नौ ग्राम सचिवों को सस्पेंड करने के विरोध में रविवार को बीडीपीओ कार्यालय के गेट के...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:20 AM IST
ई-पंचायत के विरोध में कहीं धरने तो कहीं भूख हड़ताल
ई-पंचायत प्रणाली व सरकार द्वारा नौ ग्राम सचिवों को सस्पेंड करने के विरोध में रविवार को बीडीपीओ कार्यालय के गेट के सामने दूसरे दिन भी धरना दिया गया। इसकी अध्यक्षता एसोसिएशन के ब्लॉक प्रधान संदीप रूपगढ़ ने की। इस दौरान उन्होंने रोष प्रकट करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने पर सरपंचों की सुध लेने के लिए कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा। संदीप रूपगढ़ ने कहा कि सरकार सरपंचों की मांगों को अनदेखा कर रही है। जबकि सरपंचों की मांगें जायज हैं।

विकास कार्य रुके

सरपंचों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें लागू नहीं होती, तब तक बीडीपीओ कार्यालय के सामने सरपंचों का धरना जारी रहेगा। सरकार की नीतियों के कारण जिले के सभी गांवों में विकास कार्य रूके हुए हैं। सरकार नहीं चाहती कि गांवों का विकास हो। अगर सरकार गांवों का भला चाहती है तो सरपंचों की मांगों को लागू कर दिया गया होता। इस मौके पर रामफल पिंडारा, राजेश कैरखेड़ी, प्रदीप हैबतपुर, महीपाल सिंधवीखेड़ा, संदीप खरकरामजी, सुरेश गोविंदपुरा, सतीश झांझकलां, जयदीप गुलकनी मौजूद रहे।

जींद, सफीदों, उचाना, अलेवा में सरपंचों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर किया प्रदर्शन

‘ग्राम सचिवों को निलंबित करना तानाशाही रवैया’

सफीदों |
कस्बे के बीडीपीओ कार्यालय में धरने पर बैठे ग्राम सचिवों व सरपंचों का रविवार को पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य ने समर्थन किया। धरने की अध्यक्षता सरपंच एसोसिएशन के सरपंच अजितपाल चट्ठा ने की। पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य नेे कहा कि सरकार ने ग्राम सचिवों को निलंबित कर तानाशाही रवैया अपनाया है। सरकार अपने आपको ईमानदार व जनप्रतिनिधियों को बेईमान साबित करने पर तुले हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरपंचों की सभी मांगें जायज हैं। आज ऑनलाइन सिस्टम से प्रदेश की जनता पूरी तरह से तंग आ चुकी है। इंटरनेट ठप होने के कारण न तो समय पर फर्द निकल पाती और न ही रजिस्ट्रियां हो पाती। ऐसे ऑनलाइन सिस्टम का क्या लाभ। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को ऑनलाइन सिस्टम करना ही है तो सरपंचों को पंचायत घर, लैपटॉप, ऑपरेटर व इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करवाए। उन्होंने कहा कि एससी/एसटी एक्ट पर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है, वह सब सरकार के विफलता का प्रदर्शन है। सरकार संसद में कानून बनाकर इस फैसले को रद्द करवाए। इस अवसर पर खंड के सरपंच व ग्राम सचिव मौजूद रहे।

जींद. बीडीपीओ कार्यालय में धरने पर नारेबाजी करते सरपंच व ग्राम सचिव।

उचाना. उपमंडल कार्यालय परिसर में सरपंचों के धरने पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला।

सफीदों. सरपंचों के समर्थन में आए पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य व अन्य।

चौटाला ने दिया सरपंचों के धरने को समर्थन

उचाना | उपमंडल कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे सरपंच, ग्राम सचिवों के धरना स्थल पर पहुंच कर नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने अपना समर्थन देने का ऐलान किया। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हमारी पार्टी के विधायक, पूर्व मंत्री, पदाधिकारी हैं वो सब सरपंचों के धरने पर जाकर उनका समर्थन करेंगे। जब हमारी सरकार प्रदेश में थी तो ऐसा नहीं था। गांव के सरपंच सीएम से अपनी मांगों को लेकर सीएम आवास जाते हैं तो उनका सम्मान कर उनकी मांगों को सुनना चाहिए न कि उनके साथ अभद्र व्यवहार होना चाहिए। आज भाजपा सरकार अहंकार में चूर है। भाजपा का अहंकार चुनाव के समय मतदाता तोड़ने का काम करेंगे।

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