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ट्रैफिक व्यवस्था को छोड़ गत वर्ष चालान पर ही रहा पुलिस का फोकस, हर दिन काटे 152 चालान

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 03:30 AM IST

Jind News - शहर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था की बजाय पुलिस का ध्यान चालान काटने पर ही रहा। यह हम नहीं कह रहे। ट्रैफिक पुलिस...

ट्रैफिक व्यवस्था को छोड़ गत वर्ष चालान पर ही रहा पुलिस का फोकस, हर दिन काटे 152 चालान
शहर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था की बजाय पुलिस का ध्यान चालान काटने पर ही रहा। यह हम नहीं कह रहे। ट्रैफिक पुलिस द्वारा पिछले साल काटे गए चालानों की संख्या बता रही है। वर्ष 2017 में जींद ट्रैफिक पुलिस ने शहर में कुल 55 हजार 550 चालान काटे हैं। इसमें 35 हजार 50 चालान अकेले बाइक के ही हैं।

गौरतलब है कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई हुई है। चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस तो दिखती है पर उनका ध्यान ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने की बजाय बाइक चालकों के चालान करने में रहता है। 2017 में किए गए कुल चालानों में 63 प्रतिशत चालान केवल बाइक के ही हैं, जबकि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बिगाड़ने में सबसे आगे रहने वाले ऑटो के साल भर में महज 3 प्रतिशत ही चालान किए गए। वहीं कहीं भी गाड़ी खड़ी करके शहर को जाम करने वाले वाहन चालकों के चालान 5 प्रतिशत से भी कम हैं। इसी कारण शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधरने के बजाय बदहाल हो गई।

जींद. रानी तालाब चौक पर लगा जाम। इधर रानी तालाब के पास पुरानी अनाज मंडी रोड पर सड़क पर की गई पार्किंग। फोटो | भास्कर

पिछले साल ट्रैफिक पुलिस

द्वारा काटे गए चालान का ब्योरा

वाहन चालान संख्या

दुपहिया 35 हजार 50

ऑटो 1650

फोर व्हीकल 12 हजार 600

हैवी व्हीकल 3600

नो पार्किंग 2650

कुल चालान 55 हजार 550

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बाजाराें में पार्किंग व्यवस्था नहीं

शहर में खरीदारी या अन्य कार्यों के लिए आने वाले वाहनों की किसी भी बाजार में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। शहर के गोहाना रोड, रानीतालाब पुरानी अनाज मंडी रोड, एसडी स्कूल रोड, सफीदों रोड समेत कई जगह ऐसे हैं जहां गाड़ियों के सड़क पर ही खड़ा होने के कारण कई-कई घंटे जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क पर वाहन खड़ा न हो इसको रोकने के लिए कोई नहीं है।


चौराहों को छोड़कर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी नहीं

शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 25 पुलिस कर्मी और इतने ही होमगार्ड के जवान हैं लेकिन इनकी मौजूदगी शहर के मुख्य चौराहों पर ही रहती है। ट्रैफिक कंट्रोल करने में इनकी भूमिका न के बराबर है। वाहनों के जाम में फंस जाने के बाद ही यह पुलिसकर्मी आगे आते हैं। शहर में पटियाला चौक पर ही रेड लाइट लगी है वह भी खराब होती रहती है। शहर में कोई पार्किंग व्यवस्था नहीं। ऑटो के लिए सिर्फ रेलवे स्टेशन पर पार्किंग की व्यवस्था है। पार्किंग की मांग प्रशासन से बार बार की गई है।

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