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बहू ने पैर छुए तो बखतावरी न रख दिया सिर पर हाथ

बहू-बेटों से नाराज 85 वर्षीय बखतावरी देवी की बहू ने जब सभी लोगों के बीच में पैर छुए तो उसने भी बहू के सिर पर हाथ रखने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 03:35 AM IST

बहू-बेटों से नाराज 85 वर्षीय बखतावरी देवी की बहू ने जब सभी लोगों के बीच में पैर छुए तो उसने भी बहू के सिर पर हाथ रखने में देर नहीं लगाई। आखिरकार कई दिनों से सास-बहू के बीच चल रही इस नाराजगी का कम्युनिटी लाइजनिंग ग्रुप ने निपटारा कर दिया।

पुलिस के पास आने वाले कई मामलों को एसपी के माध्यम से सीएलजी के पास भेजा जाता है। वर्ष 2017 में ग्रुप के पास 567 शिकायतें आई थी। इनमें से सबसे अधिक 298 शिकायतें घरेलू झगड़ों की थी। जमीन विवाद की 122 व पैसों के लेन-देन की 147 शिकायतें आई। इन शिकायतों में सीएलजी ने मध्यस्थता करते हुए 550 शिकायतों का निपटारा कर दिया। सरकार ने पुलिस के पास आने वाले घरेलू व छोटे-मोटे झगड़ों को सुलझाने के लिए अक्टूबर 2016 में कम्युनिटी लाइजनिंग ग्रुप का गठन किया गया। इसमें शिकायतों की सुनवाई के लिए तीन कमेटी में 24 सदस्यों की नियुक्ति की गई है। पूर्व वीसी डॉ. एके चावला को इस ग्रुप का चेयरमैन नियुक्त किया गया। जिसमें सीएलजी-1 के को-ऑर्डिनेटर कमांडेंट रमाकांत शर्मा, सीएलजी-2 के को-ऑर्डिनेटर जितेंद्र प्रसाद सिंगला व सीएलजी-3 के को-ऑर्डिनेटर सूबेदार मेजर इंद्र सिंह भारद्वाज हैं। इसके साथ-साथ डीएसपी रामभज, कर्नल डीके भारद्वाज, तीर्थदास अरोड़ा, सुभाषचंद्र पाहवा, एसआई बसाउराम, एसआई अशोक कुमार, एसपीओ मुकेश को शामिल किया गया है।

सीएलजी ने कराया सास-बहू में समझौता, सास का था आरोप बेटे-बहू नहीं देते खाना और छीन लेते थे पट्टे के पैसे

केस-1: बहू ने गलती मानी, सास ने माफ किया

85 वर्षीय बखतावरी ने सीएलजी में शिकायत कर कहा था कि उसका अपने बेटों को जमीन का अलग-अलग हिस्सा दिया हुआ है। उसके एक बेटे की बहू ने उसकी जमीन का ठेका की 40 हजार रुपए की राशि छीन ली और घर से बाहर निकाल दिया। जिस पर सीएलजी-3 के को-ऑर्डिनेटर रिटायर्ड सूबेदार इंद्र सिंह भारद्वाज की कमेटी ने दोनों पक्षों को बुला लिया। इसमें बहू ने गलती मानी तो सास ने माफ कर दिया।

केस-2 : दंपती में कराया सुलह

महिला दर्शना ने शिकायत में कहा कि उसका पति राजेंद्र उससे छोटी-छोटी बात पर भी झगड़ा करता है। वह पति के साथ नहीं रहना चाहती। सीएलजी के प्रयास से उनका घर फिर से बस गया।

केस-3 : दो पक्षों में कराया समझौता

एसडी स्कूल शिक्षण संस्था व मंदिर कमेटी के बीच रास्ते को लेकर कोर्ट केस चल रहा था। सीएलजी ने दोनों पक्षों को राजी कर लिया मंदिर जाने के लिए पांच फीट का रास्ता निकलवाया।

जींद. सीएलजी में सुनवाई पर सहमति के बाद सास बखतावरी के पैर छूती बहू।

युवा भूल रहे अपनी संस्कृति को

आजकल समाज में संस्कारों की कमी साफ दिखाई दे रही है। घरों में बुजुर्गों को मान-सम्मान कम मिल रहा है। इंटरनेट व सोशल नेटवर्किंग का गलत उपयोग कर युवा अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं। बुजुर्गों का सम्मान कर उनसे अनुभव लेना चाहिए।' -डॉ. एके चावला, चेयरमैन सीएलजी, जींद।

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