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आंगनबाड़ी वर्करों के खिलाफ लोगों में रोष

डाहौला गांव के आंगनबाड़ी केंद्र अधिकारियों की मेहरबानी के चलते अपनी मर्जी से खुल तथा बंद हो रहे हैं। पंचायत भवन...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 03:10 AM IST
Alewa - fury among people against anganwadi workers
डाहौला गांव के आंगनबाड़ी केंद्र अधिकारियों की मेहरबानी के चलते अपनी मर्जी से खुल तथा बंद हो रहे हैं। पंचायत भवन में चल रही आंगनबाड़ी केंद्र की संचालिकाएं सप्ताह में केवल एक या दो बार ही नौनिहालों को दर्शन दे रही हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों का न तो कोई रखवाला है और न ही अधिकारी उनकी तरफ ध्यान देना मुनासिब समझते हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के अधिकतर समय बंद रहने के चलते गांव के लोगों में विभाग तथा आंगनबाड़ी संचालिकाओं के प्रति रोष है।

डाहौला गांव के सुनील कुमार, धर्मबीर, किताब सिंह, रामदिया, दिलबाग ने बताया कि डाहौला गांव के अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्र सप्ताह में केवल एक या दो बार ही खुलते हैं। नौनिहालों के राशन देने के मामले में आंगनबाड़ी संचालिकाएं केवल औपचारिक ही करती है और अधिकतर राशन अपनी जान पहचान के लोगों के यहां पहुंच जाता है। अधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों को समय पर चेक न करने के चलते सप्ताह में मनमर्जी के चलते खोलने तथा बंद करने का काम किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी संचालिकाओं द्वारा रजिस्टर में दर्ज बच्चों के नाम के आगे ही रोजमर्रा के मुताबिक राशन चढ़ा दिया जाता है। इसके कारण असल में उक्त राशन बच्चों के मुंह तक न पहुंचकर अन्य जगहों पर पहुंच जाता है। गर्भवती महिलाएं भी राशन के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर दस्तक दे रही हैं, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहने के चलते बिना राशन के ही खाली हाथ लौट रही हैं।

नगूरां . डाहौला गांव का आंगनबाड़ी केंद्र जो कभी-कभी खुलता है। फोटो | भास्कर

‘ब्लॉक अलेवा का बुरा हाल, मुश्किल से आएगा लाइन पर’

इस मामले में अलेवा महिला एवं बाल विकास अधिकारी निर्मला वर्मा का कहना है कि सेंटर बंद मामले में ब्लॉक अलेवा का बुरा हाल है। मामला संज्ञान में है। इसके लिए जल्द ही सुपरवाइजरों को दिशा-निर्देश देने के अलावा स्वयं मामले को लेकर दौरा करूंगी। कोताही किसी भी हाल में सहन नहीं की जाएगी।

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Alewa - fury among people against anganwadi workers
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