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साहित्य ही समाज का दर्पण : शास्त्री

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 08:25 AM IST

Jind News - सफीदों | आर्य समाज के धर्माचार्य आचार्य कमलेश शास्त्री ने कहा कि जहां साहित्य है वह समाज प्रशस्त व उन्नतशील रहता...

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सफीदों | आर्य समाज के धर्माचार्य आचार्य कमलेश शास्त्री ने कहा कि जहां साहित्य है वह समाज प्रशस्त व उन्नतशील रहता है और अपने मूल्यों को संजोए हुए आगे बढ़ता रहता है। साहित्य ही समाज का दर्पण है। वह शास्त्री नगर के पायनियर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के चेयरमैन नरेश सिंह बराड़ को महर्षि दयानंद के साहित्य भेंट करने के बाद विद्यार्थियों को सं‍बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा जिस समाज में साहित्य है उस समाज का प्रत्येक घटक अविद्या, अंधकार, बुराइयों और अमानवीय कुरीतियों से बचा रहता है। जहां शारीरिक उन्नति के लिए भोजन, पानी व हवा की आवश्यकता होती है वहीं समाज की उन्नति के लिए अच्छे साहित्य की आवश्यकता होती है। उससे व्यक्ति का मानसिक, बौद्धिक और आत्मिक उन्नति का निर्माण होता है। वह प्रबुद्ध समाज को आगे ले जाता है। जैसे खेत की गुड़ाई निराई कर खरपतवार को हटा कर बगीचे को संस्कार दिया जाता है, उसी प्रकार विद्वान लोग अपने सब विचारों और सदसाहित्य से राष्ट्र को आगे ले जाते हैं।

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