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फ्यूज पड़ रहा उपभोक्ताओं और निगम पर भारी

करीब 12 इंच लंबा मामूली सा तार जिसके बाजार में 10 रुपए भी ना मिले। यही तार शहर के 85 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं व बिजली...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:35 AM IST

फ्यूज पड़ रहा उपभोक्ताओं और निगम पर भारी
करीब 12 इंच लंबा मामूली सा तार जिसके बाजार में 10 रुपए भी ना मिले। यही तार शहर के 85 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं व बिजली निगम पर भारी पड़ रहा है। इस तार के कारण पिछले 30 दिनों में बिजली निगम को 51 लाख का फटका लग चुका है। यहां हम बात कर रहे हैं ओवरलोडिंग के चलते ट्रांसफार्मरों को जलाने से बचाने वाले फ्यूज की। नियमानुसार तीनों फेस पर एक-एक सिंगल तार का फ्यूज लगाया जाता है। जिसकी मोटाई ट्रांसफार्मर की क्षमता पर निर्भर करती है। गर्मी में बिजली की अधिक मांग के चलते लोड बढ़ने पर फ्यूज उड़ जाते हैं। ऐसे में कर्मचारी बार-बार फ्यूज बदलने के काम से बचने के लिए एक-एक फ्यूज की जगह फेसों पर तीन-तीन फ्यूज लगा दिए हैं। दैनिक भास्कर ने इस पर शहर में बिजली ट्रांसफार्मर की पड़ताल की तो पाया गया कि अधिकतर ट्रांसफार्मर पर डबल व ट्रिपल तार तक के फ्यूज लगाए हैं। इसके चलते ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर बंद हो जाता है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो ट्रांसफार्मर जल जाता है। इसका खामियाजा उस ट्रांसफार्मर से जिन सैकड़ों उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई मिलती है उन्हें भुगतना पड़ेगा।

काम से बचने को कर्मचारियों ने लगाए ट्रिपल फ्यूज 30 दिन में जले 51 लाख रुपए के 67 ट्रांसफार्मर

गर्मी में बढ़े लोड व मोटी तार के लगाए जा रहे फ्यूज के कारण हर रोज जल रहे ट्रांसफार्मर, लोगों को सहने पड़ रहे लंबे कट

5 मिनट के काम के लिए लोगों को कई घंटे की परेशानी

ट्रांसफार्मर फ्यूज लगाने में बिजली कर्मचारी को महज 5 मिनट लगते हैं। अगर किसी फ्यूज के कारण ट्रांसफार्मर जल जाता है तो उसको बदलने में कई घंटे लग जाते हैं। इस दौरान सैकड़ों उपभोक्ताओं को ब्लैक आउट झेलना होगा या फिर लंबे-लंबे बिजली कटों से जूझना पड़ेगा। क्योंकि एक ट्रांसफार्मर के बदलने पर लंबी कागजी कार्रवाई होती है। उसके बाद ही स्टोर से जले हुए ट्रांसफार्मर के बदले नया ट्रांसफार्मर मिल पाता है।

पावर कट के ये हैं बड़े कारण

ओवरलोडिंग की वजह से पहले फ्यूज व जंपर उड़ते हैं और उसके बाद यदि मोटा फ्यूज लगा दिया तो फिर ट्रांसफार्मर जल जाता है।

पक्षियों, बंदरों के तार पर बैठने और तेज हवा चलने के कारण तार ट्रिपिंग हो जाती है।

पुरानी बिजली की तारों का होना। थोड़ी से तेज हवा चलने के बाद तारें टूट जाती हैं और उसके बाद काफी उपभोक्ताओं को लंबा पावर कट सहना पड़ता है।

लाइन के ब्रेक डाउन होने से कट लगते हंै।

जींद. रानी तालाब चौक के पास ट्रांसफार्मर में लगाया गया फ्यूज।

यहां लगे कट

बिजली लाइन शिफ्टिंग के कारण 132 केवी ओल्ड पावर हाउस का सिटी फीडर-4 मंगलवार रात को साढ़े 11 बजे से करीब साढ़े तीन बजे तक बंद रहा है। इसके कारण अर्बन एस्टेट, हाउसिंग बोर्ड आदि एरिया में उपभोक्ता परेशान रहे। मंगलवार को ही केबल जलने से कैथल रोड फीडर सवा घंटे बंद रखना पड़ा। वहीं सिटी फीडर नंबर-3 के मेन बाजार, पंजाबी बाजार, झांझ गेट क्षेत्र में 1 घंटे कम लगा।

ओवरलोड से जलते हैं ट्रांसफार्मर

ओवरलोड होने की वजह से ट्रांसफार्मर जलते हैं। एक माह में जींद डिवीजन में करीब 67 ट्रांसफार्मर जल गए हैं। स्टोर में ट्रांसफार्मर की कोई कमी नहीं है, जल्द उपलब्ध करा देते हैं।' - विपिन भारद्वाज, इंचार्ज, जींद डिवीजन स्टोर बिजली निगम।

अप्रैल में जींद डिवीजन में जले ट्रांसफार्मर का ब्योरा

ट्रांसफार्मर जले कीमत प्रति ट्रांसफार्मर अब तक नुकसान

25 केवी 34 45 हजार 15 लाख 30 हजार

63 केवी 05 80 हजार 500 4 लाख 2हजार 500

100 केवी 26 1 लाख 7 हजार 27 लाख 82 हजार

200 केवी 02 1 लाख 95 हजार 3 लाख 90 हजार

कुल 67 51 लाख 4 हजार 500

लोड कम करने के लिए 58 नए ट्रांसफार्मर स्थापित

ट्रांसफार्मर संख्या

25 केवी 13

63 केवी 35

ट्रांसफार्मर संख्या

100 केवी 06

200 केवी 04

ट्रांसफार्मर की क्षमता अनुसार फ्यूज लगाने के मापदंड

25 केवी ट्रांसफार्मर पर 16 से 18 एसडब्ल्यूजी (स्टैंडर्ड वायर गेज) 63 केवी ट्रांसफार्मर पर 10-12 एसडब्ल्यूजी, 100 केवी पर 8 से 10 एसडब्ल्यूजी और 200 केवी ट्रांसफार्मर पर 8 से 18 एसडब्ल्यूजी की केबल डबल कर लगाई जा सकती है।

एसडीओ से कराएंगे जांच : एक्सईएन

ट्रांसफार्मर जलने की वजह मोटे तार के फ्यूज लगाना है। इस पर मैं फिलहाल कुछ कह नहीं सकता। हां यदि किसी जगह पर ऐसा है तो फिर इसकी एसडीओ से जांच करवाएंगे।' -एसएस राय, एक्सईएन दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम जींद।

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