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शहर की तीन सब डिवीजनों में 10 जेई नियुक्त चाहिए 30, एक जेई के जिम्मे 3 से 10 फीडर

ज्यों-ज्यों गर्मी में इजाफा हो रहा है। बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों में फाल्ट की संख्या बढ़़ रही है लेकिन फाल्ट...

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:05 AM IST
शहर की तीन सब डिवीजनों में 10 जेई नियुक्त चाहिए 30, एक जेई के जिम्मे 3 से 10 फीडर
ज्यों-ज्यों गर्मी में इजाफा हो रहा है। बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों में फाल्ट की संख्या बढ़़ रही है लेकिन फाल्ट समय पर ठीक नहीं हो पा रहे। क्योंकि बिजली निगम के पास बरसों पहले तय किए गए मापदंडों के हिसाब से अब भी कर्मचारी की काफी कमी है। इससे फाल्ट होने में समय लगता है और उपभोक्ताओं को बिजली के लंबे कट का सामना करना पड़ता है। दैनिक भास्कर ने इस संबंध में पड़ताल की तो सामने आया कि जींद शहर की तीन सब डिवीजन में उपभोक्ताओं की संख्या को देखते हुए अब दो और नए सब डिवीजन बनाने की जरूरत है। इसी तरह से तीन सब डिवीजनों में महज 10 ही जेई की नियुक्ति है। जबकि शहर की तीनों सब डिवीजन में एक भी जेई इंचार्ज की नियुक्ति नहीं है। निगम के मापदंडों के अनुसार कम से 30 जेई होने चाहिए। जेई के कम होने के कारण एक जेई के जिम्मे तीन से लेकर 10 फीडरों का काम सौंपा गया है। इसी तरह से एएफएम व एएलएम की नियुक्ति भी निर्धारित मापदंडों से काफी कम है। खास बात यह है बिजली निगम के पास फिलहाल जो एलएम, एएलएम उपलब्ध हैं उनकी सब डिवीजन में नियुक्ति भी उपभोक्ताओं की संख्या के अनुसार नहीं की गई। जहां ज्यादा उपभोक्ता हैं वहां पर कम और जहां कम हैं वहां पर ज्यादा एलएम व एएलएम की नियुक्ति की है।


शहर की तीनों सब डिवीजन में कितने हैं उपभोक्ता व कितने बिजली कर्मी

15000 उपभोक्ताओं पर होने चाहिए इतने बिजलीकर्मी

पोस्ट कर्मचारी

एसडी 1

जेई इंचार्ज 1

जेई 6

पोस्ट कर्मचारी

एएफएम 8

एलएम 18

एएलएम 42

ये भी जानिए : उपभोक्ताओं की संख्या यदि 15 हजार से 20 हजार के बीच रहती है तो स्टॉफ में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। 4 हजार उपभोक्ताओं की बढ़ोतरी पर जेई, एएफएम की एक-एक पोस्ट बढ़ जाएगी। एलएम की दो और एलएम के चार पद बढ़ेंगे। यदि सब डिवीजन में उपभोक्ताओं की संख्या 25 हजार को पार कर जाती है तो फिर नया सब डिवीजन बनाया जाए।

जींद. 132केवी ओल्ड पॉवर हाउस।

उपभोक्ताओं की संख्या और नॉर्म्स के अनुसार ये होनी चाहिए व्यवस्था







कर्मचारियों की कमी से लोगों को होती हैं ये दिक्कतें




1969 में बनाई गई थी यार्ड स्टिक(मापदंड)


सिटी सब डिवीजन

उपभोक्ता जेई(इंचार्ज) जेई एफएम एलएम एएलएम

25 हजार 133 खाली पद 3 9 36 38

सब अर्बन डिवीजन-1

31 हजार 340 खाली पद 4 7 28 49

सब अर्बन डिवीजन-2

29 हजार 450 खाली पद 3 11 36 64

नोट- जींद शहर की तीनों सब डिवीजन में हैं कुल 85 हजार 923 उपभोक्ता हैं।

वर्ष 1969 में पहली बार बिजली बोर्ड की यार्ड स्टिक यानि मापदंड तय किए गए थे। इसका गठन इसलिए किया था ताकि अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति उपभोक्ताओं की संख्या के अनुसार हो और उन्हें लोगों को निगम से बेहतर सुविधाएं व सुचारू रूप से बिजली सप्लाई मुहैया हो सके।



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