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नंदीशालाओं के स्थाई आश्रय स्थापित होने से सड़क दुर्घटनाओं में आई कमी : डीसी

डीसी अमित खत्री ने कहा कि हर युवा को एक ऐसा शौक पालना चाहिए, जिससे समाजसेवा हो सके। अगर गो सेवा को ही यह शौक बना लिया...

Danik Bhaskar | May 01, 2018, 03:05 AM IST
डीसी अमित खत्री ने कहा कि हर युवा को एक ऐसा शौक पालना चाहिए, जिससे समाजसेवा हो सके। अगर गो सेवा को ही यह शौक बना लिया जाए तो समाज की बहुत बड़ी समस्या का समाधान होगा। साथ ही युवा पुण्य के भागीदार भी बनेंगे। डीसी सोमवार को जयंती देवी मंदिर के सामने स्थित नंदीशाला में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नंदीशाला में 260 फुट लंबी खोर का उद्‌घाटन भी किया। डीसी अमित खत्री की मां कृष्णा देवी ने नवनिर्मित खोर में पशुचारा डाल कर इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर जींद के विधायक डॉ. हरिचंद मिड्‌ढा, एसपी डॉ. अरुण सिंह की डाॅ. संगीता नेहरा, स्वामी राघवानंद, जयभगवान नंबरदार, राधेश्याम मिगलानी, संदीप गोसाईं उपस्थित रहे।

डीसी ने कहा कि सरकार और जनता के परस्पर सहयोग से गायों की दशा में निरंतर सुधार हो रहा है। कुछ समय पहले तक जो गोवंश सड़कों पर घूमता रहता था। आज उन्हें नंदीशालाओं के रूप में स्थाई आश्रय स्थल मिल गया है। इसके परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं में भी भारी गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि दान थोड़ा या ज्यादा नहीं होता है। व्यक्ति अपने सामर्थ्य के अनुसार दान करता है। मनुष्य के अंदर दान करने की भावना होनी चाहिए। एक बार थोड़ा तो कुछ समय के बाद जब वक्त बदल जाता है तो दान राशि भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि जो युवा गो सेवा को एक शौक बनाए हुए है वे बधाई के पात्र हैं। सही अर्थों में कहा जाए तो ऐसे युवा सद्मार्ग पर चलकर समाज निर्माण में अपना अहम योगदान अदा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे युवा अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का कार्य करेंगे।