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प्राइवेट नौकरी छोड़ घर पर रहकर की तैयारी, अब आईईएस परीक्षा में पूनम ने पाया 31वां रैंक

लिजवाना खुर्द गांव के क्लर्क की बेटी पूनम ने इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी आईईएस (इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस) की...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 03:25 AM IST
Jind - poonam found 31st rank in the ies exam leaving the private job at home
लिजवाना खुर्द गांव के क्लर्क की बेटी पूनम ने इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी आईईएस (इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस) की परीक्षा पास कर ली है। पूनम ने शनिवार को घोषित यूपीएससी (यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन) द्वारा ली गई आईईएस (इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस) की इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग परीक्षा परिणाम में देशभर में 31 रैंक हासिल किया है। खास बात यह है कि पूनम ने यह सफलता तब हासिल की है। जब वे पिछले साल आईईएस की परीक्षा में प्री एग्जाम तक क्लियर नहीं कर पाई थी। इसके बाद उसने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिली अच्छी-खासी प्राइवेट जॉब छोड़ दी। इसके बाद घर रहकर ही नोट्स के सहारे तैयारी की। यूपीएससी द्वारा आईईएस इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग की परीक्षा पास करने वाले 108 लोगों की जारी की गई सूची में पूनम एकमात्र महिला है। जिसने इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग सूची में 31 वां स्थान पाया है। उनसे बढ़िया रैंकिंग इस कैटेगरी में किसी भी महिला ने हासिल नहीं की है।

पिता रमेश चंद्र एमडीयू में हैं क्लर्क

25 वर्षीय पूनम के पिता रमेश चंद्र अहलावत महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में क्लर्क के पद पर नियुक्त हैं। तीन भाई बहनों में मंझली पूनम की बड़ी बहन इन दिनों पीएचडी कर रही है, जबकि छोटा भाई एमएससी कर रहा है। पूनम ने वर्ष 2015 में एनआईटी कुरुक्षेत्र से इंजीनियरिंग की थी। इसके बाद भिवानी में प्राइवेट जॉब की। वर्ष 2017 में यूपीएससी की आईईएस परीक्षा में पूनम प्री एग्जाम क्लियर नहीं कर पाई। लेकिन उसने ठान लिया था कि यह परीक्षा पास करनी है, इसके लिए उसने फिर प्राइवेट जॉब तक छोड़ दी।

प्री एग्जाम क्लियर नहीं हुआ पर हौसला नहीं हारा

पूनम का कहना है कि उसका बचपन से इंजीनियर बनने और इसके लिए सबसे बड़ी आईईएस पास करने का सपना था। परिजनों ने भी इसमें उसका पूरा सहयोग किया। हालांकि उसका गेट में 160 वां रैंक आया था। लेकिन इसके बाद उसने ठान लिया था कि आईईएस परीक्षा पास करनी ही है। इसके लिए पहली बार उसने वर्ष 2017 में एग्जाम दिया, लेकिन वह प्री एग्जाम ही क्लियर नहीं कर पाई। इस दौरान एक बार उसे मायूसी हुई। लेकिन इसी मायूसी से उसे हिम्मत भी मिली कि वह अपने लक्ष्य को जरूर हासिल कर लेगी। इसके उसने और दृढ़ निश्चय किया और प्राइवेट जॉब छोड़ दी। फिर उसने नोट्स के सहारे ही घर बैठकर तैयारी की। उससे पूरी उम्मीद थी कि वह इस बार आईईएस परीक्षा पास कर लेगी, लेकिन इतनी भी उम्मीद उसने नहीं लगाई थी कि उसे इसमें 31वां रैंक हासिल होगा। पूनम बताती है कि यदि मेहनत व दृढ़ निश्चय से कोई भी प्रयास किया तो व्यक्ति उसमें सफल जरूर होता है।

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Jind - poonam found 31st rank in the ies exam leaving the private job at home
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