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‘पंचायत प्रतिनिधि घर-घर जाकर बताएंगे सरकार की नीयत’

उचाना | सीएम हाउस में सरपंचों के साथ हुए अभद्र व्यवहार के साथ-साथ ग्राम सचिवों को सस्पेंड करने पर उपमंडल कार्यालय...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:20 AM IST
उचाना | सीएम हाउस में सरपंचों के साथ हुए अभद्र व्यवहार के साथ-साथ ग्राम सचिवों को सस्पेंड करने पर उपमंडल कार्यालय परिसर में तीसरे दिन सरपंचों, ग्राम सचिवों का धरना जारी रहा। सरपंचों ने कहा कि सरकार लोगों के बीच यह साबित करना चाहती है कि सरपंच ई-पंचायत के विरोध में है। सरपंच ई-पंचायत शुरू न कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना चाहते हैं। जनता की नजरों में सरपंचों, ग्राम सचिवों की छवि को खराब करने की जो नीयत सरकार की है उसको लेकर गांव में पंचायत प्रतिनिधि घर-घर जाकर लोगों को सरकार की नीयत के बारे में बताएंगे। सरपंचों, ग्राम सचिवों ने सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया।

सरपंच एसोसिएशन के प्रधान शमशेर बुडायन, पुरुषोत्तम शर्मा, ग्राम सचिव जिला एसोसिएशन के संरक्षक निर्मल सिंह ने कहा कि ई-पंचायत के विरोध में न तो ग्राम सचिव हैं न ही सरपंच हैं। जिस तरह से केंद्र सरकार ने नोटबंदी, जीएसटी को बिना तैयारी के जल्दबाजी में लागू किया था उसी तरह प्रदेश सरकार अब बिना तैयारी के जल्दबाजी में ई-पंचायत प्रणाली लागू करना चाहती है। ई-पंचायत शुरू करने से पहले सभी तरह के साधन पंचायत के पास मुहैया होने चाहिए। प्रदेश में पंचायती राज एक्ट 1999 लागू करने, गांव में राशन कार्ड बनाने के साथ-साथ बीपीएल सर्व करने, पीएम आवास योजना का विस्तार कर शहरों की तरह गांव में गरीब व कमजोर तबके के जरूरतमंद परिवारों को मकान जल्द बनवाने, ग्राम सचिवों का 20 रुपए मासिक भत्ता बढ़ा कर पांच हजार करने, ग्राम सचिवों की शैक्षणिक योग्यता स्नातक करने, सांसदों, विधायकों की तर्ज पर सरपंचों, पंचों को मानदेय बढ़ाने, जीपीडीपी को बंद करने, प्रत्येक गांव में ग्राम सचिवालय बनाने सहित प्रमुख मांगें हैं। इस मौके पर अजमेर, राजेंद्र मंगलपुर, मेघराज, अनिल कुमार मौजूद रहे।

उचाना. उपमंडल कार्यालय में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते सरपंच, सचिव।

जुलाना. जुलाना में धरने पर समर्थन देते हुए कांग्रेस नेत्री डाॅ. स्नेहलता।

भाजपा सरकार ने गांव के विकास को रोकने का काम किया : गोयत

जुलाना | ई-पंचायत प्रणाली के विरोध में जुलाना खंड के सरपंचों का बीडीपीओ कार्यालय में लगातार दूसरे तीसरे दिन भी धरना जारी रहा। धरने की अध्यक्षता सरपंच एसोसिएशन के प्रधान राजेश गोयत ने की। धरने पर हर रोज 4 सरपंच भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं। रविवार को बीडीपीओ कार्यालय में भूख हड़ताल पर राजपाल, कुलदीप, दीदार व रवि राणा भूख हड़ताल पर बैठे। ग्राम मुखियाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया।

राजेश गोयत ने कहा कि भाजपा सरकार ने गांव के विकास को रोकने का काम किया है। सरकार सरपंचों पर अनेक शर्तें थोप कर गांव में हो रहे विकास को रोकने का काम कर रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को बेइज्जत कर सरपंचों के मान सम्मान को ठेस पहुंचाने का काम किया है। समर्थन देने के लिए कांग्रेस नेत्री डाॅ. स्नेहलता धरने पर पहुंचीं।