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कोर्ट परिसर में बडेसरा के पीड़ित परिवार पर हमला, दो लोग जख्मी

काेर्ट परिसर में मंगलवार को पुस्तैनी जमीन उतरवाने के लिए कोर्ट में आए गांव बडेसरा के पीड़ित परिवार के सदस्यों पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 17, 2018, 02:20 AM IST

काेर्ट परिसर में मंगलवार को पुस्तैनी जमीन उतरवाने के लिए कोर्ट में आए गांव बडेसरा के पीड़ित परिवार के सदस्यों पर कुछ युवकों ने हमला कर दिया। इसमें दो व्यक्ति घायल हो गए। घायलों ने एसपी से लिखित शिकायत देकर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। मामले को बडेसरा में चुनावी रंजिश को लेकर आठ जुलाई को हुए डबल मर्डर मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।

बडेसरा निवासी राजकुमार, विकास व पवन अपने पिता की मौत के बाद पुस्तैनी जमीन को उतरवाने के लिए मंगलवार को तहसील कार्यालय में आए थे। जब राजकुमार व पवन परिसर में स्थित टाइपिस्ट के पास बैठे जमीन के कागजात तैयार करवा रहे थे तो अचानक उन पर सात-आठ व्यक्तियों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। झगड़े में राजकुमार व पवन को चोटें आई।

घटना के बाद पीड़ित राजकुमार, पवन व विकास ने मामले की लिखित शिकायत एसपी एसएस भौरिया को दी। शिकायत में पीड़ितों ने हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। एसपी ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पीड़ित परिवार के विकास ने बताया कि हमलावर पक्ष के सदस्यों ने आठ जुलाई को खेत से घर आते समय उसके पिता बलजीत, दादा भलेराम व परिवार के सदस्यों पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया था, जिसमें उसके पिता बलजीत व दादा भलेराम की मौत हो गई थी तथा परिवार के पांच सदस्य घायल हुए थे। मंगलवार को उन पर हमला करने वाले उसी पक्ष के सदस्य है जो उन पर बार बार समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। बडेसरा में राजकुमार, विकास व पवन के परिवार का गांव में ही दूसरे पक्ष के लोगों से चुनावी रंजिश को लेकर विवाद बना हुआ था। इसी के चलते आठ जुलाई को दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हो गया था। इसमें विकास के पिता व दादा की मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में 51 लोगों को नामजद किया था।

आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीड़ित पक्ष परिवार समेत लगभग 15 दिनों तक लघु सचिवालय के बाहर धरना पर बैठा रहा था। पुलिस नामजद लोगों में से 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

पीड़ित पक्ष ने एसपी को परिवार की जान माल की सुरक्षा गुहार लगाई थी। तभी से पीड़ित पक्ष को पुलिस सुरक्षा व्यवस्था मिली हुई है और राजकुमार व विकास को पुलिस ने आर्म्स लाइसेंस भी दे रखा है। पीड़ित पक्ष का आरोप हैं कि अब भी उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है और घरों से निकलना भी मुश्किल कर रखा है। उन पर आरोपी पक्ष के लोग बार बार समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं। उन्होंने पुलिस से हत्या के सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की भी मांग की है।

ये है रंजिश की वजह

पंचायत चुनाव में बडेसरा गांव में सुदेश को सरपंच निर्वाचित किया गया था। चुनाव में शैक्षणिक योग्यता लागू होने पर गांव के दूसरी पार्टी के लोगों ने डीसी को एप्लीकेशन देकर सरपंच चुनाव में फर्जी प्रमाण पत्र प्रयोग का आरोप लगाया था। इस पर डीसी ने जांच की तो शिकायत दुरुस्त पाई गई। इसके चलते प्रशासन ने सुदेश देवी को सरपंच पद से बर्खास्त कर दिया। इस मामले में मृतक बलजीत ने सरपंच के खिलाफ गवाही दी थी। इसके बाद से दोनों परिवारों में वैमनस्य बढ़ा हुआ है।

यह हुई थी कार्रवाई

इस मामले में थाना बवानीखेड़ा पुलिस ने नौ जुलाई को भादसं की धारा 302, 307,147, 148, 149, 323, 506 और 341 के तहत एवं शस्त्र अधिनियम 25, 54 और 59 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में एसपी ने आरोपितों को पकड़ने के लिए एसआईटी का गठन किया गया तथा इसकी जिम्मेदारी डीएसपी विजय देशवाल को सौंपी गई है।

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