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आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने लिया कैंडल मार्च और जेल भरो का फैसला

आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर्स यूनियन संबंधित सीटू संबंधित सर्व कर्मचारी संघ ने धरना देकर प्रदर्शन किया।...

Dainik Bhaskar

Mar 08, 2018, 02:20 AM IST
आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने लिया कैंडल मार्च और जेल भरो का फैसला
आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर्स यूनियन संबंधित सीटू संबंधित सर्व कर्मचारी संघ ने धरना देकर प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर्स ने 8 मार्च को कैंडल मार्च व 9 मार्च को जेल भरने का निर्णय लिया। आंगनबाड़ी वर्कर्स ने हड़ताल जारी रखते हुए डीसी कार्यालय के बाहर धरना दिया तथा बाद में शहर में जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन किया।

धरने की अध्यक्षता जानकी व सुदेश ने संयुक्त रूप से की। जिला प्रधान कमलेश ने बताया कि सरकार आंगनबाड़ी वर्करों की मांगों की उपेक्षा कर रही है। हरियाणा में उनकी शत प्रतिशत हड़ताल होने के बाद सरकार उनकी मांगों पर सर्व मान्य हल नहीं निकाल रही है जबकि 45वेें श्रम सम्मेलन में स्पष्ट अनुमोदन कर दिया था कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मजदूर मानते हुए उनको न्यूनतम वेतन व सेवानिवृति लाभ दिए जाए। परन्तु हरियाणा व केंद्र सरकार मजदूर का दर्जा देने को भी तैयार नहीं है। उन्होंने बताया कि यदि उनकी मांगे राज्य सरकार लागू नहीं करेगी तो 8 मार्च को महिला दिवस पर मशाल जुलूस निकाले जाऐंगे तथा 9 मार्च को आंगनबाड़ी महिलाएं जेल भरेंगी। उन्होंने बताया कि यदि सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो कुछ दिनों के बाद आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा भी आंगनबाड़ी महिलाओं के आंदोलन को समर्थन देगी। इस अवसर पर कामरेड ओमप्रकाश, रणधीर, मास्टर शेर सिंह, राजबाला, संतोष ग्रेवाल, ईश्वर, प्रोमिला, सरोज, दर्शना, किरण आदि थे।

कहा- सरकार आंगनबाड़ी वर्करों की मांगों की कर रही उपेक्षा

हकों के लिए की भूख हड़ताल

भूख हड़ताल पर रही आंगनबाड़ी वर्कर्स

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं हेल्पर्स ने जिला प्रधान मूर्ति बिजारणिया, उर्मिला वशिष्ठ, सुहानवती काटिया, सरोज, उर्मिला, कृष्णा ने लघु सचिवालय के सामने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दूसरे दिन धरने पर बैठी। उन्होंने बताया कि यह धरना 6 मार्च से आरंभ है और तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्परों ने अपनी मांगों को लेकर इससे पहले भी 12 फरवरी से लम्बा संघर्ष किया है लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। उन्होंने बताया कि एक तरफ तो सरकार महिला हितैषी होने का झूठा नाटक रच रही है।

म्हारी मांगें पूरी करो...। लघु सचिवालय परिसर के बाहर धरने के दौरान नारेबाजी करती आंगनबाड़ी वर्कर एंड हेल्पर्स यूनियन संबंधित सीटू की सदस्य।

लघु सचिवालय परिसर के बाहर भूख हड़ताल के दौरान नारेबाजी करती आंगनवाड़ी वर्कर एंड हैल्पर्स यूनियन की मूर्ति बिजारणिया व अन्य।

प्राधिकरण की सचिव शिफा ने किया जेल का निरीक्षण

जेल में नियुक्त पीएलवी की समस्याएं सुनीं

भास्कर न्यूज | भिवानी

जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश एएस नारंग के मार्गदर्शन में प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम शिफा ने बुधवार को जिला कारागार का दौरा किया। उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और जेल में नियुक्त पीएलवी की समस्याएं सुनी व जरूरी निर्देश दिए।

प्राधिकरण सचिव शिफा ने कारागार के पीएलवी को निर्देश देते हुए बताया कि वे जेल-बंदियों को प्राधिकरण की ओर से प्रदान की जा रही कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दें। इसके लिए आवेदन करने वाले नए जेल-बंदियों का नाम रजिस्टर में दर्ज किया जाएं और रजिस्टर को दुरूस्त रखें।

उन्होंने बताया कि ऐसे जेल-बंदी जो अपना मुकदमा लड़ने के लिए वकील करने में असमर्थ है, उनको प्राधिकरण की तरफ से कानूनी सहायता मुहैया करवाई जाएं। उन्होंने बताया कि कारागार में रोजाना दाेपहर तीन से पांच बजे तक प्राधिकरण का एक अधिवक्ता अपनी सेवाएं देने के लिए आता है, इसके बारे में भी जेल-बंदियों को जानकारी होनी चाहिए ताकि वे अपने केस की पैरवी के लिए कानूनी जानकारी ले सके। उन्होंने जेल अधीक्षक सत्यवान, उप अधीक्षक अमित अत्री से जेल-बंदियों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

विशेष कानूनी जागरूकता शिविरों में दी जानकारी

भिवानी | शहर के विभिन्न स्थानों पर महिला दिवस के अवसर पर विशेष कानूनी जागरूकता शिविरों में पैनल अधिवक्ताओं ने घर-घर जाकर महिलाओं को प्राधिकरण की ओर से प्रदान की जा रही कानूनी सहायता की जानकारी दी।

बुधवार को पैनल अधिवक्ता दयानंद सैनी व पीएलवी गोपाल कृष्ण ने दादरी गेट क्षेत्र, अधिवक्ता प्रदीप वशिष्ठ व पीएलवी निजाम खान ने लेबर कॉलोनी में घर-घर जाकर महिलाओं पर होनी वाली हिंसा के प्रति जागरूक करते हुए उनको उनके अधिकार व कर्तव्यों के बारे में, घरेलू हिंसा अधिनियम, विधिक सेवा अधिनियम, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम, बाल विवाह अधिनियम, पीएनडीटी एक्ट व महिलाओं के अधिकार और मानवाधिकार के बारे में बताया। इस अवसर पर रोशनी देवी, गीता, रीना, उर्मिला आदि मौजूद थे।

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