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तीन दौर की बातचीत के बाद बनी सहमति, जाटों की ट्रैक्टर रैली रद्द

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैली के विरोध पर अड़े जाट नेताओं को दिल्ली में रविवार की देर रात हुई बैठक में सीएम मनोहर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 12, 2018, 03:20 AM IST

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैली के विरोध पर अड़े जाट नेताओं को दिल्ली में रविवार की देर रात हुई बैठक में सीएम मनोहर लाल ने मना लिया। हरियाणा किसान भवन में करीब पांच बजे से शुरू हुई तीन दौर की वार्ता रात 11.30 बजे खत्म हुई। इसमें सभी मुद्दों पर सहमति बनने के बाद जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने शाह की 15 फरवरी की बाइक रैली के विरोध में होने वाली ट्रैक्टर रैली टाल दी।

दरअसल पिछले वर्ष सरकार और समिति में मांगों को लेकर सहमति हुई थी, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने से समिति के सदस्य सरकार से खफा थे। शनिवार को सरकार की तरफ से समिति के सदस्यों को दिल्ली में मीटिंग करने का निमंत्रण दिया गया था। मीटिंग में मलिक और सरकार की तरफ से सीएम, बीरेंद्र सिंह और कृष्ण लाल पंवार मौजूद रहे।

सुबह 4 बजे से ही हरकत में थी सरकार, अर्जियों पर कराए दस्तखत

मीटिंग के बाद मीडिया को जानकारी देते सीएम मनोहर लाल खट्‌टर।

केंद्र सरकार इसी सत्र में आरक्षण के लिए लेकर आएगी विधेयक

मांग : 19 मार्च 2017 को हुए समझौते के अनुसार हरियाणा सरकार से संबंधित मांगें कब तक पूरी होंगी।

सहमति : सरकार ने कहा कि काफी मामले पहले ही वापस ले लिए गए हैं। जो मामले शेष हैं, वो सभी वापस लिए जाएंगे। आंदोलन में मारे गए लोगों के आश्रितों को सरकार पहले ही नौकरी दे चुकी है।

मांग : केंद्र के लिए लोकसभा में राष्ट्रीय सामाजिक व शैक्षणिक पिछड़ा वर्ग आयोग बिल कब तक पास हो जाएगा।

सहमति : सरकार ने कहा कि केंद्र में सरकार इसी सेशन में आरक्षण के लिए बिल लेकर आएगी। राज्य में इसके लिए सरकार न्यायालय के आदेश के अनुसार 31 मार्च तक सभी आंकड़े जुटाकर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को उपलब्ध कराएगी।

मांग : सीबीआई के पास चल रहे केसों का क्या होगा।

सहमति : इन मामलों पर सरकार सीधे तौर पर कुछ नहीं कर सकती। इसके लिए हरियाणा प्रभारी अनिल जैन और महासचिव भूपेंद्र यादव को जिम्मेदारी दी गई है। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला से संबंधित मुद्दों पर सरकार के प्रतिनिधि चुप्पी साधे रहे। सरकार ने कहा कि यह आपका आंतरिक मामला है। वहीं, हिसार में हुए हमले की जांच कर जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया है।

जाट आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को सरकार ने रविवार सुबह वापस लेना शुरू कर दिया। बहादुरगढ़ में पुलिस व अधिकारी लोगों के घर जाकर सूचना देने लगे कि आपका मुकदमा वापस हो गया है। इस पर लोगों के हस्ताक्षर भी कराए। इस बारे में बैठक में भी चर्चा हुई। सरकार ने बताया कि रविवार को छुट्टी के बावजूद कार्यालय खुलवाए और सभी जिलों में मुकदमे वापस लिए गए हैं। जल्द ही सभी मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे।

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