Hindi News »Haryana »Kadma» पेशेवर अपराधियों को हकोका लगने के बाद नहीं मिलेगी जमानत

पेशेवर अपराधियों को हकोका लगने के बाद नहीं मिलेगी जमानत

कुख्यात अपराधियों के साथ-साथ गैंगस्टरों पर नकेल कसने के लिए हरियाणा में जल्द हकोका (हरियाणा कंट्रोल ऑफ...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 31, 2018, 10:25 PM IST

कुख्यात अपराधियों के साथ-साथ गैंगस्टरों पर नकेल कसने के लिए हरियाणा में जल्द हकोका (हरियाणा कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट) लागू किया जाएगा। यह महाराष्ट्र में मकोका एक्ट की तर्ज पर लागू होगा। इसे लेकर प्रदेश सरकार की पुलिस से बातचीत चल रही है। अब जल्द ही इसे लागू करके ऐसे अपराधियों पर नकेल कसी जाएगी, जो सिलसिलेवार अपराध से जुड़े हैं। जिस पर डीजीपी हरियाणा के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने भी सहमति जताई।

दरअसल, आज भी प्रदेश के कई हिस्सों में ऐसे पेशेवर गैंग काम कर रहे हैं, जो पुलिस के लाख प्रयास के बाद भी वारदातों को अंजाम देने से बाज नहीं आ रहे। यही नहीं कोर्ट से जमानत पाने के बाद वह दोबारा संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ जाते हैं और फिर पुलिस के लिए सिरदर्द बन जाते हैं। ऐसे अपराधियों पर हरियाणा पुलिस ने हकोका एक्ट लागू करने का फैसला लिया है। इसके लिए सरकार की पुलिस अधिकारियों के साथ कई चरणों में मीटिंग भी हो चुकी है और अब इसे जल्द लागू कर दिया जाएगा। बताना जरूरी है कि इसकी शुरुआत सबसे पहले महाराष्ट्र पुलिस ने की थी, जो दिल्ली में भी लागू है।

इनकी नहीं होगी जमानत

अंडरवर्ल्ड से जुड़े अपराधियों के अलावा लगातार जबरन वसूली, किडनैपिंग, हत्या या हत्या की कोशिश और अन्य संगीन अपराध करने वालों के खिलाफ इस कानून के तहत केस दर्ज किया जाएगा। खास बात यह है कि इस कानून के लागू होने के बाद पेशेवर अपराधियों की जमानत का अधिकार भी लगभग खत्म हो जाएगा।

दो अपराधों में लगेगा हकोका

इस कानून के तहत किसी भी आरोपी के खिलाफ तब मुकदमा दर्ज होगा, जब दस साल के दौरान वह कम से कम दो अपराधों में शामिल पाया गया हो। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ एफआईआर के बाद चार्जशीट भी दाखिल की गई हो। पुलिस को 180 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का अधिकार होगा। अगर पुलिस ऐसा नहीं करती तो आरोपी को कोर्ट से जमानत मिल जाएगी।

हकोका व आईपीसी में फर्क

इस कानून के लागू होने के बाद पुलिस आरोपी का 14 दिन से अधिक 30 दिन तक का रिमांड ले सकेगी, जो इस समय आईपीसी में 14 दिन तक ही सीमित है। आईपीसी के तहत कानून में पुलिस को 60 से 90 दिनों के भीतर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट फाइल करनी होती है। मगर इस कानून के तहत यह अवधि 180 दिन तक बढ़ जाती है।

महाराष्ट्र का मकोका कानून

महाराष्ट्र सरकार ने 1999 में मकोका बनाया था। इसका मुख्य मकसद अंडरवर्ल्ड और पेशेवर अपराधियों को खत्म करना है। वर्ष 2002 में दिल्ली सरकार ने भी इसे लागू किया।

हकोका लागू करने के लिए सरकार से बातचीत चल रही है। इससे पुलिस को मजबूती मिलेगी और अपराध खत्म होगा। साथ ही क्राइम भी काफी हद तक कंट्रोल हो जाएगा। जल्द ही इसे लागू किया जाएगा। -बीएस संधू, डीजीपी हरियाणा।

कठोर सजा का प्रावधान

हकोका के लगने के बाद संलिप्त अपराधी पर दोष साबित होने के बाद कम से कम 5 साल और अधिक से अधिक फांसी का प्रावधान है। आईपीसी में बहुत कम केसों में फांसी की सजा का प्रावधान है। -ओमप्रकाश, अधिवक्ता

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Kadma

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×