पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Kaithal News Haryana News Administration Made The Floor Of The New Grain Market Empty

प्रशासन ने नई अनाज मंडी का फड़ फर्श करवाया खाली

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नई सब्जी में दूसरे दिन भी सब्जी आढ़तियों ने हड़ताल रखी। आढ़तियों ने धरना देकर मार्केट कमेटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं दोपहर के समय प्रशासन ने तहसीलदार छोटू राम के नेतृत्व में मंडी का फड़ फर्श खाली करवा दिया। यह फर्श किसानों द्वारा सब्जी व फल रखने के लिए प्रयोग किया जाता है, जबकि वर्तमान में यहां दुकानदार सब्जी बेच रहे थे। वहीं नई सब्जी मंडी एसोसिएशन प्रधान वीरेंद्र सतीजा, चेयरमैन मुकुंद कालड़ा, उप प्रधान राजकुमार कालड़ा ने कहा कि कोई भी व्यक्ति नियमानुसार सीधे मंडी में आकर सब्जी नहीं बेच सकता है। मासाखोर भी सीधे तौर पर आढ़तियों से जुड़े हैं और आढ़त देकर सब्जी बेचते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। दूसरे दिन भी सब्जी मंडी बंद होने से शहरवासियों को परेशानी हुई। अधिक परेशानी होटल व ढाबों वालों को हो रहा है। क्योंकि होटल व ढाबों में सब्जी का अधिक प्रयोग होता है। होटल संचालक तिलक राज व ढाबा संचालक मोहन लाल ने बताया कि हड़ताल के कारण उन्हें दूसरी दुकानों से महंगी सब्जी खरीदनी पड़ रही है, जबकि मंडी से कम दामों पर बेहतर सब्जी मिल जाती थी। वे सुबह मंडी में पहुंचे थे, लेकिन हड़ताल के कारण वे वापस आ गए। हालांकि सब्जी के शहर में काफी स्थानों पर दुकानें खुली हैं। लोग वहां से सब्जी खरीद रहे हैं। बता दें कि मंगलवार को आढ़ती व एक किसान में बिना आढ़त दिए मंडी में सब्जी बेचने को लेकर विवाद हो गया था। जिसमें आढ़तियों ने किसान के खिलाफ सिटी थाने में शांति भंग करने का मामला दर्ज करवाया था। उसके बाद से ही विवाद बढ़ गया है। किसानों ने भी आढ़तियों के खिलाफ एसपी को शिकायत दी है।

कैथल | बंद पड़ी सब्जी मंडी व बाहर से सब्जी खरीदते लोग।

सब्जी मंडी एसोसिएशन की मांग

सब्जी मंडी में जो भी किसान व व्यापारी सब्जी लेकर आएगा वह सब्जी मंउी में आढ़ती द्वारा ही बेचा जाएगा। किसान से केवल मजदूरी, उतरवाई व तुलवाई ली जाएगी। कमीशन आढ़ती खरीदार से ले लेते हैं। मंडी के दोनों गेट ठीक करवाए जाए, सफाई, बेसहारा पशुओं को पकडऩा, शौचालयों की व्यवस्था को ठीक करना व पेयजल का इंतजाम किया जाए। अगर कोई आढ़ती किसान से आढ़त की वसूली करेगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मासाखोरों के लिए शैड निर्माण किया जाए व मंडी में पुलिस सुरक्षा दी जाए।

खबरें और भी हैं...