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एसडीएम ने नपा कार्यालय में अधिकारियों के साथ की बैठक, ईवीएम भी जांची गईं

नगरपालिका की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट कुछ नगर पार्षदों की ओर से प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए...

Dainik Bhaskar

Apr 04, 2018, 02:25 AM IST
एसडीएम ने नपा कार्यालय में अधिकारियों के साथ की बैठक, ईवीएम भी जांची गईं
नगरपालिका की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट कुछ नगर पार्षदों की ओर से प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए डीसी प्रभजोत सिंह को सौंपे गए शपथ पत्र के बाद प्रशासन की ओर से अविश्वास प्रस्ताव को लेकर 4 अप्रैल की तिथि तय की गई है। अविश्वास प्रस्ताव शहर में चर्चा का माहौल है कि प्रधान अपने पद पर बनी रहेगी या फिर प्रधान की कुर्सी गिरेगी।

अविश्वास प्रस्ताव को लेकर मंगलवार को एसडीएम बिजेंद्र सिंह ने नगर पालिका कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक ली और ईवीएम से होने वाली चुनाव प्रक्रिया को लेकर मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निष्पक्ष तरीके से चुनाव प्रक्रिया संपन्न करवाने और कमियों को दूर करने के दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर पालिका सचिव ऋषिकेश चौधरी, एसएचओ ओमप्रकाश, रीडर संजीव शर्मा, एसआई अविनाश सिंगला, पार्षद संदीप वर्मा उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि गत 28 फरवरी को नगरपालिका प्रधान की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट दस नगर पार्षदों ने डीसी प्रभजोत सिंह को सिरसा पहुंचकर अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए शपथ पत्र सौंपा था। नपा प्रधान सोनू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर वार्ड तीन की नगर पार्षद रजनी, चार की पूजा, पांच के संदीप वर्मा, छह की शालू सिंगला, सात के अमरजीत जिंदल, आठ के अमृतपाल, नौ के राजीव गर्ग, 11 के मनीष जिंदल, 12 के हरबंस सिंह, 15 की सुलोचना देवी ने डीसी से मुलाकात की और प्रधान की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए एसडीएम बिजेंद्र सिंह ने तारीख निर्धारित कर सभी नगर पार्षदों को समय पर पहुंचने के निर्देश जारी किए। अब डीसी सिरसा की ओर से उपमंडल अधिकारी बिजेंद्र सिंह को चुनाव अधिकारी नियुक्त करते हुए 4 अप्रैल की तारीख तय की है। चुनाव का समय सुबह 11 बजे रहेगा और चुनाव ईवीएम मशीन से चुनाव होगा। नगरपालिका प्रधान की कुर्सी गिराने के लिए प्रधान के खिलाफ 10 पार्षदों का मत डालना जरूरी है।

प्रधान पर गठबंधन धर्म नहीं निभाने का आरोप

पहले डेढ़ वर्ष इनेलो का प्रधान व भाजपा का उपप्रधान, उसके बाद डेढ़ वर्ष भाजपा का प्रधान व इनेलो का उपप्रधान और बाकी कार्यकाल के लिए यही समझौता तय हुआ था जिसके लिए बाकायदा डेरा बाबा मंढाला में शपथ भी उठाई थी। मगर अब असंतुष्ट पार्षदों ने इनेलो समर्थित प्रधान पर पद नहीं छोड़ने का आरोप जड़कर अविश्वास प्रस्ताव लाना ही उचित समझा है। फिलहाल उक्त मामला मंडी में चर्चा का विषय बना रहा। बताया जाता है कि इनेलो समर्थित प्रधान को अब कांग्रेस समर्थित कुछ पार्षदों ने समर्थन देने का विश्वास दिलाया है। यदि कांग्रेस समर्थित पार्षद प्रधान को समर्थन देते है तो प्रधान की कुर्सी बच सकती है।

नपा के प्रधान पद के चुनाव की तैयारियों का जायजा लेते एसडीएम बिजेंद्र सिंह।

नपा का समीकरण

भाजपा पार्षद 4

इनेलो पार्षद 4

कांग्रेस 7

कुल पार्षद 15

दो तिहाई बहुमत 10

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