Hindi News »Haryana »Kalanwali» छोटे बच्चों में अधिक फैलता है खसरे का संक्रमण

छोटे बच्चों में अधिक फैलता है खसरे का संक्रमण

गांव रोड़ी में गुरुवार को खसरा टीकाकरण अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की एएनएम व आशा वर्कर ने 220 बच्चों का टीकाकरण...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 27, 2018, 02:30 AM IST

छोटे बच्चों में अधिक फैलता है खसरे का संक्रमण
गांव रोड़ी में गुरुवार को खसरा टीकाकरण अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की एएनएम व आशा वर्कर ने 220 बच्चों का टीकाकरण किया। साथ ही बच्चों की माताओं को स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। सुपरवाइजर सरीना कुमारी व एएनएम करनैल कौर ने कहा कि टीकाकरण से खसरा रोगों से बचाव होगा।

उन्होंने कहा कि खसरा रोग एक संक्रामक रोग है। खसरे का संक्रमण सबसे ज्यादा छोटे बच्चों में फैलता है और इस रोग के कारण शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है और यह रोग कई लोगों को अपना शिकार बना लेता है। इसमें मुख्य लक्षणों अनुसार खसरे के बुखार में तीन से चार दिन के बाद सारे शरीर पर लाल दाने हो जाते और इसके बाद में त्वचा पर गहरे रंग के दाग भी छोड़ जाते हैं। इनकी शुरूआत पहले सिर से होती है। इन लाल दानों में पानी भी भरा होता है और इनमें खुजली भी होती है। इसलिए लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक होकर समय पर उपचार व टीकाकरण कराना चाहिए। इसके दौरान 9 माह की आयु से लेकर 15 वर्ष की आयु तक के सभी स्कूली बच्चों को निशुल्क खसरा व रुबेला की रोकथाम के लिए टीकाकरण किया गया। उन्होंने कहा कि बचे हुए बच्चों का टीकाकरण बुधवार को सरकारी अस्पताल में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में लोग बीमारियों जैसे डायरिया, हैजा, खसरा रोग, चेचक और पेचिश आदि के शिकार हो रहे हैं। जिसमें खासतौर से बच्चे इसका मुख्य शिकार होते हैं। इसका मुख्य कारण इन रोगों की जानकारी का न होना है जिससे बच्चे इन रोगों के शिकार हो जाते हैं। इस अवसर पर एएनएम ऊषा रानी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुरेंद्र कौर, आशा वर्कर जानकी देवी, ललिता रानी, मुख्याध्यापिका सुरजीत कौर, वीरपाल कौर, जसप्रीत कौर, सतीश कुमार, दर्शन सिंह, जसबीर सिहं, नाजर सिहं, एसएमसी प्रधान जसकरण सिंह व अन्य मौजूद थे।

खसरे के टीके के बाद बच्चों को दें फलों की खुराक: कौर

कालांवाली। राजकीय स्कूल में छात्रों को खसरा रूबेला का टीकाकरण करते हुए एएनएम।

कालांवाली | खसरा व रुबेला से बचाव को टीकाकरण अभियान के तहत गुरुवार को गांव कालांवाली के राजकीय स्कूल में मुख्याध्यापिका कृष्णा देवी की देखरेख में छात्राओं के खसरा व रुबेला के टीके लगाए गए।

एएनएम गुरसंत कौर ने बताया कि टीकाकरण अभियान को लेकर पुख्ता प्रबंध किए गए। बच्चों में टीकाकरण के बाद उनको फलों की खुराक भी दी गई। एएनएम ने बताया कि रुबेला वायरस जिसे जर्मन मीजल्स भी कहा जाता है, यह विषाणु करीब तीन दिन तक अपना असर दिखाता है और इसलिए इसे अक्सर ‘तीन दिन का खसरा भी कहा जाता है। जिन लोगों को रुबेला होता है, उनमें से करीब आधे लोगों को तो इसके कोई लक्षण महसूस नहीं होते। इसलिए उन्हें शायद पता भी नहीं चलता कि उन्हें रुबेला है। संक्रमण के कुछ दिनों बाद चेहरे और गर्दन पर लाल धब्बेदार चकत्ते उभर सकते हैं और इनमें खुजली भी हो सकती है। मौके पर आशा वर्कर दलजीत, पूनम रानी, परमजीत कौर उपस्थित रही।

India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Kalanwali News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: छोटे बच्चों में अधिक फैलता है खसरे का संक्रमण
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Kalanwali

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×