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तहसील में स्टाफ की कमी के चलते आमजन को झेलनी पड़ रही परेशानी

प्रदेश सरकार की ओर से शहर की उप-तहसील को तहसील बनाने के बावजूद भी स्टॉफ की कमी पूरी नहीं हो पाई है। कर्मचारियों पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 04, 2018, 02:35 AM IST

तहसील में स्टाफ की कमी के चलते आमजन को झेलनी पड़ रही परेशानी
प्रदेश सरकार की ओर से शहर की उप-तहसील को तहसील बनाने के बावजूद भी स्टॉफ की कमी पूरी नहीं हो पाई है। कर्मचारियों पर काम का बोझ अधिक बढ़ने के साथ आमजन को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा डीसी के आदेशों के बावजूद भी सीएचसी केंद्र में किराए के भवन में चल रहे तहसील कार्यालय को अभी तक खाली नहीं किया गया है। जिसके चलते आमजन में सरकार व प्रशासन के प्रति काफी नाराजगी है।

प्रदेश सरकार की ओर से करीब एक वर्ष पूर्व कालांवाली उप-तहसील का दर्जा बढ़ाकर तहसील कर दिया गया था और कालांवाली को उपमंडल बना दिया गया था। उपमंडल का दर्जा मिलने के बाद डबवाली तहसील के 20 व सिरसा तहसील के 8 गांवो को शामिल कर तहसील में करीब 66 गांव कर दिए गए।

तहसील कार्यालय में सरसों बेचने के लिए फर्द लेने पहुंचे दर्शन सिंह ओढ़ां, इकबाल सिंह सुखचैन, दवेंद्र सिंह ख्योवाली, बलजीत सिंह जलालआना, सुखबीर सिंह, गुरदीप सिंह ने बताया कि वे फर्द लेने के लिए दो दिन से तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहें है। उन्होंने बताया कि कभी कार्यालय का सिस्टम खराब होने व कभी आॅपरेटरों की कमी के कारण खाली हाथ लौटना पड रहा है।

कालांवाली। तहसील कार्यालय में फर्द लेने के लिए कतार में खड़े किसान।

कर्मचारियों की कमी है: तहसीलदार

आॅपरेटरों की कमी के चलते काफी दिक्कतें पेश आ रही है। आॅपरेटरों की हड़ताल के चलते भी काम ज्यादा हो गया है। उप-तहसील के समय कार्यालय में 8 आॅपरेटर काम करते थे लेकिन तहसील बनने के बाद अब कार्यालय में 7 आॅपरेटर काम कर रहे है। इसमें से एक ने एक माह की छुट्टी ले ली है। उन्होंने बताया कि आॅपरेटरों की संख्या बढाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों का पत्र लिखा है उम्मीद है कि आॅपरेटरों की नियुक्ति जल्द हो जाएगी। '' छोटू राम भाखर, तहसीलदार कालांवाली

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