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सात दिन पहले ही गेहूं खरीद बंद, पिछली बार से 8 लाख क्विंटल ज्यादा हुई आवक

Kalanwali News - भास्कर न्यूज | सिरसा/ कालांवाली सरकार ने गेहूं की खरीद एक बार फिर बंद कर दी है। सरकार का मानना है कि अब तक सभी...

Dainik Bhaskar

May 10, 2018, 02:50 AM IST
सात दिन पहले ही गेहूं खरीद बंद, पिछली बार से 8 लाख क्विंटल ज्यादा हुई आवक
भास्कर न्यूज | सिरसा/ कालांवाली

सरकार ने गेहूं की खरीद एक बार फिर बंद कर दी है। सरकार का मानना है कि अब तक सभी किसानों की गेहूं मंडियों में आ चुकी है। अब जो गेहूं आ रही है वो व्यापारियों और दूसरे राज्यों से आ रही है। इसलिए अब गेहूं की खरीद नहीं की जाएगी। यह फैसला मंगलवार को चंडीगढ़ में हुई मीटिंग में लिया गया। जिसे बुधवार से प्रदेशभर में लागू कर दिया है। सरकार की तरफ से गेहूं की खरीद बंद करने से एक बार फिर आढ़तियों और किसानों ने रोष जताया है। सिरसा में आढ़ती विरोध करने की चेतावनी दे रहे हैं। वहीं कालांवाली में बुधवार को किसानों और आढ़तियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन भी किया है। आढ़तियों ने दुकानें बंद करके तो किसानों ने अनाज मंडी के गेटों को ताला लगाकर रोष जताया है। न्यू आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान प्रदीप जैन ने बताया कि हर बार खरीद एजेंसियों की ओर से ़15 मई तक गेहूं की खरीद की जाती है। लेकिन इस बार सरकार की गलत नीतियों के चलते डीएफएससी ने तो गेहूं की खरीद 30 अप्रैल से ही बंद कर दी थी । जबकि हैफेड ने भी अब गेहूं की खरीद बंद कर दी।

सरसों खरीद बंद करने पर किसानों ने किया प्रदर्शन

हैफेड ने 9 मई को बड़ागुढ़ा, अलीकां, मत्तड़, जंडवाला व घुक्कांवाली के किसानों से सरसों की खरीद करनी थी। जब किसान मंडी में सरसों लेकर पहुंचे ताे सरसों खरीदने से मना कर दिया गया। इस पर किसानों ने अनाज मंडी के चारों गेटों पर ताला लगा दिया और मार्केट कमेटी कार्यालय के समक्ष धरना लगाकर बैठ गए। किसान विनोद कुमार, हरभजन सिंह, मनजीत सिंह, शंकर बैनीवाल, नंबरदार रामजी लाल, मेजर सिंह, निहाल सिंह, सुनील, बलजीत सिंह ने बताया कि सरकार के इस किसान विरोधी फैसले से किसान वर्ग दुखी व परेशान है। जब तक सरकार अपना फैसला वापिस लेकर खरीद शुरू नहीं करती हम धरने से नहीं उठेंगे। जिसके बाद मार्केट कमेटी सचिव मेजर सिंह व थाना प्रभारी गुलजारी लाल और हैफेड के मैनेजर ओमप्रकाश ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाया और कहा कि जो किसान मंडी में सरसों लेकर आए है। उनकी सरसों खरीद ली जाएगी। जिसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।

सरकार की ओर से 15 मई तक गेहूं खरीद का समय तय किया गया था। पिछले सप्ताह भी सरकारी एजेंसियों ने गेहूं खरीद से इंकार कर दिया था। दलील दी गई थी कि सरकार ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक की गेहूं खरीद ली है। लेकिन लोगों के रोष को देखते हुए गेहूं खरीद फिर से चालू कर दी थी। चार दिन खरीद सुचारू रहीं और आज फिर सरकारी एजेंसियों ने गेहूं खरीद से इंकार कर दिया है। इस प्रकार तय समय से सात दिन पहले ही सरकार ने गेहूं की सरकारी खरीद पर रोक लगा दी है। सीजन की शुरूआत में उन किसानों द्वारा मंडियों में गेहूं लाया गया, जिन्होंने कंबाइन के माध्यम से गेहूं की कटाई की।

डीसी प्रभजोत सिंह ने बताया कि जिला में अब तक 1 करोड़ 17 लाख 2 हजार 827 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है व 10 लाख 53 हजार 61 मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया जा चुका है। अब तक गेहूं उठान का 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। पिछले साल से 8 लाख क्विंटल गेहूं इस बार अधिक आया है। उन्होंने बताया कि जिला की विभिन्न मंडियों व खरीद केंद्रों में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर 1,99,5,90 मीट्रिक टन, हैफेड की ओर से 6,75,334 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इसी प्रकार भारतीय खाद्य निगम द्वारा 1,03,449 मीट्रिक टन, हरियाणा वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन द्वारा 1,94,454 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। डीएफएससी अशोक बंसल ने बताया कि सरकार ने खरीद बंद कर दी है। सभी किसानों का गेहूं आ चुका है। अब व्यापारियों का गेहूं मंडियों में आ रहा था। अब गेहूं नहीं खरीदा जाएगा।

कालांवाली।अनाजमंडी में गेंहू व सरसो की खरीद न होने के विरोध में मंडी के गेट के सामने धरना देकर प्रदर्शन करते किसान।

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