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सीएम सिटी में अव्यवस्था

सीएम सिटी को स्मार्ट सिटी कहा जाने लगा है, लेकिन सिटी की 50 से अधिक कॉलोनियों के लोग मूलभूत सुविधाओं वंचित हैं। इन...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:30 AM IST
सीएम सिटी 
 में अव्यवस्था
सीएम सिटी को स्मार्ट सिटी कहा जाने लगा है, लेकिन सिटी की 50 से अधिक कॉलोनियों के लोग मूलभूत सुविधाओं वंचित हैं। इन कॉलोनियों में लोगों को गंदे पानी की निकासी के लिए न गली की सुविधा है और न ही बरसाती पानी की निकासी का बंदोबस्त है। सड़कें कच्ची और ऊबड़-खाबड़ बनी हुई हैं। सीवर तो क्या पेयजल की सुविधा भी नहीं है।

शहर की आबादी दो हिस्सों में बंटती जा रही है। एक तो वे लोग जो टैक्स चुका कर सभी तरह की सुविधाओं के भागीदारी बने हुए हैं। दूसरा वे लोग जो टैक्स अदा कर मूलभूत सुविधाओं को भी तरस रहे हैं। अपनी कॉलोनियों की हालत देखकर लोग नगर पार्षद से लेकर सीएम तक को कोस रहे हैं। सड़क, सीवर, नाली, नाला व पेयजल सुविधा की उपलब्धता के लिए लोग पिछले 10 सालों से इंतजार कर रहे हैं। लोग सीधे तौर पर सरकार पर निशाना साधने लगे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में लोगों ने कहा कि आगामी चुनाव में पार्षदों व सरकार के नुमाइंदों से पूछा जाएगा, उनकी वोट तो वैध मानते हैं, लेकिन उनकी कॉलोनी वैध क्यों नहीं की जा रही हैं।

50 कॉलोनियों में न गली बनीं न सड़कें, सीवर व पीने का पानी तक नहीं

डेढ़ साल से अटका कॉलोनियों को वैध करने का मामला

पिछले डेढ़ साल से कॉलोनियों को वैध करने का मामला अटका हुअा है। पहले सरकार ने 50 प्रतिशत डेवलपमेंट चार्ज मांगा फिर से 1 हजार रुपए प्रतिवर्ग गज डेवलपमेंट चार्ज मांगा गया। लोगों ने देने से इनकार कर दिया, लेकिन अभी तक सरकार ने इस मामले में आगे कोई कदम नहीं उठाया। न तो कॉलोनियों को वैधता का दर्जा मिला और न उनमें मूलभूत सुविधाएं लोगों को मिल पाई हैं।

कॉलोनी वासियों ने उठाई आवाज, बोले-सरकार उनकी समस्या को क्यों नहीं समझ रही

टैक्स देते हैं, वाेट देते हैं फिर सुविधा क्यों नहीं


बरसात के दिनों में अपने ही घर जाना कठिन


सरकार के ये कैसे नियम हैं


कहां डालें घरों का गंदा पानी


मुद्दा सरकार के पास विचाराधीन है


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